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68.श्रीमद्भगवद्गीता यथारूप_प्रश्नोत्तरी श्रृंखला_16.16-16.21

Authored by Abhay Ram Das

Religious Studies

University

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68.श्रीमद्भगवद्गीता यथारूप_प्रश्नोत्तरी श्रृंखला_16.16-16.21
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1.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

1 min • 1 pt

------------- व्यक्ति धन अर्जित करने की इच्छा की कोई सीमा नहीं जानता उसकी इच्छा असीम बनी रहती है ?

भक्त

अभक्त

आसुरी व्यक्ति

दैवीय स्वभाव व्यक्ति

2.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

1 min • 1 pt

किसी प्रमाण या शास्त्र की परवाह न करके कभी कभी तथाकथित लोग बड़े ही गर्व के साथ यज्ञ करते है ?

भक्त

श्रद्धालु

आसुरी

ब्राहमण

3.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

1 min • 1 pt

"अविधि - पूर्वकम " शब्द का अर्थ है ?

समय से पूर्व

विधि- पूर्वक

विधि - विधानों की पालन न करते हुए

विधि -विधानों का पालन करते हुए

4.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

1 min • 1 pt

सोलहवें अध्याय के कौन से श्लोक संख्या में आसुरी व्यक्ति यज्ञ का अनुष्ठान करते है ?

16.15

16.16

16.17

16.18

5.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

1 min • 1 pt

आसुरी लोगों में ईर्ष्या कहाँ से उत्पन होती है ?

तथाकथित प्रतिष्ठा तथा धन एवं शक्ति के संग्रह से

धार्मिक अनुष्ठान करके

ये प्रशन ही गलत है

1 और 2

6.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

1 min • 1 pt

इस जन्म में संग्रह की हुई सम्पति (भक्ति या मिथ्या अंहकार ) हमारे अगले जीवन की तैयारी है ये कौन से श्लोक संख्या में कहा गया है ?

16.16

16.18

16.17

16.19

7.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

1 min • 1 pt

संसार में जीवों की इतनी योनिया किसके द्वारा व्यवस्थित है ?

मन्ष्यों के कर्म द्वारा

श्री भगवान द्वारा

धार्मिक अनुष्ठान द्वारा

आसुरी लोगों के यज्ञ के द्वारा

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