WorksheetsKṛṣṇa Book Practice Quiz (Chapter 37-38)
Total questions: 22
Worksheet time: 35mins
असुर केशी ने किस रूप में वृन्दावन में मन की गति से प्रवेश किया? (अध्याय 37)
भयानक अश्व
विशाल मेघ
विशालकाय सिंह
भीमकाय सांड
कुछ प्रदक्षिणाओं के बाद कृष्ण ने पैरों से पकडे हुए केशी को 100 गज दूर फेंक दिया जैसे ____________________ फेंकता है | (अध्याय 37)
गरुड़ एक विशाल सर्प को
हाथी एक सिंह को
बच्चा खिलौने को
क्रोधी प्रेमिका अपने प्रेमी को
कृष्ण ने अपना कौन सा हाथ केशी अश्व के खुले मुख में डाल दिया? (अध्याय 37)
बांया
दांया
श्रीकृष्ण के हाथ की केशी के मुख में डालने की किससे तुलना की गयी है? (अध्याय 37)
एक बड़ा सर्प किसी खेत के बिल में
तप्त लौह शलाका के समान
नारद मुनि ने श्रीकृष्ण से एकांत भेंट में भविष्य की किन-किन लीलाओं का वर्णन किया? (अध्याय 37)
व्योमासुर का वध
चाणूर, कंस, नरकासुर आदि का वध
पौंड्रक, चेदिराज व दन्तवक्र का वध
नृग का उद्धार व शूरवीर भूपालों की कन्याओं से विवाह
कुरुक्षेत्र के युद्ध में अर्जुन के सारथी, अजेय मृत्यु के रूप में
भगवान् श्री कृष्ण अपनी किस शक्ति के अधीन हैं? (अध्याय 37)
अन्तरंगा शक्ति
बहिरंगा शक्ति
तटस्था शक्ति
किसी पर भी नहीं
केशी का वध करने के बाद कृष्ण अपने सखाओं सहित गोवर्धन पर कौन सा खेल खेल रहे थे? (अध्याय 37)
चोर-सिपाही
भाग-दौड़
रस्सा-कशी
मार-धाड़
आकाश में उड़ने वाला व्योमासुर किस असुर का पुत्र था? (अध्याय 37)
अघ
मय
बक
शकट
एक भौतिकतावादी भी कृष्ण की कृपा से बचाया जा सकता है, कैसे? (अध्याय 38)
जैसे लहरों पर तैरता तिनका तट पर संरक्षण का अवसर प्राप्त कर सकता है
जैसे एक हाथ-पाँव बंधा व्यक्ति स्वयं मुक्त हो सकता है
अक्रूर जी ऐसा क्यों सोच रहे थे कि वे भगवान् के दर्शन का दिव्य अवसर पाने के योग्य नहीं हैं? (अध्याय 38)
शुद्ध भक्त कृष्ण की सेवा के लिए स्वयं को सदा अयोग्य समझता है
जैसे भौतिकतावादी भगवद्ज्ञान समझने में अयोग्य होता है
जैसे शूद्र वेदाध्ययन के लिए अयोग्य होता है
अक्रूर जी स्वयं को परम भाग्यवान क्यों समझ रहे हैं? (अध्याय 38)
श्रीकृष्ण का दर्शन करेंगे जिसके लिए महान योगीगण लालायित रहते हैं
उनके दर्शनमात्र से गत जीवन के पाप फल नष्ट हो जाएंगे
भाग्य से प्राप्त यह मानव-योनि कृतार्थ हो जाएगी
पूर्व में उनके पादपद्मों की नखप्रभा ने इस जगत से मुक्ति प्रदान की है
कृष्णभावनामृत के अभाव में सभ्यता एक ____ शरीर का अलंकारमात्र है | (अध्याय 38)
मृत
वृद्ध
बालक
काले
कोई भी श्रीकृष्ण का दर्शन कैसे कर सकता है? (अध्याय 38)
डाबर का अञ्जन लगा कर
पतंजलि का अञ्जन लगा कर
हिमालय का अञ्जन लगा कर
भगवत्प्रेम का अञ्जन लगा कर
अक्रूर जी वृन्दावन पहुंचकर रथ से उतरते ही सबसे पहले क्या करने का सोचते हैं? (अध्याय 38)
पंचांग प्रणाम
साष्टांग प्रणाम
पदारविन्दों की वन्दना
ग्वालसखाओं में से एक बनना
श्रीकृष्ण के वरदहस्त का आशीर्वाद किस-किसने प्राप्त किया? (अध्याय 38)
इंद्र जो ब्रह्माण्ड के स्वामी बनने के योग्य हो गए
बलि जिन्होंने इंद्र का स्थान प्राप्त किया
रासनृत्य से थकीं गोपियाँ तत्क्षण विगतश्रम हो गयीं
पत्थर की अहिल्या सुन्दर युवती बन गयी
किस प्रकार की सेवा करने से व्यक्ति को कृष्ण से मान्यता प्राप्त होगी जिसके बिना मानव जीवन निन्दित है? (अध्याय 38)
स्वेच्छा से मन मुताबिक़
प्रामाणिक गुरु के मार्गदर्शन में
गुरु को संतुष्ट कर लेने से भगवान् संतुष्ट हो जाते हैं - इसके लिए क्या उदाहरण दिया गया है? (अध्याय 38)
विभागीय अध्यक्ष की संतुष्टि से पदोन्नति एवं वेतन-वृद्धि स्वयं हो जाती है
जेल के अधिकारी को घूस देकर जेल से बाहर निकलना सरल है
अक्रूर जी के पिता का क्या नाम है? (अध्याय 38)
अशफाक
श्वफलक
सत्राजित
कृतवर्मा
नरोत्तमदास ठाकुर के अनुसार मैं वृन्दावन यात्रा करने में कब समर्थ होऊंगा? (अध्याय 38)
टिकट क्रय करने के बाद
इन्द्रिय-सुख के दूषण त्यागकर शुद्ध हुए मन द्वारा
जब अक्रूर जी वृन्दावन पहुंचे, तब कृष्ण बलराम किस स्थिति में थे? (अध्याय 38)
गोदोहन के निरीक्षण में व्यस्त थे
अभी गोचारण के पश्चात लौटे हैं
स्नानोपरांत नवीन वस्त्र आदि धारण किये हैं
अभी अभी सोकर उठे हैं
मथुरावासियों के प्रति कंस का संरक्षण किस प्रकार का है? (अध्याय 38)
जैसे वधशाला में पशुओं के लिए वधिक का संरक्षण
जैसे अयोध्यावासियों के लिए भगवान् राम का संरक्षण
कृष्ण बलराम ने जैसे अक्रूर जी का सत्कार किया उससे अतिथि सत्कार के विषय में आपने क्या सीखा? कोई एक मुख्य बात लिखें |
