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किस्से कहावतों की दुनिया 2

किस्से कहावतों की दुनिया 2

Assessment

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World Languages

4th Grade

Hard

Created by

SADAT ALLI

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किस्से-कहावतों की दुनिया 


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उधर चोर का साहस बढ़ गया। उसने फिर चोरी करने की कोशिश की। वह फिर चोरी करने में कामयाब हो गया। इस बार राजा बहुत बिगड़े। उन्होंने आदेश दिया, "चोर को जिंदा या मुर्दा पकड़कर हाज़िर किया जाए।" नगर कोतवाल बहुत परेशान हो गया। 

चोर को तो जैसे चस्का लग गया था। एक दिन वह फिर महल में चोरी करने आया। इस बार सिपाही सावधान थे। चोर तुरंत पकड़ लिया गया। 

सुबह सारे राज्य में ख़बर फैल गई। अगले दिन राजा का दरबार लगा। बड़ी शान से कोतवाल चोर को लेकर दरबार में हाज़िर हुआ। बोला, "महाराज! यही है वह चोर। इसके घर से सारा सामान भी मिल गया है। इसे कड़ी-से-कड़ी सजा मिलनी चाहिए।" 

मगर, यह क्या? चोर तो कोतवाल के ही पीछे पड़ गया। डपटकर बोला, "कैसे कोतवाल हो तुम! यही रक्षा करते हो महल की? सारे पहरेदार सोते रहते हैं। फिर, चोरी नहीं होगी तो और क्या होगा। कहीं ऐसा न हो कि किसी दिन सारा खज़ाना लुट जाए। मैंने तो सबको यह बताने के लिए ही चोरी का नाटक किया था।" लोग कहने लगे, "वाह! देखो! उलटा चोर कोतवाल को डाँटे।" 


किस्से-कहावतों की दुनिया 


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