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WorksheetsNabi sir - Koshish Ek Asha Hindi Group
Total questions: 15
Worksheet time: 30mins
भारत माँ के प्रकृति-सौंदर्य का वर्णन कीजिए ।
मातृभूमि के एक हाथ में न्याय पताका है, जो न्यायका प्रतीक है । तो दूसरे हाथ में ज्ञान-दीप है, जो ज्ञान का प्रतीक है । माँ अपने न्याय तथा ज्ञान द्वारा बच्चों का मार्गदर्शन कर रही है ।
भारतमाता की धरती पर गांधि, बुद्ध और राम जैसे अनगिनत अमर तथा महान पुरूशों ने जन्म लिया ।
मातृभूमि के खेत हरे-भरे हैं । इस के वन-उपवन फल-फूलों से भरे हुए है । मातृभूमि के अंदर खनिजों की अपार संपदा भरी हुई है । जिसे माँ अपने दोनो हाथों से बिना किसी भेदभाव के अपने बच्चों में बाँट रही है ।
इनमें से कोई भी उत्तर नहीं है ।
मातृभूमि का स्वरूप कैसे सुशोभित है?
कवि की कल्पना के अनुसार मातृभूमि का स्वरूप अत्यंत सुंदर तथा सुशोभित है ।
मातृभूमि के एक हाथ में न्याय पताका है, जो न्यायका प्रतीक है । तो दूसरे हाथ में ज्ञान-दीप है, जो ज्ञान का प्रतीक है ।
माँ अपने न्याय तथा ज्ञान द्वारा बच्चों का मार्गदर्शन कर रही है ।
इनमें से सभी ।
मातृभूमि को अमरों की जननी क्यों कहा जाता है?
मातृभूमि को अमरों की जननी कहा है, क्योंकि भारतमाता की धरती पर गांधि, बुद्ध और राम जैसे अनगिनत अमर तथा महान पुरूशों ने जन्म लिया ।
जिन्होने मातृभूमि के स्वाभिमान तथा गौरव की रक्षा के लिए अपने प्राणों को त्यागकर अमर हो गए ।
इनमें से पहला उत्तर सही है ।
इनमें से दोनो उत्तर सही है ।
आजकल शिक्षित समाज में किसके बारे में विचार किया जाता है?
आजकल शिक्षित समाज में विटामिन और प्रोटीन के शब्दों पर विचार करने की प्रवृति चल पडी है । अर्थात स्वास्थ्य को लेकर विचार किया जाने लगा है ।
कश्मीरी सेब पाठ से हमें यह सीख मिलती है कि, हमें खरीदारी करते समय सतर्क रहना चाहिए ।
प्रेमचंद जी दुकानदार को क्षमा के योग्य नहीं समझते हैं क्योंकि दुकानदार ने जानबुझकर धोखेबाजी की थी ।
यदि एक सेब सड़ा होता तो शायद प्रेमचंद जी सोचतेकि दुकानदार ने देखा न होगा पर सारे के सारे सेब खराब थे ।
काश्मीरी सेब पाठ के द्वारा लेखक जी पाठकों को क्या संदेश देना चाहते हैं?
चाहे कितना भी विश्वास हो खरीदनेवाली वस्तु को एक बार अपनी आँखों से जाँच लेना चाहिए ।
धोखाधडी से सतर्क करना चाहते हैं, साथ ही किसी पर भी आँख बँद करके विश्वास न करने की सलाह देते हैं । जिस से ग्राहक धोखाबा़जी से बच सके ।
लेखक को एक दुकान में बहुत अच्छे रंगदार गुलाबी सेब नजर आये ।
आजकल शिक्षित समाज में विटामिन और प्रोटीन के शब्दों पर विचार करने की प्रवृति चल पडी है ।
प्रेमचंद जी ने दुकानदार को क्षमा के योग्य क्यों नहीं समझा?
काश्मीरी सेब पाठ द्वारा लेखक जी पाठकों को यह संदेश देना चाहते हैं की, धोखाधडी से सतर्क करना चाहते हैं, साथ ही किसी पर भी आँख बँद करके विश्वास न करने की सलाह देते हैं ।
आजकल शिक्षित समाज में विटामिन और प्रोटीन के शब्दों पर विचार करने की प्रवृति चल पडी है ।
दुकानदार ने जानबुझकर धोखेबाजी की थी । यदि एक सेब सड़ा होता तो शायद प्रेमचंद जी सोचतेकि दुकानदार ने देखा न होगा पर सारे के सारे सेब खराब थे । इसलिए क्षमा के योग्य नहीं समझा ।
चाहे कितना भी विश्वास हो खरीदनेवाली वस्तु को एक बार अपनी आँखों से जाँच लेना चाहिए ।
गिल्लू के कार्य-कलाप के बारे में लिखिए ।
लेखिका का ध्यान आकर्षित करने के लिए अलग – अलग तरीखे अपनाता था ।
लेखिका की थाली के पास बैठकर एक – एक चावल उठाकर बडी सफाई से खाता था ।
खिडकी की जाली से लेखिका के बाहर जाने के बाद वह भी बाहर जाता और ठीक चार बजे वापस अपने झूले पर आ जाता था ।
इनमें से सभी ।
लेखिका ने गिलहरी को क्या-क्या सिखाया?
