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WorksheetsCHARAK SIDDHI STHAN (PRATYAKSH AYURVEDA )
Total questions: 20
Worksheet time: 10mins
सम्यक रूप से विरेचन हेतु दोषो की कौनसी अवस्था श्रेष्ठ है?
Which state of Dosha is/are best for proper virechana karma?
वृद्ध पित्त [Vriddha Pitta]
वृद्ध कफ [Virddha Kapha]
मन्द कफ [Manda Kapha]
ब व स दोनों [Both B & C]
यदि किसी व्यक्ति ने शिर से स्नान किया हुआ है यदि उसे शिरोविरेचन दिया जाये तो निम्न में से कोनसा व्यापद होगा?
A person has bathed from head, if he given Shirovirechana then which complication will occur?
प्रतिश्याय [Pratishyaya]
ज्वर [Jvara]
तिमिर [Timira]
उपरोक्त सभी [All of the above]
मृदु विरेचन एवं आमनाशक क्रिया निम्न में से किस व्यापद की चिकित्सा है –
‘Mridu virechana and Amanashaka Kriya’ is the treatment of which of the following Vyapad-
मलावृत स्नेह बस्ति
कफावृत स्नेह बस्ति
अन्नावृत स्नेह बस्ति
उपरोक्त में से कोई नही [None]
निरुह बस्ति के कोनसे व्यापद में यष्टिमधु या बिल्व तैल से सिद्ध अनुवासन बस्ति निर्दिष्ट है –
In treatment of which vyapad of Niruaha Basti includes Anuvasana basti by the taila prepared with yashtimadhu or bilva?
आध्मान
अंगमर्द
हिक्का
उपरोक्त में से कोई नही [none]
आचार्य चरक अनुसार शस्त्र अरणी के समान तीव्र वेदना निम्न में से किस शिरोरोग में होती है –
According to Acharya Charaka, In which of the following Shiroroga patient feel severe pain like ‘Shatra Arani’
अनन्तवात
शंखक
अर्धावभेद
सूर्यावर्त्त
आचार्य चरक अनुसार वमन – विरेचन से शुद्ध व्यक्ति को कितने दिन पश्चात अनुवासन बस्ति देनी चाहिए –
According to Acharya Charaka, after how many days of Vamana- Vireshana a person should be advised for Anuvasana basti -
8 दिन
9 दिन
6 दिन
तत्काल बाद [Immediately]
संसर्जन क्रम हेतु द्रव्यों का सही क्रम क्या है?
What will be the correct sequence of dravya for Sansarjana Karma?
मण्ड, विलेपी, अकृत-कृत यूष रस [Manda, Vilepi, Akrit-Krit Yoosha Rasa]
पेया, विलेपी, अकृत यूष, कृत रस [Peya, Vilepi, Akrit Yoosha, Krit Rasa]
पेया, विलेपी, अकृत यूष, कृत रस [Peya, Vilepi, Akrit Yoosha, Krit Rasa]
यवागू, पेया, अकृत-कृत यूष एवं रस [Yavagu, Peya, Akrit- Krit Yoosha evam Rasa]
आचार्य चरक अनुसार निम्न में से कोनसा नव परीक्ष्य विधियों में सम्मिलित नही है –
According to Achrya Charaka, which of the following is not included in 9 Parikshya Vidhi?
