Worksheetsसाझेदारी
Total questions: 69
Worksheet time: 1hrs 7mins
साझेदारी संलेख के अभाव मे लाभ हानि का विभाजन होता है।
पूँजी अनुपात में
त्याग अनुपात मे
प्राप्ति अनुपात में
समान अनुपात मे
फर्म के लिए आहरण पर ब्याज है।
व्यय
लाभ
हानि
इनमे से कोई नहीं
साझेदारी संलेख के अभाव में ऋण पर ब्याज दिया जाता हैं।
6% वार्षिक की दर से
नही दिया जाता
10% वार्षिक की दर से
8% वार्षिक की दर से
साझेदारी संलेख के अभाव में कमीशन दिया जाता हैं।
6% वार्षिक की दर से
नही दिया जाता
10% वार्षिक की दर से
8% वार्षिक की दर से
साझेदारी संलेख के अभाव में वेतन दिया जाता हैं।
100000/- वार्षिक की दर से
नही दिया जाता
200000/- वार्षिक की दर से
50000/- वार्षिक की दर से
साझेदारी संलेख के अभाव में आहरण पर ब्याज लिया जाता हैं।
6% वार्षिक की दर से
नही लिया जाता
10% वार्षिक की दर से
8% वार्षिक की दर से
साझेदारी संलेख के अभाव में पूँजी पर ब्याज लिया जाता हैं।
6% वार्षिक की दर से
नही लिया जाता
10% वार्षिक की दर से
8% वार्षिक की दर से
साझेदारी संलेख तैयार किया जाना है
अनिवार्य
ऐच्छीक
अंशतः अनिवार्य
इनमे से कोई नहीं
साझेदारी का अनिवार्य अंग है।
हानि बाटना
लाभ बाटना
लाभ और हानि दोनों बाटना
इनमे से कोई नहीं
साझेदारी संलेख के आभाव मे साझेदारों को अधिकार नही है।
वेतन पाने का
पूँजी पर ब्याज पाने का
कमिशन पाने का
उपरोक्त सभी हैं
फर्म मे साझेदार कौन हो सकता हैं।
व्यक्तियों का समूह
कोई संगठन
कोई व्यक्ति
कम्पनी
साझेदारी व्यवसाय में साझेदारों का दायित्व कैसा होता हैं।
सीमित
असीमित
इनमे से कोई नही
उपरोक्त सभी
चालू खाता किस विधि मे बनाया जाता हैं।
स्थिर पूँजी खाता विधि
अस्थिर पूँजी खाता विधि
साझेदारी फर्म का पंजीयन करना हैं।
अनिवार्य
इच्छिक
वैधानिक
इनमे से कोई नही
एक कम्पनी का पंजीयन करना हैं।
अनिवार्य
इच्छिक
वैधानिक अनिवार्य
इनमे से कोई नही
एक साझेदार का फर्म से संबंध होता हैं।
मालिक और नौकर का
मालिक और कर्मचारी का
प्रधान और एजेंट का
स्वामी और ग्राहक का
स्थिर पूँजी खाता विधि मे पूँजी खाता का शेष सदैव....... रहता हैं।
स्थिर
अस्थिर
कभी स्थिर कभी अस्थिर
इनमे से कोई नही
व्यवसाय मे किसी साझेदार को उसके प्रवेश पर पुराने साझेदारों द्वारा न्यूनतम लाभ प्राप्त करने की जमानत या प्रत्याभूति प्रदान करना कहलाता हैं।
लाभ की गारंटी ( garantee of profit)
छुपी हुई ख्याति ( hiden goodwill)
साझेदारी का जन्म...... से होता हैं।
हाथ मिलाने से
बात करने से
अनुबंध करने से
आवेदन करने से
साझेदारी व्यवसाय का संचालन किस अधिनियम के द्वारा किया जाता हैं।
भारतीय साझेदारी अधिनियम 1932
भारतीय साझेदारी अधिनियम 1935
भारतीय साझेदारी अधिनियम 1933
भारतीय साझेदारी अधिनियम 1931
भारतीय साझेदारी अधिनियम 1930
