NEW
Font size
WorksheetsKoshish Ek Asha Hindi Group - Nabi sir - 9741244343
Total questions: 15
Worksheet time: 30mins
इंटरनेट का मतलब क्या है?
इंटरनेट द्वारा हम घर बैठे-बैठे खरीदारी कर सकते हैं । कोई भी बिल भर सकते हैं । साथ ही किसी भी कोने में चाहे जितनी भी रकम हो भेज सकते हैं ।
इंटरनेट का अर्थ है, अनगिनत कंप्यूटरों के कई अंतरजालों का एक दूसरे से संबंध स्थापित करना ।
साथ ही किसी भी कोने में चाहे जितनी भी रकम हो भेज सकते हैं ।
इंटरनेट द्वारा हम घर बैठे-बैठे खरीदारी कर सकते हैं । कोई भी बिल भर सकते हैं ।
व्यापार और बैंकिंग में इंटरनेट से क्या महत्व है?
इंटरनेट द्वारा हम घर बैठे-बैठे खरीदारी कर सकते हैं । कोई भी बिल भर सकते हैं । साथ ही किसी भी कोने में चाहे जितनी भी रकम हो भेज सकते हैं ।
साथ ही किसी भी कोने में चाहे जितनी भी रकम हो भेज सकते हैं ।
इंटरनेट द्वारा हम घर बैठे-बैठे खरीदारी कर सकते हैं । कोई भी बिल भर सकते हैं ।
इनमें से कोई भी नहीं ।
ई-गवर्नेंस क्या है?
अभिलेख सरकारी आदेश आदि को यथावत लोगों को सूचित किया जा सकता है । इससे प्रशासन पारदर्शी होता है ।
गवर्नेंस ईंटरनेट द्वारा एक ऐसी व्यवस्था है जिसके द्वारा सरकार के सभी काम-काज का विवरण ।
अभिलेख सरकारी आदेश आदि को यथावत लोगों को सूचित किया जा सकता है ।
ई-गवर्नेंस ईंटरनेट द्वारा एक ऐसी व्यवस्था है जिसके द्वारा सरकार के सभी काम-काज का विवरण, अभिलेख सरकारी आदेश आदि को यथावत लोगों को सूचित किया जा सकता है । इससे प्रशासन पारदर्शी होता है ।
संचार व सूचना के क्षेत्र में इंटरनेट का क्या महत्व है?
कुछ साल पहले तक संचार व सूचना के लिए दूरभाष तथा चिट्ठी का प्रयोग होता था ।
पर अब इंटरनेट द्वारा हम पल भर में बिना ज्यादा खर्च किए कोई भी विचार हो, स्थिर चित्र हो ।
कुछ साल पहले तक संचार व सूचना के लिए दूरभाष तथा चिट्ठी का प्रयोग होता था पर अब इंटरनेट द्वारा हम पल भर में बिना ज्यादा खर्च किए कोई भी विचार हो, स्थिर चित्र हो, विडियो चित्र हो दुनिया के किसी भी कोने में भेजना साध्य हो गया है ।
विडियो चित्र हो दुनिया के किसी भी कोने में भेजना साध्य हो गया है ।
“विडियो कान्फरेन्स” के बारे में लिखिए ।
विडियो कान्फरेन्स द्वारा हम एक जगह बैठकर दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधियों के साथ 8-10 दूरदर्शनों के परदों पर बैठ कर सकते हैं ।
विडियो कान्फरेन्स द्वारा हम एक जगह बैठकर दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधियों के साथ 8-10 दूरदर्शनों के परदों पर एक दूसरे को देखकर चर्चा कर सकते हैं । एक ही कमरे में बैठकर विभिन्न देशों के रहनेवालों से विचार विनिमय कर सकते हैं ।
8-10 दूरदर्शनों के परदों पर एक दूसरे को देखकर चर्चा कर सकते हैं । एक ही कमरे में बैठकर विभिन्न देशों के रहनेवालों से विचार विनिमय कर सकते हैं ।
एक ही कमरे में बैठकर विभिन्न देशों के रहनेवालों से विचार विनिमय कर सकते हैं ।
“सोशल नेटवर्किंग” एक क्रांतिकारी खोज है । कैसे?
सोशियल नेटवर्किंग एक क्रांतिकारी खोज है जिसने विश्वभर के लोगों को एक जगह लाकर खडा कर दिया है । इसके कई वेबसाईट्स है । फेसबुक, ट्विटर आदि जिनके द्वारा देश-विदेश के लोगों की वेश-भूषा, रहन-सहन, खान-पान के साथ-साथ संस्कृत तथा कला का अति शीघ्र रूप में प्रचार हो रहा है ।
खान-पान के साथ-साथ संस्कृत तथा कला का अति शीघ्र रूप में प्रचार हो रहा है ।
इसके कई वेबसाईट्स है । फेसबुक, ट्विटर आदि जिनके द्वारा देश-विदेश के लोगों की वेश-भूषा, रहन-सहन, खान-पान के साथ-साथ संस्कृत तथा कला का अति शीघ्र रूप में प्रचार हो रहा है ।
सोशियल नेटवर्किंग एक क्रांतिकारी खोज है जिसने विश्वभर के लोगों को एक जगह लाकर खडा कर दिया है ।
इंटरनेट से कौन-सी हानियाँ हो सकती हैं?
इंटरनेट जितना लाभदायक है उतना ही हानिकारक है । इंटरनेट के कारण पैरसी बैंकिंग फ्राड, हैकिंग आदि बढ रही है ।
साथ ही मुक्त वेबसाईटों पर चैटिंग आदि से युवा पीढी ही नहीं बच्चे भी इंटरनेट के जाल में फंसते जा रहे हैं ।
इस से समय का दुरूपयोग होने के साथ-साथ हमारी युवा पीढी तथा बच्चों में नैतिक पतन भी बडता जा रहा है ।
इनमें से सभी उत्तर सही हैं ।
लेखक को भेजे गये निमंत्रण पत्र में क्या लिखा गया था?
