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मोहिनी- भूगोल 201-300

Authored by Nitin sir

Biology

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मोहिनी- भूगोल 201-300
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1.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

. स्वामी विवेकानंद का मूल नाम क्या था?

दयाशंकर

नरेंद्रनाथ दत्त

वासुदेव

गणेश दत्त

Answer explanation

स्वामी विवेकानंद का मूल नाम नरेंद्रनाथ दत्त था। महाराज खेतड़ी के सुझाव पर नरेंद्रनाथ दत्त ने अपना नाम स्वामी विवेकानंद रखा था। 1896 ई. में इन्होंने न्यूयॉर्क में वेदांत सोसायटी का गठन किया था। वर्ष 1900 में पेरिस में आयोजित द्वितीय विश्व धर्म सम्मेलन में भी स्वामी विवेकानंद ने भाग लिया था। सिस्टर निवेदिता उनकी शिष्या थीं। स्वामी जी को 19वीं शताब्दी के नव हिंदू जागरण का संस्थापक भी कहा जाता है। सुभाषचंद्र बोस ने स्वामी विवेकानंद को आधुनिक राष्ट्रीय आंदोलन का आध्यात्मिक पिता कहा था। स्वामी विवेकानंद ने प्रबुद्ध भारत (अंग्रेज़ी) एवं उद्बोधन (बंगाली) नामक पत्रिकाओं का प्रकाशन किया था। राजयोग, कर्मयोग एवं वेदान्त फिलॉसफी उनकी प्रसिद्ध पुस्तकें हैं।

2.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

लोकसभा के प्रथम स्पीकर कौन थे?

नीलम संजीव रेड्डी

एमए अय्यंगर

वासुदेव

गणेश दत्त

Answer explanation

लोकसभा के प्रथम स्पीकर गणेश वासुदेव मावलंकर थे। इन्हें 'दादा साहेब' के नाम से जाना जाता है तथा इनका कार्यकाल वर्ष मई 1952 से वर्ष 1956 तक था। इन्हें प्यार से दादा साहेब कहा जाता था। दादा साहेब साल 1934 में बॉम्बे प्रॉविंस लेजिस्लेटिव असेंबली में चुने गए और चार साल बाद उसके स्पीकर भी बने। साल 1946 में उन्हें सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेंबली का अध्यक्ष चुना गया। उनकी निगरानी में संविधान सभी से लोगसभा तक का सफर तय किया गया। इनका निधन 27 फरवरी 1956 को हुआ था। बता दे संसद के तीनों अंगों में लोकसभा निम्न सदन के रूप में जानी जाती है। लोकसभा को संचालित करने की जिम्मेदारी लोकसभा अध्यक्ष की होती है।

3.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

लाहौर उच्च न्यायालय की स्थापना किस अधिनियम के तहत हुई थी?

भारत सरकार अधिनियम, 1919

भारत सरकार अधिनियम, 1915

भारत सरकार अधिनियम, 1935

उपरोक्त में से कोई नहीं

Answer explanation

लाहौर उच्च न्यायालय की स्थापना भारत सरकार अधिनियम, 1919 के तहत 21 मार्च, 1919 को हुई थी। वर्तमान में यह उच्च न्यायालय पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित है। इसकी तीन न्याय-चौकियां रावलपिंडी, मुल्तान व बहावलपुर में स्थित हैं। इस उच्च न्यायालय की स्थापना के समय इसका अधिकार क्षेत्र संपूर्ण पंजाब पर था, परन्तु भारत विभाजन के पश्चात् लाहौर उच्च न्यायालय का अधिकार क्षेत्र घटकर पश्चिमी पंजाब तक ही रह गया तथा लाहौर उच्च न्यायालय को पाकिस्तानी न्यायपालिका के अंतर्गत ले जाया गया।

4.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

स्वामी दयानंद के बचपन का नाम क्या था?

