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अध्याय 1. हमारे परिवेश में पदार्थ

Authored by Manish Kumar

Science

9th Grade

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अध्याय 1. हमारे परिवेश में पदार्थ
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1.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

क्वथनांक से कम तापमान पर द्रव के वाष्प में परिवर्तित होने की प्रक्रिया वाष्पीकरण कहलाती है। वाष्पीकरण के सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः

1. यह एक सतही परिघटना है।

2. इसकी दर तापमान, आर्द्रता और वायु की गति पर निर्भर करती है।

3. इससे ठंडक उत्पन्न होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A

केवल 1 और 2

B

केवल 2

C

केवल 3

D

1, 2 और 3

A

B

C

D

Answer explanation

Explanation

व्याख्याः उपर्युक्त तीनों कथन सही हैं।

वाष्पीकरण एक सतही परिघटना है अर्थात् ये सतह पर ही सम्पन्न होती है।

वाष्पीकरण की दर निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करती है-सतही क्षेत्रफल जो कि वायुमंडल की ओर खुला (Exposed) होता है, तापमान, आर्द्रता और वायु की गति।

वाष्पीकरण के दौरान कम हुई ऊर्जा को पुनः प्राप्त करने के लिये द्रव के कण अपने आस-पास से ऊर्जा अवशोषित कर लेते हैं। इस तरह आस-पास से ऊर्जा के अवशोषण के कारण शीतलता हो जाती है। गर्मियों में शरीर से जब पसीना वाष्पीकृत होता है तो वाष्पीकरण के लिये द्रव की सतह के कण हमारे शरीर या आस-पास से ऊर्जा प्राप्त करते हैं। ऐसे में वाष्पीकरण की गुप्त/प्रसुप्त ऊष्मा (Latent Heat) के बराबर ऊष्मीय ऊर्जा हमारे शरीर से अवशोषित हो जाती है जिससे शरीर शीतल हो जाता है।

2.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

वैज्ञानिकों ने पदार्थ की चौथी और पाँचवीं अवस्था के रूप में क्रमशः ‘प्लाज़्मा’ (Plasma) और ‘बोस-आइंस्टाइन कंडनसेट’ (Bose-Einstein Condensate) को प्राप्त किया है। पदार्थ की इन दोनों अवस्थाओं के सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

1. फ्लोरोसेंट ट्यूब और नियॉन बल्ब में प्लाज़्मा होता है।

2. सूर्य और तारों की चमक पदार्थ की पाँचवीं अवस्था बोस-आइंस्टाइन कंडनसेट के कारण होती है।

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग करके सही उत्तर चुनिये।

A

केवल 1

B

केवल 2

C

1 और 2 दोनों

D

न तो 1 और न ही 2

A

B

C

D

Answer explanation

Explanation

प्लाज़्मा पदार्थ की चौथी अवस्था है। इस अवस्था में ये कण अत्यधिक ऊर्जा वाले और अधिक उत्तेजित होते हैं। ये कण आयनीकृत गैस के रूप में होते हैं। फ्लोरोसेंट ट्यूब और नियॉन बल्ब में प्लाज़्मा होता है। अतः कथन 1 सही है। नियॉन बल्ब में नियॉन गैस और फ्लोरोसेंट ट्यूब के अंदर हीलियम या कोई अन्य गैस होती है। विद्युत ऊर्जा प्रवाहित होने पर यह गैस आयनीकृत (आवेशित) हो जाती है जिससे ट्यूब या बल्ब के अन्दर चमकीला प्लाज़्मा तैयार हो जाता है।

गैस के स्वभाव के अनुसार इस प्लाज़्मा में एक विशेष रंग की चमक होती है। प्लाज़्मा के कारण ही सूर्य और तारों में भी चमक होती है। उच्च तापमान के कारण ही तारों में प्लाज़्मा बनता है। इसलिये कथन 2 गलत है।

