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Total questions: 5
Worksheet time: 10mins
हिमालय के प्रभात और संध्या की क्या विशेषता है ?
बादल जब हिमालय से टकराते हैं तो पानी के रूप में बरस पड़ते हैं जबकि तूफान हिमालय की विशाल चोटियों से टकराकर समाप्त हो जाते हैं |
हिमालय के प्रभात और संध्या की यह विशेषता है कि इसके ऊँचे-ऊँचे शिखरों के प्रभाव के कारण प्रभात और संध्या एक जैसे लगते हैं यानी जैसा दृश्य सूर्य उदय होने के समय दिखाई देता है वैसा ही दृश्य अस्त होने के समय भी दिखाई देता है
हिमालय हमें परिस्थितयों से लड़ने और हर मुश्किल में अडिग, अविचल रहने का संदेश देता है|हम दुःख में भी मुस्काएँ सबका साथ दें और जरूरतमंदों को आसरा दें , यही हिमालय हमें सिखाता है |
हिमालय बादल और तूफानों का क्या हश्र करता है ?
हिमालय के प्रभात और संध्या की यह विशेषता है कि इसके ऊँचे-ऊँचे शिखरों के प्रभाव के कारण प्रभात और संध्या एक जैसे लगते हैं यानी जैसा दृश्य सूर्य उदय होने के समय दिखाई देता है वैसा ही दृश्य अस्त होने के समय भी दिखाई देता है |
बादल जब हिमालय से टकराते हैं तो पानी के रूप में बरस पड़ते हैं जबकि तूफान हिमालय की विशाल चोटियों से टकराकर समाप्त हो जाते हैं |
हिमालय हमें क्या सन्देश देता है ?
हिमालय हमें परिस्थितयों से लड़ने और हर मुश्किल में अडिग, अविचल रहने का संदेश देता है|हम दुःख में भी मुस्काएँ सबका साथ दें और जरूरतमंदों को आसरा दें , यही हिमालय हमें सिखाता है |
उदय-अस्त से आशय है - सुख - दुःख के पल | इस धरती का हर व्यक्ति ख़ुशी - ख़ुशी जीवन में आनेवाले उतार - चढ़ावों का सामना करता है |
इसकी छाया में तूफ़ान की हवा जलते चिरागों तक नहीं पहुँच पाती और वह बुझता नहीं |
इस धरती का हर लाल ख़ुशी से उदय -अस्त अपनाता है ?
हिमालय हमें परिस्थितयों से लड़ने और हर मुश्किल में अडिग, अविचल रहने का संदेश देता है|हम दुःख में भी मुस्काएँ सबका साथ दें और जरूरतमंदों को आसरा दें , यही हिमालय हमें सिखाता है |
इसकी छाया में तूफ़ान की हवा जलते चिरागों तक नहीं पहुँच पाती और वह बुझता नहीं
उदय-अस्त से आशय है - सुख - दुःख के पल | इस धरती का हर व्यक्ति ख़ुशी - ख़ुशी जीवन में आनेवाले उतार - चढ़ावों का सामना करता है |
इसकी छाया में तूफ़ान चिरागों से शर्माता है
इसकी छाया में तूफ़ान की हवा जलते चिरागों तक नहीं पहुँच पाती और वह बुझता नहीं |
हिमालय हमें परिस्थितयों से लड़ने और हर मुश्किल में अडिग, अविचल रहने का संदेश देता है|हम दुःख में भी मुस्काएँ सबका साथ दें और जरूरतमंदों को आसरा दें , यही हिमालय हमें सिखाता है |
बादल जब हिमालय से टकराते हैं तो पानी के रूप में बरस पड़ते हैं जबकि तूफान हिमालय की विशाल चोटियों से टकराकर समाप्त हो जाते हैं |
