NEW
Font size
Worksheetsबहू की विदा
Total questions: 10
Worksheet time: 5mins
तुम चिंता ना करो कमला, मरहम का प्रबंध हो जाएगा-
प्रस्तुत कथन के वक्ता हैं -
प्रमोद
जीवनलाल
राजेश्वरी
कमला के पति
हाँ , विदा के लिए क्या कहा उन्होंने? प्रस्तुत कथन के /की वक्ता हैं-
जीवनलाल
कमला
प्रमोद
राजेश्वरी
आ गई मेरी गौरी ,अरे खड़ी-खड़ी मेरा मुंह क्या देख रही हो ,अंदर से मिठाई का थाल लाओ- गौरी कौन है
रमेश की बहन
जीवन लाल की बेटी
राजेश्वरी की बेटी
उपर्युक्त सभी
प्रस्तुत एकांकी में संदेश दिया गया है -
परिवार में बहू और बेटी में किए जाने वाले अंतर के विषय में
दहेज प्रथा के विषय में
ससुराल में किए जाने वाले बहू पर मानसिक उत्पीड़न के विषय में
उपर्युक्त सभी
जीवनलाल के लिए चोट के सामान थी
जब बारात की खातिरदारी ठीक से नहीं की गई थी
भरी बिरादरी में उनकी हँसी उड़ी थी
उन्हें मनचाहा दहेज नहीं मिला था
उपर्युक्त सभी
जीवनलाल स्वभाव से -
विनीत थे
लालची थे
विनम्र थे
संतुष्ट थे
मरहम का प्रबंध करने के लिए प्रमोद तैयार था-
रिश्वत लेने को
बैंक से लोन लेने को
अपना इकलौता मकान बेचने को
राजेश्वरी से पैसे उधार लेने को
हमारे व्यवहार से बाबूजी के कलेजे में घाव हो गया है-
'बाबूजी' किसे पुकारा गया है
प्रमोद को
जीवन लाल को
आलोक नाथ को
रमेश को
गौरी के बारे में गलत विकल्प चुनिए -
गौरी का स्वभाव बहुत अच्छा है
वह हर समय हँसती - हँसाती रहती है
गौरी बहुत व्यंग्य करती है
उसके साथ रहकर कमला को सखी -सहेलियों की कमी बिल्कुल नहीं अखरेगी
गौरी के नहीं आने का क्या कारण था-
गौरी बीमार थी
रमेश लाने के लिए गया ही नहीं था
उसके भी ससुराल वाले जीवन लाल की तरह लालची थे,दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे
गौरी आना नहीं चाहती थी