प्रत्येक साझेदारों का दायित्व सिमित होता हैं।
सत्य
असत्य
साझेदारी संलेख के अभाव मे पूँजी। पर ब्याज देना आवश्यक हैं।
सत्य
असत्य
साझेदारी व्यवसाय मे साझेदारों की अधिकतम सीमा हैं।
50
20
10
2
भारतीय कम्पनी अधिनियम 2013 के अनुसार साझेदारी व्यवसाय मे साझेदारों की अधिकतम सीमा हैं।
50
20
10
100
साझेदारी व्यवसाय मे साझेदारों की न्यूनतम सीमा हैं।
50
20
10
2
साझेदारी व्यवसाय मे साझेदारों की अधिकतम सीमा की कोई संख्या नही हैं।
सत्य
असत्य
साझेदारी संलेख बनाना अनिवार्य हैं।
सत्य
असत्य
साझेदारी अनुबंध सदैव लिखित होता हैं।
सत्य
असत्य
साझेदारी समझौता होता हैं।
लिखित
मौखिक
लिखित व मौखिक दोनों हो सकते हैं
इनमे से कोई नही
कोई भी साझेदार न्यूनतम लाभ की गारंटी प्राप्त कर सकता है।
सत्य
असत्य
फर्म का आंतरिक दायित्व हैं।
साझेदार का ऋण
बैंक का ऋण
सर्वजनीक जमा
उपरोक्त सभी
साझेदारों द्वारा व्यवसाय से निजी प्रयोग के लिए निकली गयी पूँजी क्या कहलाती हैं।
पूँजी
अतिरिक्त पूँजी
आहरण
इनमे से कोई नही
यदि प्रति माह, माह के प्रारंभ या पहले दिन वर्ष भर समान आहरण करने पर कितने स् समय का ब्याज लिया जाता हैं।
5.5 माह
6 माह
6.5 माह
12 माह
यदि प्रति माह, माह के मध्य दिन वर्ष भर समान आहरण करने पर कितने स् समय का ब्याज लिया जाता हैं।
5.5 माह
6 माह
6.5 माह
12 माह
यदि प्रति माह, माह के अंतिम दिन वर्ष भर समान आहरण करने पर कितने स् समय का ब्याज लिया जाता हैं।
5.5 माह
6 माह
6.5 माह
12 माह
साझेदारों के मध्य लाभ हानि बाटने के लिए कौनसा खाता बनाया जाता हैं।
लाभ हानि नियोजन खाता।
लाभ हानि समायोजन् खाता
पुनर्मूल्यांकन खाता
वशूली खाता
साझेदारों के बिच लाभ हानि विभाजन हो सकता हैं।
समान अनुपात मे
पूँजी अनुपात मे
पूर्व निर्धारित अनुपात मे
उपरोक्त सभी
लाभ हानि नियोजन खाता के क्रेडिट पक्ष मे कौनसी मद नही लिखी जाती।
शुद्ध लाभ
आहरण पर ब्याज
शुद्ध हानि साझेदारों के पूँजी खाते मे हस्तांतरण
शुद्ध लाभ साझेदारों के पूँजी खाते मे हस्तांतरण
लाभ हानि खाते के डेबिट पक्ष मे कौनसी मद नही लिखी जाती।
शुद्ध हानि
पूँजी पर ब्याज
ऋण पर ब्याज
वेतन व कमीशन
आहरण पर ब्याज
1. साझेदारी कब स्थापित मानी जाती है?
A— लिखित deed से
B— मौखिक समझौते से
C— आचरण से
D— उपरोक्त सभी
. Partners के बीच संबंध कैसा होता है?
A— मालिक–कर्मचारी
B— एजेंट–प्रधान
C— समान मालिक
D— ग्राहक–दुकानदार
. पार्टनर के द्वारा दिए गए ऋण पर ब्याज दर होती है—
( संलेख के अभाव मे)
A— 12%
B— 6%
C— 10%
D— 8%
Deed ( संलेख) न होने पर ब्याज दिया जाता है (on capital)
A— दिया जाएगा
B— नहीं दिया जाएगा
C— आधा दिया जाएगा
D— कोई नियम नहीं
. Deed न होने पर वेतन—
A— दिया जाएगा
B— नहीं दिया जाएगा
C— फर्म तय करेगी
D— कानूनी रूप से जरूरी
. Drawings पर ब्याज कब लिया जाएगा?