भारतीय भौतिक वैज्ञानिक सत्येंद्रनाथ बोस ने 1920 में पदार्थ की पाँचवीं अवस्था के लिये कुछ गणनाएँ कीं जिनके आधार पर अल्बर्ट आइंस्टाइन ने पदार्थ की एक नई अवस्था की भविष्यवाणी की, जिसे ‘बोस-आइंस्टाइन कंडनसेट’ (BEC) कहा गया। अमेरिका के एरिक ए. कॉर्नेल, उल्फ़गैन केटरले और कार्ल ई. वेमैन को BEC की अवस्था प्राप्त करने के लिये सन् 2001 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

3.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

निम्नलिखित में से किसको शुष्क बर्फ कहते हैं?

A

ठोस कार्बन डाइऑक्साइड

B

द्रवित कार्बन डाइऑक्साइड

C

ठोस कार्बन मोनोऑक्साइड

D

इनमें से कोई नहीं

A

B

C

D

Answer explanation

Explanation

व्याख्याः एक एटमॉस्फीयर (atm) दाब पर ठोस कार्बन डाइऑक्साइड द्रव अवस्था में आए बिना सीधे गैस में परिवर्तित हो जाती है। यही कारण है कि ठोस कार्बन डाइऑक्साइड को शुष्क बर्फ (Dry Ice) कहते हैं।

4.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

किसी ठोस पदार्थ के द्रव में परिवर्तित हुए बिना सीधे गैसीय अवस्था में परिवर्तित हो जाने की प्रक्रिया निम्नलिखित में से क्या कहलाती है?

A

वाष्पीकरण (Evaporation)

B

विसरण (Diffusion)

C

ऊर्ध्वपातन (Sublimation)

D

इनमें से कोई नहीं।

A

B

C

D

Answer explanation

Explanation

किसी ठोस पदार्थ के द्रव में परिवर्तित हुए बिना ही सीधे गैसीय अवस्था में परिवर्तित होने अथवा किसी पदार्थ का गैसीय अवस्था से सीधे ठोस में बदल जाने की प्रक्रिया ऊर्ध्वपातन कहलाती है।

कपूर अथवा अमोनियम क्लोराइड ऊर्ध्वपातन की प्रक्रिया दर्शाने वाले सबसे सामान्य उदाहरण है।

5.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

निम्नलिखित में से तापमान का S.I. मात्रक कौन-सा है?

A

फारेनहाइट

B

केल्विन

C

पास्कल

D

सेल्सियस

A

B

C

D

Answer explanation

Explanation

व्याख्याः

फारेनहाइट (F), केल्विन (K) तथा डिग्री सेल्सियस (°C) तीनों तापमान के मात्रक हैं। इनमें से केल्विन तापमान का S.I. मात्रक है।

0°C = 273.16 K होता है जिसे सुविधा के लिये 273 K ही माना जाता है। तापमान की माप केल्विन से सेल्सियस में बदलने के लिये दिये हुए तापमान से 273 घटाते हैं, जबकि सेल्सियस से केल्विन में बदलने के लिये दिये हुए तापमान में 273 जोड़ देते हैं।

पास्कल दाब का S.I. मात्रक है। वायुमंडल में वायु का दाब वायुमंडलीय दाब कहलाता है। समुद्र की सतह पर वायुमंडलीय दाब एक एटमॉस्फीयर (atm) होता है जिसे सामान्य दाब कहा जाता है। एटमॉस्फीयर (atm) गैसीय दाब के मापन का मात्रक है।

6.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

बर्फ और उस पर तापमान परिवर्तन के प्रभाव के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः

1. बर्फ का गलनांक (Melting Point) 373k होता है।

2. बर्फ को गर्म करने पर सम्पूर्ण बर्फ के पिघल जाने तक उसका तापमान एकसमान रहता है।

3. बर्फ के कणों की ऊर्जा समान तापमान पर जल के कणों की ऊर्जा से अधिक होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A

