Worksheetsछहढ़ाला पहली ढ़ाल 1-5
Total questions: 14
Worksheet time: 7mins
छहढ़ाला ग्रंथ के लेखक हैं ?
पं दौलतराम जी
पं बुधजन जी
पं मख्खनलाल जी
आचार्य उमास्वामी
ग्रंथ में कितनी ढ़ाल हैं ?
2
4
6
5
मंगलाचरण में किसे नमस्कार किया गया है ?
वीतरागता को
विज्ञानता को
केवलज्ञान को
वीतराग-विज्ञानता को
पहली ढ़ाल में वर्णन है -
नरक का
अरिहंत का
चतुर्गति के दुखों का
स्वर्ग का
तीनों लोकों में सारभूत है-
केवलज्ञान
वीतराग-विज्ञानता
धन
घर
तीन लोक हैं-
ऊर्ध लोक,मध्यलोक,अधोलोक
स्वर्ग ,मध्यलोक,अधोलोक
ऊर्ध लोक,मध्यलोक,नरक
ऊर्ध लोक,मनुष्य,अधोलोक
वीतरागी होते हैं
मोह रहित
मोह-राग-द्वेश रहित
मोह-राग-द्वेश सहित
देवता
राग कहते हैं-
किसी को बुरा जानकर दूर करने की इच्छा
दूसरों में अपनापन
किसी को भला जानकर चाहना
किसी को भला-बुरा जानना
विज्ञानता के लिए उपयुक्त शब्द है-
विज्ञान
सर्वज्ञता
आचार्य
साधु
पूर्ण वीतरागी हैं-
आचार्य
उपाध्याय
साधु
अरिहंत
मन, वचन, काय हैं-
शरीर
योग
रत्नत्रय
लोक
तीनों लोकों में जीव हैं-
हजार
लाख
अनंत
असंख्यात
इन्द्रिय सुख में है-
आकुलता
निराकुलता
वास्तविक सुख
कुछ भी नहीं
मोह महा मद जीव ने पिया है-
कल से
पिछले भव से
हजार साल से
अनादि से