दोष [Dosha]
सत्व [Sattva]
अग्नि [Agni]
आहार [Ahara]
आचार्य चरक अनुसार निम्न में से गलत मेल है –
Find out incorrect match according to Acharya Charaka-
आम तैल युक्त स्नेह बस्ति – गुदा में अभिष्यंद
उर्ध्व एवं अधः मार्ग से स्नेह – वात एवं जाठराग्नि दूषित
निरंतर अनुवासन बस्ति - उत्क्लेश एवं जठराग्नि नाश
उपरोक्त में से कोई नही [None]
आचार्य चरक अनुसार पञ्चप्रासृतिक बस्ति के घटक द्रव्य है –
According to Acharya Charaka, the ingredients of Panchprasritika Basti are-
2 प्रसृत मधु, 1 प्रसृत घृत, 1 प्रसृत तैल, 1 प्रसृत क्षीर
2 प्रसृत क्षीर, 1 प्रसृत मधु, 1 प्रसृत तैल, 1 प्रसृत घृत
2 प्रसृत घृत, 1 प्रसृत मधु, 1 प्रसृत क्षीर, 1 प्रसृत तैल
2 प्रसृत तैल, 1 प्रसृत मधु, 1 प्रसृत क्षीर, 1 प्रसृत घृत
आचार्य चरक अनुसार अनन्तवात में निर्दिष्ट चिकित्सा उपकर्म है –
The treatment protocol for Anantavata according to Acharya Charaka, is
सिरावेधन
सूर्यावर्त्त नाशक चिकित्सा
अ और ब दोनों [Both A & B]
अनुवासन बस्ति
आचार्य चरक अनुसार “विटश्लेष्मपित्तानिलमूत्र कर्षी” निम्न में से किससे सम्बंधित है –
According to Acharya Charaka“विटश्लेष्मपित्तानिलमूत्र कर्षी” is related with which of the following-
निरुह बस्ति
विरेचन
अ और ब दोनों [Both A & B]
अनुवासन बस्ति
आचार्य चरकानुसार विरेचन के प्रधान, मध्य, अवर शुद्धि में निकले मल / द्रव्य का प्रमाण है क्रमशः?
According to a Acharya Charaka The amount of Mala / Dravya, expelled out during Pradhana, Madhya and Avara Shuddhi in Virechana, respectively ?
1, 1½, 2 प्रस्थ [Prastha]
2, 3, 4 प्रस्थ [Prastha]
4, 3, 2 प्रस्थ [Prastha]
2, 1½, 1 प्रस्थ [Prastha]
बस्ति प्रयोग दोष – व्यापद’ हेतु निम्न में से गलत मेल है –
Find out incorrect match for Basti Prayoga dosha and respective vyapad-
उष्ण बस्ति - विदाह, मूर्च्छा
शीत बस्ति - वात प्रकुपित
स्निग्ध बस्ति - जाड्य उत्पन्न
अतिलवण युक्त बस्ति - दाह, अतिसार
आचार्य चरक अनुसार “सवात” दोष है –
according to Acharya charaka ‘Savata’ is the dosha of -
बस्ति पुटक
बस्ति नेत्र
बस्ति दाता
बस्ति दोष
नावन के भेद होते है –
The types of Navana are-
5
3
7
2
. चरक संहिता के कल्पना सिद्धि अध्याय में पंचकर्म के उद्देश्य से कितने प्रश्नों का वर्णन है –
How many questions are asked in Kalpana Siddhi Adhyaya of Charaka Samhita for the purpose of Panchakarma?
8 प्रश्न
12 प्रश्न
9 प्रश्न
15 प्रश्न
चरक एवं सुश्रुतानुसार बस्ति के भेद है क्रमश;
3 , 3
3 , 2
2 , 3
2 , 2
उन्माद एवं हिक्का लक्षण मिलता है –
Unmada and Hikka are the feature of-
वमन अतियोग [Vamana Atiyoga]
विरेचन अतियोग [Virechana Atiyoga]
निरुह बस्ति अतियोग [Niruha Basti Atiyoga]
ब और स दोनों [Both B & C]
आचार्य चरक अनुसार स्वस्थ व्यक्ति में निरुह बस्ति हेतु प्रयुक्त स्नेह का प्रमाण है –
According to Achrya Charaka what will the amount of Sneha in Niruha Basti, introduced to a healthy person?
चतुर्थभाग [Fourth part]
षष्ठ भाग [Sixth part]
पञ्चम भाग [Fifth part]
अष्ट भाग [Eighth part]
