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WorksheetsCTET- Bal vikash 1
Total questions: 26
Worksheet time: 26mins
राष्ट्रीय पाठ्य चर्चा की रूप रेखा (NCF)-2005 के अनुसार, मार्गदर्शक सिध्यान्त में निहितार्थ है
पाठ्य चर्चा का सम्बर्धन पाठ्य पुस्तक पर केंद्रित करना
पाठ्यक्रम के कुछ उप विषयों को रटंत प्रणाली से मुक्त करना
ज्ञान को स्कूल के बाहर के जीवन से जोड़ना
कक्षा की गतिविधियों को परीक्षा में कम महत्व देना
प्रतिभावान बालक की पहचान अवलोकन द्वारा नही की जा सकती, क्योंकि
अवलोकन वस्तुनिष्ठ तकनीक नही है
अवलोकन व्यक्तिनिष्ठ प्रविधि है
अवलोकन सिर्फ विशेषज्ञों द्वारा ही किया जा सकता है
उपरोक्त सभी
वह प्रक्रिया जिसके फलस्वरूप बालक सामाजिक व्यवहारों को स्वीकार करता है और जिसके साथ अनुकूलन करता है,कहलाती है
आकलन
समाजीकरण
नैतिकता
समायोजन
जब कोई बालक अपना स्वमूल्यांकन करने के साथ साथ सहपाठियों के मूल्यांकन हेतु भी सहभागिता करता है तो इस प्रकार का मूल्यांकन कहलाता है
सतत मूल्यांकन
व्यापक मूल्यांकन
संकलित मूल्यांकन
रचनात्मक मूल्यांकन
लक्ष्मी अपनी कक्षा को क्षेत्र भ्रमण पर ले जाती है और वापस आने पर अपने विद्यार्थी के साथ भ्रमण पर चर्चा करती है । यह ........की ओर संकेत करता है।
सीखने के आकलन
सीखने के लिए आकलन
आकलन के लिए सीखना
आकलन का सीखना
प्रतिद्वंदात्मक समाजीकरण की अवस्था कहा जाता है
शैशवावस्था को
बाल्यावस्था को
किशोरावस्था को
प्रौढ़ावस्था को
किशोरावस्था की प्रमुख विशेषता क्या नही है
मानसिक विकास
कल्पना की बहुलता
संचय की प्रवृति
संवेगों का आवेग
निम्न में कौन सा बुद्धि परीक्षण वैयक्तिक क्रियात्मकता परीक्षण है?
शिकागो क्रियात्मक परीक्षण
आर्मी एल्फा टेस्ट
पोर्टियस भूलभुलैया परीक्षण
बीने साइमन परीक्षण
अधिगम के सिध्यान्त एवं उनके प्रवर्तक का कौन सा युग्म सुमेलित नही है?
अन्वेषण का सिध्यान्त - जेरोम एस.ब्रूनर
शाब्दिक अधिगम का सिध्यान्त - आसुबेल
प्राकृतिक दशा सिध्यान्त - कर्ट लेविन
अनुसरण सिध्यान्त - क्लार्क एल. हल
जो निर्देशन एक व्यक्ति को उसकी व्यावसायिक तथा जीविका में उन्नति संबंधी समस्याओं को हल करने के लिए उसकी व्यक्तिगत विशेषताओं को उसके जीविका सम्बन्धी अवसरों के संबंध में ध्यान रखते हुए दिया जाता है, वह क्या कहलाता है?
आर्थिक निर्देशन
व्यावसायिक निर्देशन
शैक्षणिक निर्देशन
सभी
जटिल बालक के लक्षण कौन से है ?
विशेष प्रकार की शारीरिक संरचना
माता-पिता का मानसिक असंतुलन
परोपकार व सहयोग की भावना रखना
सूक्ष्म चिंतन की ओर रुचि रखना
विद्यालय में सभी नहीं खेल पाते, चाहे उनकी रुचि खेल की तरफ हो, ऐसा क्यों?
विद्यालय के अध्यापक बालकों के साथ नही खेलतें हैं
प्रधानाध्यापक खेलों के प्रति उदासीन होते है
अभिभावक बच्चे का खेलना अनावश्यक समझते है
सभी विद्यालयों में खेल के मैदान का अभाव है
हस्तशिल्प की शिक्षा दी जानी चाहिये
पिछड़े बालकों को
सृजनशीलत बालको को
प्रतिभावान बालकों को
इन सभी को
किसने कहा है, " समाजीकरण की प्रक्रिया दूसरे व्यक्तियों के साथ शिशु के प्रथम संपर्क से आरंभ होती है और आजीवन चलती रहती है?