A— Deed ( संलेख) में लिखा हो तब
B— हमेशा
C— फर्म चाहे तब
D— ग्राहक मांगे तब
7. पूँजी खाता होता है—
A— परिसंपत्ति
B— देयता
( दायित्व)
C— आय
( आगम )
D— व्यय
. साझेदारी का उद्देश्य क्या है?
A— लाभ कमाना
B— बैंक खोलना
D— शिक्षा
C— चैरिटी
फर्म का अलग कानूनी अस्तित्व—
A— होता है
B— नहीं होता
C— कभी-कभी
D— कंपनी जैसा
साझेदारी में किसी भागीदार की जिम्मेदारी किस शब्द से व्यक्त होती है?
(जैसे: असीमित, सीमित…)
साझेदारी व्यवसाय में साझेदारों की कम से कम (a) सदस्य होना अनिवार्य है, अन्यथा साझेदारी अवैधानिक हो जायेगी
भारतीय साझेदारी अधिनियम कब लागू हुआ।
(a)
साझेदारी व्यवसाय की मुख्य विशेषताएँ (Features of Partnership Business)
1. दो या दो से अधिक व्यक्ति
साझेदारी में कम से कम 2 और अधिकतम 50 सदस्य हो सकते हैं।
2. साझेदारी अनुबंध/समझौता
साझेदारी लिखित या मौखिक अनुबंध पर आधारित होती है, जिसे साझेदारी संलेख (Partnership Deed) कहते हैं।
3. लाभ-हानि का साझा करना
सभी साझेदार लाभ और हानि को तय अनुपात में बाँटते हैं।
4. असीमित देयता (Unlimited Liability)
साझेदारों की देयता सीमित नहीं होती; व्यापार के कर्ज चुकाने के लिए निजी संपत्ति तक का उपयोग हो सकता है।
5. पारस्परिक एजेंसी (Mutual Agency)
हर साझेदार व्यवसाय का एजेंट भी होता है और मालिक भी—किसी एक के काम, बाकी साझेदारों को भी बाँधते हैं।
6. लाभ उद्देश्य
व्यवसाय का मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना होता है।
7. कानूनी अस्तित्व नहीं (No Separate Legal Entity)
फर्म और साझेदार अलग-अलग नहीं माने जाते—दोनों एक ही समझे जाते हैं।
8. पूँजी का संग्रह सरल
कई लोगों के मिलकर पूँजी लगाने से व्यवसाय को पर्याप्त धन मिलता है।
9. प्रबंधन में लचीलापन
कम नियम और कम औपचारिकताएँ, जिससे निर्णय जल्दी लिए जा सकते हैं।
10. व्यवसाय की निरंतरता अनिश्चित
किसी साझेदार की मृत्यु, दिवालियापन या सेवानिवृत्ति से फर्म भंग हो सकती है।
हर साझेदार व्यवसाय का एजेंट भी होता है और मालिक भी—किसी एक के काम, बाकी साझेदारों को भी बाँधते हैं।
पारस्परिक एजेन्सी संबंध
लाभ कामना उद्देश्
असिमि त दायित्व
कम से कम दो सदस्य
साझेदारी में कम से कम 2 और अधिकतम (a) सदस्य हो सकते हैं।
साझेदारी --------------- अनुबंध पर आधारित होती है, जिसे साझेदारी संलेख (Partnership Deed) कहते हैं।
लिखित
मौखिक
लिखित या मौखिक
इनमें से कोई नही
साझेदारी में कम से कम (a) और अधिकतम 50 सदस्य हो सकते हैं।
साझेदारों द्वारा पूँजी व्यापार मे लाने की प्रविष्ट क्या होगी।
रोकड़ खाता dr.
साझेदारों के पूँजी खाते से
चालू खाता dr.
