Worksheetsप्रश्नोत्तरी कबीर दास व मीराबाई के पद
Total questions: 10
Worksheet time: 5mins
कबीर के अनुसार परमात्मा-
सृष्टि के कण-कण में है
ज्योति स्वरूप है
उसकी व्याप्ति चराचर संसार में है
उपरोक्त सभी
कबीर की दृष्टि में ईश्वर एक है क्योंकि-
एक ही पवन बहती है
एक ही जल सब की प्यास बुझाता है
एक ही ईश्वरीय ज्योति में सब प्राणी समाए हुए हैं
उपरोक्त सभी
मानव शरीर का निर्माण कितने तत्वों से हुआ है -
एक तत्व से
तीन तत्वों से
पांच तत्वों से
11 तत्वों से
कबीर ने नियम और धर्म का पालन करने वाले लोगों की किस कमी की ओर संकेत किया है -
आत्म तत्व को नहीं पहचानते
वे नियम पूर्वक स्नान ध्यान करते हैं
वे पत्थरों में ईश्वर को ढूंढते हैं
उपरोक्त सभी
कबीर के अनुसार ईश्वर की प्राप्ति हो सकती है -
पीपल की पूजा करने से
माला जपने से
सहज साधना से
गुरु बनाने से
मीरा के पदों का प्रतिपाद्य है -
कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम
कृष्ण का महिमा वर्णन
हिंदी का प्रचार प्रसार
उपरोक्त सभी
'प्रेम-बेलि' और 'आणंद-फल' में अलंकार है -
उपमा अलंकार
रूपक अलंकार
अनुप्रास अलंकार
उत्प्रेक्षा अलंकार
'दधिमथि घृत काढि लियो' में मीरा के अनुसार घृत है-
प्रेम और भक्ति
करुणा वे दया
मान सम्मान
स्वाभिमान
मीरा के प्रभु गिरिधर नागर में 'गिरधर' का आशय है-
गोवर्धन धारी कृष्ण
चक्रधारी कृष्ण
बृज बिहारी कृष्ण
माधव मुरारी कृष्ण
लोग मीरा को बावरी कहते हैं क्योंकि-
वह कृष्ण को पति मानती है
वह लोक लाज की परवाह नहीं करती
वह घुंघरू बांध कर कृष्ण के सामने नाचती है
उपरोक्त सभी
