Search Header Logo

बाल विकास और अध्यापन Part-22

Authored by Nitin sir

Social Studies

Professional Development

बाल विकास और अध्यापन Part-22
AI

AI Actions

Add similar questions

Adjust reading levels

Convert to real-world scenario

Translate activity

More...

    Content View

    Student View

50 questions

Show all answers

1.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

2 mins • 1 pt

व्यत्तित्व स्थायी समायोजन है

जीवन के साथ

पर्यावरण के साथ

प्रकृति के साथ

ये सभी

Answer explanation

समायोजन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यत्ति अपनी परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को अनुकूलित कर लेता है। पर्यावरण, जीवन तथा प्रकृति के साथ समायोजन व्यत्तित्व स्थायी समायोजन के प्रमुख लक्षण है।

2.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

2 mins • 1 pt

दूसरे वर्ष में अन्त तक शिशु का शब्द भण्डार हो जाता है

60 शब्द

100 शब्द

50 शब्द

10 शब्द

Answer explanation

दूसरे वर्ष के अन्त तक शिशु का शब्द भण्डार लगभग 100 शब्द हो जाता है। यह अवस्था शैशवावस्था के अन्तर्गत आती है। शैशवावस्था का आयु (0-6) वर्ष तक होती है

3.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

2 mins • 1 pt

संवेगों की उत्पत्ति होती है

गत्यात्मक क्रियाएँ

मूल प्रवृत्ति

पोषण

इनमें से कोई नहीं

Answer explanation

प्राणि की उत्तेजित मनोवैज्ञानिक एवं शारीरिक दशा को संवेग कहते है जिसमे किसी निश्चित उद्देश्य के लिए प्राणी की भावनाएँ प्रबल हो जाती हैं। इन संवेगों की उत्पत्ति प्राणी की मूल प्रवृत्तियों के कारण होती है।

4.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

2 mins • 1 pt

शर्म तथा गर्व जैसी भावना का विकास किस अवस्था में होता है?

बाल्यावस्था

शैशवावस्था

किशोरावस्था

वृद्धावस्था

Answer explanation

संवेगात्मक विकास की दृष्टि से बाल्यावस्था सर्वाधिक महत्वपूर्ण एवं अनोखा काल माना जाता है। बालक में मूल संवेगात्मक लक्षण (शर्म, गर्व, उत्साह आदि) का विकास इसी काल में होती है।

5.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

2 mins • 1 pt

मैक्ड्‌यूगल के अनुसार मूल प्रवृत्ति ‘जिज्ञासा’ का सम्बन्ध संवेग कौन-सा है?

घृणा

भय

आश्चर्य

भूख

Answer explanation

मैक्ड्‌यूगल के अनुसार प्राणि की मूल प्रवृत्ति जिज्ञासा का सम्बंन्ध आश्चर्य से होता है। व्यवहार के निर्धारण में मूल प्रवृत्तियों का योगदान महत्वपूर्ण होता है।

6.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

2 mins • 1 pt

‘सीखने के नियम’ के प्रतिपादक है

स्किनर

प्रायड

था र्नडाइक

एडलर

Answer explanation

थार्नडाइक द्वारा ‘सीखने के नियम’ का प्रतिपादन किया गया था। इसके अनुसार व्यत्ति विशेष कार्य में विशेष प्रकार की प्रतिक्रिया करता है। थार्नडाइक ने सीखने के तीन नियम बताये - (i) अभ्यास के नियम, (ii) प्रभाव के नियम, (iii) तत्परता का नियम।

7.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

2 mins • 1 pt

शैशवावस्था की मुख्य विशेषता क्या नहीं है?

जिज्ञासा की प्रवृत्ति

सीखने की प्रक्रिया से तीव्रता

अनुकरण द्वारा सीखने की प्रवृत्ति

चिन्तन प्रक्रिया

Answer explanation

शैशवावस्था में चिंतन का विकास नहीं हो पाता है क्योंकि इस अवस्था में बालक का व्यवहार उसके मूल संवेगों से निर्देशित होता है। चिंतन का विकास बाल्यावस्था का मुख्य लक्षण होता है। अधिगम प्रक्रिया में तीव्रता, जिज्ञासा की प्रवृत्ति तथा अनुकरण (दोहराने) की प्रकृति शैशवावस्था की प्रमुख विशेषता होती है।

Access all questions and much more by creating a free account

Create resources

Host any resource

Get auto-graded reports

Google

Continue with Google

Email

Continue with Email

Classlink

Continue with Classlink

Clever

Continue with Clever

or continue with

Microsoft

Microsoft

Apple

Apple

Others

Others

Already have an account?