मॉरिसन
सोरेनसन
सॉरे व टेलफ़ोर्ड
हैरिमन
"बालक की शक्ति का वह अंश, जो किसी काम नही आता है, वह खेलों के माध्यम से बाहर निकाल दिया जाता है"
अतिरिक्त शक्ति का सिध्यान्त
क्षतिपूर्ति का सिध्यान्त
बाल विकास का सिध्यान्त
अधिगम का सिध्यान्त
मौलिकता का गुण पाया जाता है
शिक्षित माता पिता के बालकों में
धनी परिवार के बालकों में
सृजनशील बालकों में
प्रतिभाशाली बालकों में
अधिगम सिध्यान्त एवं उनके प्रवर्तक का कौन सा युग्म असंगत है?
सूचना प्रसाधन सिध्यान्त - कार्ल रोजर्स
उद्दीपन अनुक्रिया सिध्यान्त - कोहलर
संबंध प्रतिक्रिया सिध्यान्त - पॉवलोव
क्रिया प्रसूत सिध्यान्त - स्किनर
छात्रों को अपना अधिकतम विकास करने में सहायता देने के लिए क्या आवश्यक है
परामर्श की आवश्यकता पड़ती है
निर्देशन की आवश्यकता पड़ती है
समायोजन की आवश्यकता पड़ती है
उपरोक्त में कोई नही
प्रसिद्ध मनोविज्ञानी जिन पियाजे के अनुसार, ज्ञानेन्द्रियों का विकास किस अवस्था में होता है?
वैचारिक क्रिया अवस्था
संवेदनात्मक स्थिति अवस्था
विवेचना रहित विचार अवस्था
संकल्पना एवं प्रतीकात्मक विचारों की तैयारी अवस्था
मानव संज्ञानात्मक सिध्यान्त के अनुसार ज्ञान
केवल व्यक्ति में होता है
केवल समाज में होता है
दोनों में
स्पस्ट नही
समावेशी शिक्षा समर्थन करती है
असमर्थ बालकों हेतु अलग खेल के मैदान का
असमर्थ बालकों के लिए विशिष्ट समय सारणी का
असमर्थ बालकों को समर्थ बालकों के साथ समान अधिकार देने का
असमर्थ बालकों के लिए समर्थ बालकों के विद्यालय में अलग कक्षा कक्ष का
अपनी कक्षा में एक बालक नए और आर्थिक साहचर्य के निर्माण में निहित रहता है। शिक्षक होने की दृष्टि से आप उसे किस श्रेणी में रखेंगे
प्रतिभावान
सृजनात्मक
मंद बुद्धि
सामान्य
पूर्व बाल्यावस्था में बालक में जिन सामाजिक विशेषताओं का आविर्भाव और विकास होता है, उनमें से प्रमुख नही है
अनुकरण
स्पर्धा
परिपक्वता
खेल
किसी छात्र के भावी जीवन की सफलता प्रसन्नता और कुशलता काफी हद तक समस्या समाधान पर निर्भर करती है। अतः शिक्षक को चाहिए कि वह छात्र को समस्या का समाधान करते समय ध्यान रखे
समस्या के महत्व का
अव्यवस्थित तथ्यों के मूल्यांकन करने का
तथ्यों को असंगठित करने का
उपरोक्त सभी का
अपने विषय के शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए आप
छात्रों को संबंधित विषय से प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित करेंगे
छात्रों को संबंधित पाठ को बार बार दोहराने के रूप में देंगे
विषय से संबंधित प्रश्नों को गृहकार्य के रूप में देंगे
कक्षा में ही कार्य करने के लिए कहेंगे तथा उसका परीक्षण करेंगे
शिक्षा की क्रियाशीलता के सिध्यान्त का क्या अर्थ है
शिक्षक को कक्षा में अत्यधिक क्रियाशील रहना चाहिए
जो छात्र क्रियाशील होते हैं, उन्हें करके सीखने का अवसर दिया जाना चाहिए
क्रियाशील छात्रों को काम में व्यस्त रखना चाहिए अन्यथा वे अनुशासनहीन बन जाते हैं।
उपरोक्त सभी
