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Bhagavad Gita As It Is DAY-05 (1.41-46, 2.1-4)

Authored by Keśava Kṛṣṇa Dāsa

History, Life Skills, Religious Studies

KG - Professional Development

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Bhagavad Gita As It Is DAY-05 (1.41-46, 2.1-4)
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1.

MULTIPLE SELECT QUESTION

2 mins • 1 pt

कुल के पितरों को समय समय पर जल तथा पिण्डदान दिए जाने का क्या लाभ है? (1.41)

पिण्डदान के दौरान विष्णु को अर्पित भोजन के उच्छिष्ट प्रसाद खाने से सारे पापकर्मों से उद्धार हो जाता है

प्रेतयोनि या अन्य प्रकार के दुखमय जीवन से उद्धार होता है

2.

MULTIPLE SELECT QUESTION

2 mins • 1 pt

भक्ति का जीवन-यापन करने वालों को पिण्डदान आदि अनुष्ठान करने आवश्यकता क्यों नहीं होती? (1.41)

केवल भक्ति करने से मनुष्य सैकड़ों, हजारों पितरों को उबार सकता है

श्रीभगवान् की सेवा करने से ऐसे दायित्व अपने आप पूरे हो जाते हैं

16 माला, 4 नियम, भागवत श्रवण, स्वाध्याय और फिर क्विज़ के बाद समय ही कहाँ बचता है

3.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

2 mins • 1 pt

सनातन वर्णाश्रम धर्म द्वारा निर्धारित चारों वर्णों के लिए नियोजित सामुदायिक योजनाओं और परिवार कल्याण कार्यक्रमों का क्या मुख्य उद्देश्य है? (1.42)

चर्म तुष्टि

औद्योगिक विकास

सबको आवास, सर्वत्र विद्युत् प्रकाश

चरम मोक्ष की प्राप्ति

4.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

2 mins • 1 pt

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जीवन का वास्तविक उद्देश्य/स्वार्थ क्या है? (1.42)

धन

यश

बल

सौंदर्य

विष्णु/कृष्ण

5.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

2 mins • 1 pt

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वास्तविक ज्ञान प्राप्त करने की क्या विधि है? (1.43)

इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश

परीक्षक से पहचान

जिस व्यक्ति ने पहले से ज्ञान प्राप्त कर रखा है उस व्यक्ति द्वारा सहायता

6.

MULTIPLE SELECT QUESTION

2 mins • 1 pt

कैसे व्यक्ति को निश्चित रूप से नरक भेजा जायेगा? (1.43)

जो लोग कुल-धर्म का विनाश करते हैं

जो मृत्यु के पूर्व पापकर्मों के लिए प्रायश्चित नहीं करते

जो भगवद्गीता घर में रखते तो हैं पर पढ़ते नहीं

7.

MULTIPLE SELECT QUESTION

2 mins • 1 pt

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अर्जुन क्यों अपने सम्बन्धियों को नहीं मारना चाहता? (1.44)

राज्यसुख भोगने की इच्छा से प्रेरित ऐसा कार्य जघन्य पापकर्म है

साधु भक्त होने के कारण अर्जुन सदाचार के प्रति जागरूक है

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