केवल 1 और 2

B

केवल 2

C

केवल 1 और 3

D

1, 2 और 3

A

B

C

D

Answer explanation

Explanation

व्याख्याः

जिस तापमान पर ठोस पिघलकर द्रव बन जाता है, वह उसका गलनांक कहलाता है। बर्फ का गलनांक 273.16k होता है, अतः कथन 1 गलत है। जिस तापमान पर द्रव उबलने लगता है, वह उसका क्वथनांक (Boiling Point) कहलाता है। जल का क्वथनांक 373k (100°C) होता है।

बर्फ अथवा किसी ठोस को गर्म करने पर भी उसके पूर्णतः गलने तक की प्रक्रिया के दौरान उसका तापमान एकसमान रहता है। बर्फ अथवा ठोस के द्वारा इस दी गई ऊष्मा का उपयोग ठोस से द्रव में बदलने की प्रक्रिया में इसके कणों के बीच के आकर्षण बल को घटाने (Overcome) में किया जाता है। चूँकि तापमान में बिना किसी तरह की वृद्धि हुए ही इस ऊष्मीय ऊर्जा को बर्फ अवशोषित कर लेती है इसलिये यह माना जाता है कि यह गलने के बाद प्राप्त जल अथवा द्रव में छुपी रहती है जो उस पदार्थ की संगलन गुप्त (छुपी हुई) ऊष्मा कहलाती है। अतः कथन 2 सही है।

संगलन की गुप्त ऊष्मा के कारण ही जल के कणों की ऊर्जा उसी तापमान पर बर्फ के कणों की ऊर्जा से अधिक होती है, अतः कथन 3 गलत है। ठीक इसी प्रकार वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा के कारण वाष्प के कणों में उसी तापमान पर पानी के कणों की अपेक्षा अधिक ऊर्जा होती है

7.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

सामान्यतः पदार्थ/द्रव्य की तीन अवस्थाएँ ठोस, द्रव तथा गैस होती हैं। पदार्थ की इन अवस्थाओं के अभिलाक्षणिक गुणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः

1. ठोसों एवं द्रवों की तुलना में गैसों की संपीड्यता (Compression) काफी कम होती है।

2. द्रव में ठोस, द्रव और गैस तीनों का विसरण संभव है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A

केवल 1

B

केवल 2

C

1 और 2 दोनों

D

न तो 1 और न ही 2

A

B

C

D

Answer explanation

Explanation

व्याख्याः

पदार्थ की विभिन्न अवस्थाओं के गुणों के संदर्भ में उपर्युक्त कथनों में से कथन 1 गलत है, क्योंकि ठोसों एवं द्रवों की तुलना में गैसों की संपीड्यता काफी अधिक होती है। घरों में खाना बनाने के लिये उपयोग में लाई जाने वाली द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG), अस्पतालों में प्रयुक्त ऑक्सीजन सिलेंडर तथा वाहनों में ईंधन के रूप में उपयोग किये जाने वाले सी.एन.जी (Compressed Natural Gas) सिलेंडर, सभी में संपीडित गैसें ही होती हैं। ठोस पदार्थ की संपीड्यता सबसे कम होती है।

दो या दो से अधिक पदार्थों का स्वतः एक-दूसरे से मिलकर समांग (Homogeneous) मिश्रण बनाने की क्रिया को विसरण कहते हैं। द्रव में ठोस, द्रव और गैस तीनों का विसरण संभव है। ठोसों की अपेक्षा द्रवों में विसरण दर अधिक होती है।

ठोस के कणों में आकर्षण बल सबसे अधिक, गैस के कणों में सबसे कम और द्रव के कणों में इन दोनों के मध्यवर्ती होता है, जबकि ठोस के कणों में गतिज ऊर्जा न्यूनतम, गैस के कणों में सबसे अधिक तथा द्रव के कणों में मध्यवर्ती होती है।

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