NEW
Font size
Worksheetsजैन सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी - 1
Total questions: 20
Worksheet time: 7mins
इस पर्वत के आगे मनुष्य नहीं जा सकता है ?
हिमालय पर्वत
वृषभाचल पर्वत
कुलाचल पर्वत
मानुषोत्तर पर्वत
सबसे अच्छी कषाय होती है ?
मान
माया
लोभ
कोई नहीं
वर्तमान महावीर स्वामी निर्वाण वर्ष है ?
2545
2546
2547
2542
द्रव्य होते हैं ?
सात
पदार्थो का समूह
गुणो का समूह
पाँच
श्री सम्मेद शिखर जी से अलग अन्य स्थान से कितने तीर्थंकर मोक्ष पधारे ?
बीस
बाईस
चौबीस
चार
भगवान महावीर स्वामी की निर्वाण भूमि है ?
चम्पापुरी
पावापुरी
कैलाश
गिरनार
बाह्य और अंतरंग तपों मे अंतरंग तप होते हैं ?
छह
बारह
पाँच
पंद्रह
मंगलाचरण रूप णमोकार मन्त्र सर्व प्रथम किस ग्रन्थ में लिपिबद्ध किया गया ?
समय सार जी
प्रवचन सार जी
षटखंडागम जी
उक्त सभी
छहढाला जी ग्रन्थ के रचयिता पंडित दौलत राम जी की एक अन्य कृति का नाम है ?
बारह भावना
सोलह कारण भावना
दौलत विलास
आलोचना पाठ
भगवान महावीर स्वामी के निर्वाण दिवस की संध्या पर केवल्य ज्ञानी होने वाले गौतम गणधर कहलाये ?
श्रुत केवली
सामान्य केवली
अनुबद्ध केवली
अंत:कृत केवली
उत्तर में १२ वर्षों के दुर्भिक्ष से कौन से आचार्य महाराज, दक्षिण की ओर विहार कर गए ?
आचार्य धरसेन महाराज जी
विशाखाचार्य जी महाराज
आचार्य भद्रबाहु जी महाराज
आचार्य श्रुत सागर जी महाराज
श्रीमद जिन तारण तरण मंडलाचार्य जी महाराज ने माला रोहण ग्रन्थ की रचना किस स्थान पर की ?
गंज बासौदा
सिरोंज
खिमलासा
ग्यारसपुर
किनके पुण्यों से देवों ने नगरी बसाकर मुनियों को आहार दान दिया ?
चन्द्रगुप्त मुनिराज
आचार्य भद्रबाहु जी
विशाखाचार्य जी
उक्त सभी
तीर्थंकर महावीर के समवसरण में प्रमुख गणिनी कौन थीं ?
आर्यिका चंदना
आर्यिका ब्राम्ही
आर्यिका सुंदरी
आर्यिका कमलश्री
जैन इतिहास में प्रसिद्द एक दान वीर ?
भामा शाह
अशोक
सुदामा
सूरजमल
‘मिथ्या विली वर्ष ग्यारह’ ये पंक्तिया किस ग्रन्थ में उद्दरत हैं ?
श्री छद्मस्थ वाणी जी
श्री नाममाला जी
श्री शुन्न स्वाभाव जी
श्री खातिका विशेष जी
‘जो बिन सुनै सयानो होई तो गुरु सेवा करे ना कोई’ ये पंक्तिया किस ग्रन्थ में उद्दरत हैं ?
श्री सिद्ध स्वभाव जी
श्री नाममाला जी
श्री सुन्न स्वाभाव जी
श्री खातिका विशेष जी
सम्यग्दर्शन उत्पत्ति के कितने भेद है ?
पच्चीस
पाँच
दो
बारह
भव प्रत्यय अवधि ज्ञान किन्हे होता है?
देवों और त्रियञ्चो को
मनुष्य और देवों को
देवों और नारकियों को
सभी को
मनःपर्यय ज्ञान की उत्पत्ति का क्षेत्र है ?
देवलोक
मनुष्य लोक
नरक
स्वर्ग