लेखक को भेजे गए निमंत्रण पत्र में लिखा था कि “हम लोग इस शहर में एक ईमानदार सम्मेलन कर रहे हैं ।
आप देश के प्रसिद्ध ईमानदार है । हमारी प्रार्थना है कि आप इस सम्मेलन का उद्घाटन करें ।
आप के आगमन से ईमानदार तथा उदीयमान ईमानदारों को बडी प्रेरणा मिलेगी ।"
सभी उत्तर सही हैं ।
चप्पलों की चोरी होने पर ईमानदार डेलीगेट ने क्या सुझाव दिया?
1. चप्पलों की चोरी पर ईमानदार डेलिगेट ने लेखक को सुझाव दिया की चप्पलें एक जगह नहीं उतारनी चाहिए ।
2. एक चप्पल यहाँ उतारिए, तो दूसरी द्स फीट दूर । एक ही जगह जोडी होगी तो कोई भी चुरा सकता है ।
दूसरा (2) उत्तर सही है ।
दोनों उत्तर सही हैं ।
फूल मालाएँ मिलने पर लेखक क्या सोचने लगे?
जब स्टेशन पर लेखक को स्वागत में फूलमालाएँ मिली तो वे सोचने लगे कि आस-पास कोई चोर होतो फूल मालाएँ बेच देते ।
जब स्टेशन पर लेखक को स्वागत में फूलमालाएँ मिली तो वे सोचने लगे कि आस-पास कोई ग़रीब होतो फूल मालाएँ उसको देता ।
जब स्टेशन पर लेखक को स्वागत में फूलमालाएँ मिली तो वे सोचने लगे कि आस-पास कोई माली होतो फूल मालाएँ बेच देते ।
जब स्टेशन पर लेखक को स्वागत में फूलमालाएँ मिली तो वे सोचने लगे कि आस-पास कोई अमीर होता तो फूल मालाएँ बेच देते ।
लेखक ने मंत्री को क्या समझाया?
जब मंत्री ने तलाशी के लिए पुलिस को बुलाना चाहा तो लेखक ने समझाया कि ऐसा हरगिज न करें क्योंकि ईमानदारों के सम्मेलन में पुलिस ईमानदारों की तलाशी ले, यह बडी अशोभनीय बात है । इतने बडे सम्मेलन में थोडी गडबडी तो हो ही जाती है ।
ईमानदारों के सम्मेलन में पुलिस ईमानदारों की तलाशी ले, यह बडी अशोभनीय बात है । इतने बडे सम्मेलन में थोडी गडबडी तो हो ही जाती है ।
इतने बडे सम्मेलन में थोडी गडबडी तो हो ही जाती है ।
जब मंत्री ने तलाशी के लिए पुलिस को बुलाना चाहा तो लेखक ने समझाया कि ऐसा हरगिज न करें ।
चप्पलों की चोरी होने पर ईमानदार डेलीगेट ने क्या सुझाव दिया?
चप्पलों की चोरी पर ईमानदार डेलिगेट ने लेखक को सुझाव दिया की चप्पलें एक जगह नहीं उतारनी चाहिए ।
एक चप्पल यहाँ उतारिए, तो दूसरी द्स फीट दूर ।
एक ही जगह जोडी होगी तो कोई भी चुरा सकता है ।
सभी उत्तर सही हैं ।
लेखक ने कमरा छोडकर जाने का निर्ण क्यों लिया?
लेखक ने कमरा छोडकर जाने का निर्णय लिया क्योंकि एक-एक करके सारी चीजें चोरी हो गई थीं ।
लेखक ने कमरा छोडकर जाने का निर्णय लिया क्योंकि एक-एक करके सारी चीजें चोरी हो गई थीं । यहाँ तक कि ताला भी चोरी हो चुका था । अब लेख्क को यह डर था कि थोडी देर और रूके तो कहीं वे भी चुरा लिए जाएँ ।
यहाँ तक कि ताला भी चोरी हो चुका था । अब लेख्क को यह डर था कि थोडी देर और रूके तो कहीं वे भी चुरा लिए जाएँ ।
इनमें से कोई भी नहीं है ।
मुख्य अतिथि की बेईमानी कहाँ दिखाई देती है?
मुख्य अतिथि की बेईमानी दो जगह दिखाई देती है ।
पहली बार जब वे पहले दर्जे का किराया ले कर दूसरे दर्जे में सफर करना चाहते हैं और दूसरी बार स्वागत में मिली फूल मालाओं को बेचने के लिए माली को तलाशने की सोचते हैं ।
दोनों उत्तर सही हैं ।
दोनों उत्तर गलत हैं ।
सम्मेलन में लेखक को कौन-से अनुभव हुए? संक्षेप्त में लिखिए ।
सम्मेलन में लेखक बहुत सारे अनुभव हुए ।
पहले दिन उनकी चप्पलें चोरी हो गई और जिसने चुराई थी उसी ने आकर सुझाव दिया कि चप्पलें कैसे बचाना है । दूसरे दिन चादरें और धूप का चश्मा चोरी हो गए ।
फिर जिसने चुराया था वहीं पहनकर सामने आया । तीसरे दिन कम्बल फिर अंत में ताला तक चोरी हो गए ।
लेखक को लगा कहीं वही चोरी न हो जाएँ, यह सोचकर वे सम्मेलन से लौट आए ।
ऊपर के सभी उत्तर सही हैं ।
