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WorksheetsNamahatta sb quizz
Total questions: 22
Worksheet time: 11mins
हम भगवान कृष्ण की सेवा किन-किन तरीकों से कर सकते हैं?
जप, श्रवण, कीर्तन, सेवा और प्रसाद ग्रहण
भगवान की मूर्ति, नाम और भक्तों का सम्मान
गीता-भागवत का अध्ययन व प्रचार
उपर्युक्त सभी
‘द्वन्द्व’ (Dvandva) किसे कहते हैं?
सुख–दुःख, लाभ–हानि, जीत–हार जैसे उतार-चढ़ाव
मन और बुद्धि का संघर्ष
इंद्रियों और विषयों का आकर्षण
रुक्मिणी जी किस राजा की पुत्री थीं?
राजा जनक
राजा द्रुपद
राजा भीष्मक
राजा विराट
राजकुमार रुक्मि द्वारा रुक्मिणी जी का विवाह किससे तय किया गया था?
जरासंध
शाल्व
शिशुपाल से
दुर्योधन से
भगवान ने नाग्नजिति से विवाह करने के लिए किस परीक्षा को पूरा किया?
दुर्योधन को पराजित करना
स्वयंवर में धनुष तोड़ना
सात साँड़ (बैल) को वश में करना
पर्वत उठाना
इन सात साँड़ों की क्या विशेषता थी?
वे पंखों वाले थे
उनके सींग टूटे थे
वे बहुत बूढ़े थे
उनकी नाकें छेदी हुई नहीं थीं
भगवान श्रीकृष्ण स्वर्ग क्यों गए थे?
नारद मुनि को आशीर्वाद देने
अर्जुन को बुलाने
अदिति को कुण्डल (earring) देने के लिए
इंद्र को दंड देने
सत्यभामा किस वस्तु को स्वर्गलोक से लाना चाहती थीं?
कामधेनु
कल्पवृक्ष
सुरभि गाय
पारिजात वृक्ष
भगवान के पारिजात ले जाने पर इंद्र का क्या भ्रम था?
कि कृष्ण धरती के राजा हैं
कि कृष्ण देवताओं से डरते हैं
कि कृष्ण वृक्ष का मूल्य नहीं जानते
कि कृष्ण भी अपनी पत्नी के वश में हैं (henpecked) जैसे वह स्वयं है ❗️
नरकासुर किसका पुत्र था?
अदिति का
दिति का
पृथ्वी देवी (धरत्री) का पुत्र था
लक्ष्मी का
नरकासुर किसकी बुरी संगति के कारण असुर (demon) बन गया?
रावण
कंस
बाणासुर
शिशुपाल
हम यदि असंगत (बुरी) संगति में पड़ जाएँ, तो सबसे पहला नुकसान क्या होता है?
धन-दौलत बढ़ जाती है
कुछ भी नहीं होता
विवेक नष्ट होने लगता है
भगवान का प्रेम बढ़ता है
मनुष्य बुरी संगति में पड़ते ही सबसे अधिक किससे दूर हो जाता है?
घर से
परिवार से
भक्तों की संगति और भगवान की याद से
पढ़ाई से
असंगति का पहला लक्षण है — मन का _______ हो जाना।
अशांत
दूषित
दोनों
चैतन्य महाप्रभु ने छोटा हरिदास को क्यों अलग किया?
उन्होंने गलत दान लिया
उन्होंने गुरु आज्ञा का पालन नहीं किया
उन्होंने किसी स्त्री से अनुचित व्यवहार किया
वे सेवा में आलसी थे
ŚB 3.3.7 के अनुसार, नारकासुर द्वारा किन्हें अपहरण करके घर में रखा गया था?
ऋषि-पुत्रियाँ
देवकन्याएँ
राजा की पुत्रियाँ
सामान्य नगर-स्त्रियाँ
राजकुमारियाँ भगवान को किस रूप में देख रही थीं, जिससे उन्हें आशा और राहत मिली?
धन के देवता
युद्ध के देवता
आर्त-बन्धु
सर्वज्ञ ऋषि
भगवान श्रीकृष्ण ने सभी राजकुमारियों के साथ विवाह कैसे किया?
एक ही रूप में जाकर
अपनी अंतरंगा शक्ति से अनेक रूपों में एक साथ प्रकट होकर
अपने दूत के माध्यम से
अलग-अलग समय पर
भगवान को “आर्त-बन्धु” — distressed का मित्र — क्यों कहा गया है?
इसका सही स्पष्टीकरण क्या हो सकता है?
क्योंकि भगवान केवल देवताओं की रक्षा करते हैं
क्योंकि वे सबसे ज़्यादा दुःख में पड़े जीवों को भी स्वीकार लेते हैं
क्योंकि वे अपमानित लोगों को सज़ा देते हैं
क्योंकि वे केवल भक्तों को ही uplift करते हैं
अद्वैतम् अच्युतम् अनादिम् अनन्त-रूपम्
आद्यं पुराण-पुरुषं नव-यौवनं च ।
वेदेषु दुर्लभम् अदुर्लभम् आत्म-भक्तौ
गोविन्दम् आदिपुरुषं तमहं भजामि ॥
का तात्पर्य क्या है?
भगवान अपने स्वरूपों में भिन्न-भिन्न और अलग-अलग शक्ति वाले हैं
भगवान के अनेकों रूप होने पर भी वे एक ही हैं और उनमें कोई अंतर नहीं
भगवान केवल एक रूप तक सीमित हैं
भगवान अपने रूपों को भूल जाते हैं
भगवान ने आक्रमणकारियों को स्वयं क्यों नहीं मारा?
वे युद्ध से थक चुके थे
वे कोई और कार्य कर रहे थे
वे अपने भक्तों की शक्ति दिखाना चाहते थे
वे युद्ध नहीं करना चाहते थे
भगवान कृष्ण को 'रणछोड़' क्यों कहा गया?
क्योंकि वे रोज़ रणभूमि छोड़ देते थे
क्योंकि वे मथुरा से द्वारका चले गए
क्योंकि वे लीला में शहर छोड़कर अपने भक्तों को गौरव देना चाहते थे
क्योंकि उन्होंने दिखाया कि भगवान भी डरते हैं
