WorksheetsLesson-14
Total questions: 15
Worksheet time: 8mins
बूढ़ी पृथ्वी का दुख’ कविता की रचयिता कौन हैं?
महादेवी वर्मा
निर्मला पुतुल
सुभद्रा कुमारी चौहान
ममता कालिया
कविता की शुरुआत किस भय से होती है?
युद्ध का भय
महामारी का भय
बाढ़ का भय
कुल्हाड़ियों का भय
सपनों में चमकती कुल्हाड़ियाँ’ किसका प्रतीक है?
मेहनत का
मनुष्य की विनाशकारी प्रवृत्ति का
आशा और विश्वास का
उत्सव का
पेड़ों की चीत्कार’ किस भावना व्यक्त करती है?
आनंद की
प्रेम की
प्रकृति की पीड़ा की
श्रद्धा की
विस्फोट से टूटकर छिटकता पत्थर’ पंक्ति में कौन-सा दृश्य दिखाया गया है?
पहाड़ों के खनन और विनाश का
भूकंप का
ज्वालामुखी का
वर्षा का
खून की उल्टियाँ करती हवा किस स्थिति का प्रतीक है?
वसंत ऋतु की
प्रेम की
प्रदूषण और विनाश की
डर की
कवयित्री ने पृथ्वी को ‘गुमसुम बूढ़ी’ क्यों कहा है?
वह शांत और संतुष्ट है
वह थकी, शोषित और मौन है
वह बहुत बीमार है
वह सो रही है
‘धमस’ शब्द किससे जुड़ा है?
ठंड से
खुशी से
थकान से
दुख और झटके की भावना
कवयित्री मनुष्य से किससे बात करने को कहती है?
देवताओं से
बूढ़ी पृथ्वी से
पर्वत से
पक्षियों से
कविता में ‘पत्थर की चीख’ क्या दर्शाती है?
मूर्तिकला की सुंदरता
खनन और विस्फोट की पीड़ा
भूकंप का डर
इमारतों का निर्माण
‘पेड़ों की चीत्कार’ में कौन-सा अलंकार है?
उपमा
रूपक
यमक
मानवीकरण
कवयित्री को मनुष्य के ‘आदमी होने’ पर क्यों संदेह है?
वह संवेदनाहीन है
वह डरपोक है
वह आलसी है
वह शक्तिहीन है
थोड़ा वक्त चुराकर बतियाता’ से कवयित्री क्या कहना चाह रही है?
आराम करो
काम से अवकाश लो
ध्यान लगाओ
पृथ्वी के दुख समझो और उससे जुड़ों
यह कविता किस शैली में लिखी गई है?
आदेशात्मक
प्रश्नात्मक
गीतात्मक
कथात्मक
‘चीत्कार’ शब्द का क्या अर्थ है?
मन लगाना
चित्त चुराना
चीख
चीता