लेखिका ने गिल्लू को थाली से निकालकर थाली के पास बैठाकर सफाई से खाना खाना सिखाया ।
समय पर बाहर जाना समय पर झूले पर वापस आना, साथ ही जब लेखिका लिखते समय लिफाफे में रखदे तो घंटों उसी में रहना आदि सिखाया ।
दोनो उत्तर सही हैं ।
दोनो उत्तर गलत हैं ।
गिल्लू के प्रति महादेवी वर्मा जी की ममता का वर्णन कीजिए ।
महादेवी वर्मा जी बालविधवा थीं तो उनके पालतु प्राणी-पक्षी ही उन्हें संतान समान थे।
लेखिका जब खाना खाती तो उसे साथ में बिठाकर खाती थी ।
जब वह लिखने बैठती तो वह यातो लिफाफे में बंद लेखिका के पास ही रहता या सुराही पर लेटा रहता ।
इनमें से सभी उत्तर सही हैं ।
दिनकर जी के अनुसार मानव का सही परिचय क्या है?
मानव के बीच जो रूकावटें, द्वेष, दूरियाँ हैं उन्हें मिटाएँ । तभी वह ज्ञानी तथा विद्वान कहलाएगा ।
मानव जितनी भी भौतिक प्रगति प्राप्त कर ले यह उसका परिचय नहीं उसका सही परिचय यह है कि, वह मनुष्य हृदय पर जीत प्राप्त करे तथा मानव से मानव के बीच जो रूकावटें, द्वेष, दूरियाँ हैं उन्हें मिटाएँ । तभी वह ज्ञानी तथा विद्वान कहलाएगा ।
मानव जितनी भी भौतिक प्रगति प्राप्त कर ले यह उसका परिचय नहीं उसका सही परिचय यह है
इनमें से सभी उत्तर सही हैं ।
दूकानदार ने लेखक से क्या कहा?
दूकानदार ने अपने नौकर से कहा, सुनो आधा सेर कश्मीरी सेब चुनकर निकाल लाना ।
टोमाटो भोजन MüÉ आवश्यक अंग बन गया है ।
दूकानदार ने लेखक से कहा, बाबूजी बडे मजेदार सेब आए हैं, खास काश्मीर के आप ले जाएँ ।
लेखक चीजें खरीदने चौक में गये थे ।
लेखिका ने गिल्लू के प्राण कैसे बचाये?
लेखिका ने गिल्लू को हौले से उठाया और कमरे में ले आई, उसके घाओं के रक्त को रूई से पौंछकर पेंसिलिन का मरहम लगाया ।
लेखिका को गिलहरी गमले और दीवार की संधि में पडी हुई दिखाई पढी । जिसे दो कौए नोचकर अपना आहार बनाना चाहते थे ।
गिल्लू लेखिका की गैर हाजिरी में झूले से नीचे नहीं उतरता था । उसे कोई काजु दे जाता था, लेकिन वह उसका प्रिया खाद्या भी नहीं खाता था ।
इनमें से कोई भी नहीं ।
गिल्लू ने लेखिका की गैरहाजरी में दिन कैसे बिताये?
वर्मा जी को चौंकाने के लिए गिल्लू कभी फूलदान के फूलों में, पर्दे की चुन्नट में तो कभी सोनजूही की पत्तियों में छुप जाता था ।
गिल्लू लेखिका की गैर हाजिरी में झूले से नीचे नहीं उतरता था । उसे कोई काजु दे जाता था, लेकिन वह उसका प्रिया खाद्या भी नहीं खाता था ।
लेखिका ने गिल्लू को हौले से उठाया और कमरे में ले आई, उसके घाओं के रक्त को रूई से पौंछकर पेंसिलिन का मरहम लगाया ।
इनमें से सभी सही उत्तर हैं ।
सेब की हालत के बारे में लिखिए ।
लेखक को एक दुकान में बहुत अच्छे रंगदार गुलाबी सेब नजर आये ।
लेखक जी ने जब सुबह खाने के लिए सेबों का लिफा़फा़ खोला तो दो सेब सडे़ हुए थे।
तीसरा सेब गलकर फिचक गया था और चौथा सेब ऊपर से ठीक था पर अंदर सारा काले धबों से भरा हुआ था ।
लेखक जी ने जब सुबह खाने के लिए सेबों का लिफा़फा़ खोला तो दो सेब सडे़ हुए थे। तीसरा सेब गलकर फिचक गया था और चौथा सेब ऊपर से ठीक था पर अंदर सारा काले धबों से भरा हुआ था ।
’प्रकृति पर सर्वत्र है विजयी पुरूष आसीन’ – इस पंक्ति का आशय समझाइए ।
नर नदि, पर्वत तथा समुद्र या सागर को एक समान लाँघ सकता है ।
आधुनिक पुरुष ने प्रकृति पर विजय पायी है ।
परमाणु नर (मानव) के करों को देखकर काँपते हैं ।
मनुष्य ने प्रकृति के सभी तत्वों पर अर्थात पृथ्वि आकाश वायु जल तथा अग्नि पर विजय प्राप्त कर ली है और वे सभी मनुष्य के आदेश पर चल रहे है ।
