Worksheetsकक्षा छठवीं , हिंदी, पाठ दो
Total questions: 17
Worksheet time: 9mins
लेखिका बचपन में इतवार की सुबह क्या काम करती थीं ?
अपने मोज़े धोती थी |
अपने घर की सफाई करती थी
अपने कपड़ों पर प्रेस करती थी
मंजन करती थी
लेखिका ने हमारे और तुम्हारे समय में दूरी को बताने के लिए कहा है -
उन दिनों रेडियो और टेलीविजन की जगह कुछ घरों में ग्रामोफोन होते थे |
पहले कुल्फी होती थी अब आइसक्रीम हो गई |
कचौड़ी समोसा अब पेटीज में बदल गया |
उक्त तीनों
हमारे और तुम्हारे समय में कितनी दूरी हो चुकी इसे अताने के लिए लेखिका ने क्या उदाहरण दिया -
फाल्से और खसखस के शरबत के स्थान पर कोक और पेप्सी जैसे शीतल पेयों ने लिया |
उनके समय कोक नहीं | लेमनेड,विमटो मिलता था |
कुल्फी आइसक्रीम हो गई |
उक्त तीनों
लेखिका को चश्मा क्यों लगाना पडा -
क्योंकि उनके शिक्षक ने कहा था
क्योंकि सभी उन्हें चिढाते थे
क्योंकि उनकी नज़र कमजोर हो गई थी
लेखिका की नज़र कमजोर क्यों पड़ गई -
सब्जी नहीं खाने के कारण
बाहर रोड की लाइट में पढने के कारण
टेबिल लैम्प के सामने बैठकर पढने के कारण
आँख पर चश्मा लगाया ताकि सूझे दूर की यह नहीं कि लड़की को मालूम सूरत बनी लंगूर की | यह कह लेखिका को कौन चिड़ाते थे ?
ममेरे भाई
सगे भाई
चचेरे भाई
उक्त तीनों
निम्न में से लेखिका क्या बड़े मजे लेकर खाती थीं ?
रोटी
चाकलेट
पुडी
जामुन
लेखिका को उनके भाई क्या कहकर चिड़ाते थे -
आँख पर ऐनक लगाया ताकि सूझे दूर की यह नहीं कि लड़की को मालूम सूरत बनी लंगूर की |
आँख पर चश्मा लगाया ताकि सूझे सूर की यह नहीं कि लड़की को मालूम सूरत बनी लंगूर की |
आँख पर चश्मा लगाया ताकि सूझे दूर की यह नहीं कि लड़की को मालूम सूरत बनी लंगूर की |
आँख पर चश्मा लगाया ताकि सूझे दूर की यह नहीं कि लड़की को मालूम सूरत बनी फ़कीर की |
लेखिका और चाकलेट के सम्बन्ध में सही कथन है -
वह चाकलेट बड़े मजे से खाती थी
चाकलेट उन्हें सप्ताह में एक बार ही खरीदने मिलती थी
वे चाकलेट को साइडबोर्ड पर रख देती थी
वे चाकलेट बिस्तर पर लेटकर खाती थीं
उक्त सभी कथन
लेखिका क्या क्या मजे से खातीं थीं -
कुल्फी, सहतूत, अचार, मुरब्बा
कुल्फी, सहतूत, फाल्से के शरबत, चाकलेट, रोटी, चावल, करेला
कुल्फी, सहतूत, फाल्से के शरबत, चाकलेट, फल
कुल्फी, सहतूत, फाल्से के शरबत रोटी, चावल, करेला
लेखिका के समय के दो प्रसिद्द फल कौन से हैं -
आम, केला
आम, सेव
काफन, चेस्टनट
काफान, चेस्टर
आज की आश्चर्यजनक आधुनिक चीजें हैं -
कम्पूटर, टेलीविजन, इन्टरनेट,
घुड़सवारी, ग्रामोफोन.
शिमला में कालका ट्रेन का माँडल
लेखिका के समय की आश्चर्यजनक चीजें निम्न में से थीं -
कम्पुटर , टेलीफोन
घुड़सवारी, ग्रामोफोन, हवाई जहाज की आवाजे,
मोबाइल, रोबोट, मेट्रोट्रेन, मोटर कार
उक्त सभी
लेखिका कृष्णा सोवती का अधिकांश बचपन का समय कहाँ बीता ?
कश्मीर में
शिमला में
मथुरा में
अहमदाबाद में
कृष्णा सोवती के पाठ बचपन में सरवर से अनुमानित आशय है -
उनके भाई से
उनके पति से
किसी होटल के अधिकारी से
किसी पत्रकार या मित्र से
भाव वाचक संज्ञाएँ किससे बनती हैं -
संज्ञा शब्दों से
क्रिया शब्दों से
विशेषण शब्दों से
सर्वनाम शब्दों से
मारना, काटना. हारना, सीखना, पलटना, हड़पना आदि शब्दों की क्रमशः बनीं भाव वाचक संज्ञाएँ हैं -
मार, काट, सीख, पलट,हड़प, हार
मार, हड़प काट, हार, सीख, पलट,
मार, काट, हार, सीख, पलट,हड़प