साझेदारों के पूँजी खाते से
रोकड़ खाता dr.
साझेदारों के चालू खाते से
बैंक खाता dr.
साझेदारों के पूँजी खाते से
अवितरित लाभ और अतिरिक्त पूँजी व संचयो को हस्तांतरण किया जाता हैं।
रोकड़ खाते मे
बैंक खाते मे
साझेदारों के पूँजी खाते मे
लाभ हानि खाते मे
साझेदारों के प्रवेश पर पुराने तुलन पत्र मे दर्शाये गए समान्य संचय हस्तांतरण किया जाता है।
सभी साझेदारों के पूँजी खाते मे
नये साझेदारों के पूँजी खाते मे
पुराने साझेदारों के पूँजी खाते मे
इनमे से कोई नहीं
पुनरमुल्यांकन खाता बनाते है ।
फर्म के विघटन पर
फर्म के लाभ होने पर
नये साझेदार के प्रवेश पर
व्यवसाय बंद होने पर
साझेदार के प्रवेश पर पुनर्मुल्यांकन से हुए लाभ हानि को अंतरित किया जाता है।
सभी साझेदारों के पूँजी खाते मे
नये साझेदारों के पूँजी खाते मे
पुराने साझेदारों के पूँजी खाते मे
लाभ हानि खाते मे
पुनर्मुल्यांक पर होने वाले लाभ हानि का किस अनुपात मे वितरित किया जाता है।
नये लाभ हानि अनुपात मे
पुराने लाभ हानि अनुपात मे
त्याग अनुपात मे
प्राप्ति अनुपात मे
ख्याति है।
एक चल संपत्ती
एक स्थायी संपति
एक मूर्त संपत्ति
एक कृत्रिम संपत्ति
नये साझेदार के प्रवेश पर -
पुरानी फर्म को बंद कर दिया जाता है।
पुरानी साझेदारी समाप्त हो जाती है ।
पुरानी साझेदारी फर्म और पुरानी साझेदारी दोनों समाप्त हो जाती है
न तो साझेदारी और न तो फर्म समाप्त हो ता है।
पुनर मूल्यांकन खाता कि प्रकृति का खाता है।
व्यक्तिगत खाता
वास्तुगत खाता
नाम मात्र का खाता
इनमें से कोई नहीं
X और Y फॉर्म में साझेदार है जो लाभ हानि को 3:2 के अनुपात में बताते हैं उन्होंने Z को साझेदारी फर्म में साझेदार बनाया त्याग अनुपात की गणना कीजिए यदि नया लाभ हानि अनुपात 9:7:4 है।
3:1
3.2
1:3
9:7
साझेदारी का पुनर्गठन किस दशा में होता है.
लाभ हानि अनुपात में परिवर्तन पर
साझेदारी के अवकाश ग्रहण करने व मृत्यु पर
नई साझेदारी के प्रवेश पर
उपरोक्त सभी
वह अनुपात जिसमें पुराने साझेदारी नए साझेदार के पक्ष में त्याग करने के लिए सहमत होते हैं।
प्राप्ति अनुपात
त्याग अनुपात
पूर्ण लाभ हानि अनुपात
नया लाभ हानि अनुपात
नफे ( लाभ ) के अनुपात से पुराने साझेदारों के त्याग अनुपात में --------- होती है
कमी
वृद्धि
न कमी, न वृद्धि
इनमे से कोई nahi नही
दायित्वों में कमी फर्म का ---------- होता है।
लाभ
हानि
नए साझेदार द्वारा लायी गयी प्रीमियम की राशि को पुराने साझेदारों में -------- अनुपात में बाँटा जाता है।
त्याग अनुपात मे
प्राप्ति अनुपात मे
पूँजी अनुपात मे
समान अनुपात मे
सबसे अधिक मूल्य ---------- के स्वभाव वाली ख्याति का होता है।
बिल्ली
कुत्ते
चूहे
खरगोश
ख्याति ( अमूर्त संपत्ति ) का लेखा किस लेखा मानक ( (AS) के अनुसार होता है।
As 10
As 11
AS 26
AS 25