पूर्णानन्द

दयाशंकर

मूलशंकर

मूलनन्द

Answer explanation

स्वामी दयानंद के बचपन का नाम मूलशंकर था। इनका जन्म 1824 ई. में गुजरात के मौरवी नामक स्थान पर हुआ था। दंडी स्वामी पूर्णानन्द से इन्होंने 24 वर्ष की अवस्था में संन्यास की दीक्षा ली थी। इन्होंने 'पुन: वेदों की ओर लौटो' का नारा दिया तथा वेदों को 'भारत का आधार स्तम्भ' कहा। सत्यार्थ प्रकाश पुस्तक की रचना दयानन्द सरस्वती ने की थी। उनकी अन्य प्रमुख पुस्तकें-पाखंड खंडन, वेद भाष्य भूमिका, ऋग्वेद भाष्य, अद्वैतमत का खंडन, पंचमहायज्ञ विधि, वल्लभाचार्य मत का खंडन आदि हैं।

5.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

स्वामी दयानन्द सरस्वती के गुरु का का नाम क्या था?

नरहरिदास

वल्लभाचार्य

विरजानन्द दण्डीश

रामानन्द

Answer explanation

स्वामी दयानन्द सरस्वती के गुरु का का नाम विरजानन्द दण्डीश था। 1861 ई. में मथुरा के स्वामी बिरजानन्द से इन्होंने वेदों की गहन शिक्षा प्राप्त की। इन्होंने ही सर्वप्रथम स्वराज, स्वदेशी शब्द का प्रयोग किया था तथा हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में स्वीकार किया था। इनकी मृत्यु अजमेर में 30 अक्टूबर, 1883 को हुई थी। स्वामी दयानन्द सरस्वती द्वारा किए गए परिवर्तनों एवं सुधारों के कारण ही उन्हें भारत का मार्टिन लूथर किंग कहा जाता है। वेलेण्टाइन चिरोल ने आर्य समाज को भारतीय अशांति का जन्मदाता कहा है।

6.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

आर्य समाज की स्थापना किसने की थी?

राजा राममोहन राय

स्वामी विवेकानन्द

स्वामी दयानन्द सरस्वती

राजा राधाकांत देव

Answer explanation

आर्य समाज की स्थापना 7 अप्रैल, 1875 में स्वामी दयानन्द सरस्वती ने बंबई में की थी। 1877 ई. में इसका मुख्यालय लाहौर को बनाया गया था। आर्य समाज की स्थापना का उद्देश्य वैदिक धर्म को पुन: स्थापित करना, भारत को सामाजिक, धार्मिक व राजनीतिक रूप में एक सूत्र में बाँधना तथा भारतीय संस्कृति पर पाश्चात्य प्रभाव को रोकना था। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने अपनी रचना 'डिस्कवरी ऑफ इंडिया' में आर्य समाज का वर्णन करते हुए उसे हिंदू समाज में जागृति लाने वाला प्रयास माना। आर्य समाज का प्रसार पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान तथा महाराष्ट्र में अधिक हुआ था। आर्य समाज के अन्य महत्त्वपूर्ण समर्थक-पंडित गुरुदत्त, लाला लाजपत राय, स्वामी श्रद्धानंद तथा हंसराज आदि थे।

7.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

महात्मा गांधी ने अपने आदर्श राज्य को क्या नाम दिया था?

अहिंसाराज्य

सत्यराज्य

रामराज्य

रामलक्ष्मण राज्य

Answer explanation

महात्मा गांधी ने अपने आदर्श राज्य को रामराज्य नाम दिया था। महात्मा गांधी भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के महान् शिल्पकार, वन मैन आर्मी, अधनंगे फकीर, महात्मा आदि उपनामों से प्रसिद्ध हैं। वे कभी भी केंद्रीय विधानपरिषद् के सदस्य नहीं रहे, न ही वे क्रिप्स आयोग और संविधान सभा के सदस्य थे। महात्मा गांधी ने वर्ष 1924 में केवल एक बार कांग्रेस के बेलगांव में अध्यक्षता की थी। इसके अतिरिक्त उनके द्वारा चलाए गए प्रमुख आंदोलन थे-वर्ष 1917 में चंपारण सत्याग्रह, वर्ष 1918 में खेड़ा आंदोलन, वर्ष 1919 में रॉलेट सत्याग्रह, वर्ष 1920 में असहयोग आंदोलन, वर्ष 1930 में सविनय अवज्ञा तथा वर्ष 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन।

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