Font size
Worksheetsदो बैलों की कथा
Total questions: 20
Worksheet time: 10mins
जानवरों में सबसे ज्यादा बुद्धिहीन समझा जाता है-
बैल
लोमड़ी
गधा
कुत्ता
निम्नलिखित में से कौन से लक्षण गधे में नहीं पाए जाते हैं-
क्रोध न करना
वैशाख में कुलेल करना
सुख दुख ,हानि लाभ से प्रभावित हो जाना।
असंतोष की छाया भी ना दिखना
भारत वासियों की दुर्दशा हो रही है
जर्मनी में
अफ्रीका में
नेपाल में
कह नहीं सकते।
बछिया के ताऊ कहकर संबोधित किया जाता है
कुत्ते को
भैंस को
बैल को
गधे को
झुरी काछी ने बैलों को कहां और किसके साथ भेजा
कंझौस में गया के साथ
ससुराल भेजा ,गया के साथ
गांव भेजा,अपने आप
कहीं नहीं भेजा,घर पर ही रखा।
झुरी प्रात काल सोकर उठा तो उसने क्या देखा?
बैल भाग गए थे।
दोनों बैल चरनी पर खड़े थे।
गया वापस आ गया था
कुछ कह नहीं सकते।
दोनों बैल जब गया के घर से भागकर झूरी के घर आए तब इनमें से क्या नहीं हुआ था
घर और गांव के लड़के जमा हो गए थे।
कोई रोटियां,कोई गुड,कोई चोकर,कोई भूसा लाया।
लोगों ने बैलों को पिछले जनम का आदमी बताया
झुरी की पत्नी भी बैलों को देखकर बहुत खुश हुई।
बैलों को छोटी लड़की से आत्मीयता हो गई थी क्योंकि
लड़की और बैलों की हालत एक जैसी थी।
उसकी मा मर चुकी थी,सौतेली मां उसे मारती रहती थी।
रोटी खा लेने पर दोनों के हृदय को जैसे भोजन मिल जाता था।
उपर्युक्त सभी।
लेकिन औरत जा पर सींग चलाना माना है किसने किससे कहा
हीरा ने मोती से
मोती ने हीरा से
झूरी ने गया से।
सांड ने मोती से।
गया के यहां से भाग कर दोनों बैल पहुंच गए
गेहूं के खेत में
चने के खेत में
मटर के खेत में
फिर गया के घर
सांड के बारे में कौन सी बात पाठ के अनुसार गलत है
सांड डौकता चला आ रहा था
सांड पूरा हाथी था।
सांड को संगठित शत्रुओं से लडने का तजुर्बा था
सांड जख्मी होकर भाग गया।
प्रातः काल दोनों मित्र बंद कर दिए गए थे
जेल में
कांजीहौस में
घर में
कह नहीं सकते।
इनमें से कौन सा पशु कांजी हौ स में बंद नहीं था
भैंस
ऊंट
घोड़े
बकरियां
कांजी हौस में हीरा और मोती का जीवन कैसा था
चार नहीं मिलता था
इतनी कमजोरी आ गई थी कि खड़े भी नहीं हो सकते थे।
दीवार की नमकीन मिट्टी चाटनी शुरू कर दी थी।
उपर्युक्त सभी।
कांजीहौस की दीवार तोड़ने के लिए चौकीदार ने किसे डंडे रसीद किए
हीरा को
मोती को
खुद को
बाकी पशुओं को।
दीवार के गिरने पर कांजीहौस से पशुओं के भागने का क्रम था
सबसे पहले बकरियां,फिर घोड़ियां,फिर भैंसें
घोड़ियां, भैसें फिर गधे
घोड़ियां,बकरियां,भैसें
गधे,हीरा मोती भैंसें
गधे कांजीहौस से भागने को तैयार ना थे क्योंकि
उन्हें डर लग रहा पकड़ लिए गए तो क्या होगा
वे तेजी से भाग नहीं सकते थे
वे गधे थे इसलिए
वे कांजीहौस में रहना चाहते थे
दढियल के बारे में हीरा मोती सोच रहे थे
अब जान ना बचेगी
यह आदमी छुरी चलाएगा
गया के घर से ना भागे होते तो अच्छा था
उपर्युक्त सभी।
दढियल के साथ जाते हुए अचानक से दोनों बैल खुश क्यों हो गए
दोनों की लगा की राह जानी पहचानी थी।
वहीं खेत,वहीं बाग,वहीं गांव मिलने लगे
झुरी काछी का घर नज़दीक आ गया था।
उपर्युक्त सभी
दढियल पर सींग चलाने और उसे गांव से बाहर भगाने का काम किया
हीरा ने
मोती ने
गाव के लोगों ने
किसी ने नहीं,वह खुद भाग गया
