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51.भगवद गीता यथारूप_प्रश्नोत्तरी श्रृंखला_11.36–11.47

Authored by Abhay Ram Das

Religious Studies

University

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51.भगवद गीता यथारूप_प्रश्नोत्तरी श्रृंखला_11.36–11.47
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1.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

"हृषिकेश" शब्द का क्या अर्थ है ?

वो जो ऋषियों के पूज्यनीय है

वो जिनके केश दिव्य है

जो इन्द्रियों के स्वामी है

उपयुक्त सभी

2.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

45 sec • 1 pt

कुरुक्षेत्र युद्ध को देवता, सिद्ध और उच्च लोको के बुद्धि जीव क्यों देख रहे थे ?

कुरुक्षेत्र का युद्ध पवित्र और विशेष था इसिलिए सब देख रहे थे

वह युद्ध के परिणाम को जानने के लिए देख रहे थे

कृष्ण की उपस्थिति के कारण युद्ध को देख रहे थे.

इसका वर्णन गीता में नहीं है

3.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

45 sec • 1 pt

भक्त किस अवस्था में भगवान का गुणगान करना पसंद करता है

अनुकुल अवस्था में जब सब कुछ उसके हित में होता है

प्रतिकुल अवस्था में अपने दुखो को कम करने के लिए

भक्त प्रत्येक अवस्था में भगवान् का गुणगान करता है,क्योंकि वह जानता है कि वे जो कुछ भी करते हैं, वह सभी के हित में है

भक्त वेदानुसर शुभ समय ही भगवान का गुणगान करता है

4.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

45 sec • 1 pt

ब्रह्मा का जन्म कृष्णके पूर्ण विस्तार _____________ से हुआ ?

वामन

मत्स्य

कूर्म

गर्भोदकशायी विष्णु

5.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

45 sec • 1 pt

अर्जुन प्रार्थना करता है की भगवान सर्वव्यापि है परंतु हम उनका हर जगह अनुभव क्यों नहीं कर पाते हैं

क्योंकि हमारे पास सीमित इंद्रियां हैं

क्योंकि हम भौतिक रूप से दूषित हैं

क्योंकि हम भौतिक प्रकृति के 3 गुणों के अधीन हैं

उपर्युक्त सभी

6.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

2 mins • 1 pt

गीता इस भौतिक संसार की व्याख्या कैसे करती है ?

गीता के अनुसार यह संसार शाश्वत है

गीता के अनुसार यह संसार विनाशशील है

इस भौतिक संसार पर तभी टिप्पणी की जा सकती है जब कोई और दुनिया मौजूद हो वरना जीवों का क्या होगा इसलिए यह एक गलत प्रश्न है

गीता इस बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं देती

7.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

2 mins • 1 pt

गीता के अनुसार भ्रम तेज क्या है जिसमें मिल के एक योगी अपनी पहचान को समाप्त करना चाहता है?

गीता के अनुसार अध्यात्म का सर्वोच्च रूप यही है

गीता के अनुसार भ्रम तेज पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान के शरीर से निकलता है

ये तेज देवी दुर्गा से आता है क्योंकि वही जगत के नियंत्रक है

हम टिप्पणी नहीं कर सकते क्योंकि विज्ञान के पास इसका कोई प्रमाण नहीं है

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