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Worksheetsप्रत्यय प्रश्नोत्तरी
Total questions: 50
Worksheet time: 25mins
प्रत्यय जुड़ते हैं ।
शब्द के साथ
शब्द के अंत में
शब्द के प्रारम्भ में
संस्कृत में प्रत्यय कितने प्रकार के होते हैं ?
दो
चार
पाँच
कृत प्रत्यय जुड़ते हैं ?
धातु के साथ
संज्ञा के साथ
दोनो के साथ
तद्धित प्रत्यय जुड़ते है?
संज्ञा पदों के साथ
धातुओं के साथ
दोनो के साथ
पुल्लिंग शब्दों को स्त्रीलिंग शब्दों में बदलने के लिए किस प्रत्यय का प्रयोग करते है।
कृत प्रत्यय
तद्वित प्रत्यय
स्त्री प्रत्यय
क्त्वा प्रत्यय का प्रयोग किस अर्थ में होता है?
करना
करके
के लिए
क्त्वा प्रत्यय में से किस किस का लोप हो जाता है ।
क्
त्
वा
सेट धातुओं के साथ क्त्वा प्रत्यय जुड़ने पर किसका आगम होता है ?
ई
इट्
इ
हस् + क्त्वा
हसीत्व
हसीत्वा
हसित्वा
नी + क्त्वा
नित्वा
नीत्वा
नेत्वा
लिख + क्त्वा
लिखित्वा
लेखत्वा
लीखीत्वा
कृत्वा में धातु है
कृत
कृ
कृति
वद् + क्त्वा
वादित्वा
उक्तवा
वक्त्वा
भक्ष + क्त्वा
भक्षयित्वा
भक्षत्वा
भक्षयित
पत् + क्त्वा
पतित्वा
पतीत्वा
पक्त्वा
अस् + क्त्वा
भूत्वा
भुत्वा
असित्वा
जन् + क्त्वा
जनित्वा
जनीत्वा
जनयीत्वा
वंद् + क्त्वा
वदित्वा
वन्दित्वा
वंदीत्वा
घ्रा + क्त्वा
घ्राक्त्वा
घ्रात्वा
घ्रक्त्वा
श्रु + क्त्वा
श्रूत्वा
श्रुत्वा
श्रोत्वा
ल्यप् प्रत्यय के किन किन वर्णो का लोप हो जाता है?
ल् ,प्
य्, प्
प्
ल्यप् प्रत्यय का प्रयोग किस काल के लिए होता हैं ?
वर्तमान काल
भूत काल
भविष्यत काल
ल्यप् प्रत्यय से बना शब्द किस अर्थ में प्रकट होता हैं?
करके
करने के लिए
कर लिया
ल्यप् प्रत्यय में किसका प्रयोग पूर्व में अवश्य होता है?
अव्यय
उपसर्ग
विकारी शब्द
प्र + नम् + ल्यप्
प्रणम्य
प्रनम्य
प्रणाम्य
उप+ हृ + ल्यप्
उपहृतय
उपहृत्य
उपहृदम्
आ + दा + ल्यप्
आदाय
आदायी
आदाया
वि + हस्+ ल्यप्
विहस्य
विहास्य
विहास्या
सम् + पठ् + ल्यप्
संपाठ्य
संपठ्य
सम्पथ्य
अधि + इ + ल्यप्
अधिय
अधीय
आदित्य
तुमुन् प्रत्यय का प्रयोग किस अर्थ में किया जाता हैं ?
के कारण
के लिए
के द्वारा
तुमुन् प्रत्यय में से क्या शेष रहता है?
तुम
तुम्
तुमु
तुमुन् प्रत्यय से बना शब्द सदैव होता है?
संज्ञा
विशेषण
अव्यय
पठ् + तुमुन्
पाठतुम
पाठिठुम
पठितुम्
घ्रा + तुमुन्
घ्रायितुम
घ्रयीतुम
घ्रातुम्
क्री + तुमुन्
क्रीतुम
क्रितुम
क्रेतुम्
हस् + तुमुन्
हसीतुम्
हँसीतुम्
हसितुम्
क्रिडीतुम् में धातु और प्रत्यय है?
क्रिड् तुमुन्
क्रीड् तुमुन्
क्रिडी तुमुन्
नम् + तुमुन्
नन्तुम्
नम्तुम्
नमितुम्
रूद् + तुमुन्
रुदीतुम्
रोदितुम्
रोदीतुम्
क्तवतु प्रत्यय का प्रयोग किस काल मे होता है?
भूतकाल
वर्तमान काल
भविष्यत काल
क्तवतु प्रत्यय का प्रयोग किस वाच्य में होता हैं?
कर्तृवाच्य
कर्मवाच्य
भाववाच्य
क्तवतु प्रत्यय का प्रयोग किस लिंग में होता है ?
पुल्लिंग
स्त्रीलिंग
नपुंसकलिंग
तीनों लिंगो में
दृश् + क्तवतु
दृष्टवान्, दृष्टवती, दृष्टवत्
दृष्वान्, दृष्वती, दृष्वत्
दृष्टवान, दृष्टवती, दृष्टवत
कृ + क्तवतु
कृतवान्, कृतवती, कृतवत
कृतवान्, कृतवती, कृतवत्
कृतवान, कृतवती, कृतवत
भू + क्तवतु
भूतवान
भूतवति
भूतवत्
आप् + क्तवतु
आप्तवान्
आप्तवती
आप्तवत्
सभी
क्रीत् + क्तवतु
क्रीतवान्, क्रीतवती, क्रीतवत्
क्रीतवान्, क्रीतवती, क्रीतवत
करोतवान, करोतक्वती, क्रीतवत्
आ + रभ् + क्तवतु
आरब्धवान्, आरब्धवत्य, आरब्धवत
आरब्धवान्, आरब्धवती, आरब्धवत्
आरब्धवान्, आरब्धवति, आरब्धवत्
ज्ञा + क्तवतु
ज्ञातवान
ज्ञात्वाति
ज्ञातवत्
