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WorksheetsBhagavad Gita As It Is DAY-01 (1.1-10)
Total questions: 15
Worksheet time: 47mins
किस शब्द से धृतराष्ट्र की मनःस्थिति का पता चलता है? (1.1)
धर्मक्षेत्रे
कुरुक्षेत्रे
युयुत्सवः
मामकाः
गीता महात्मय के अनुसार किस प्रकार से भगवद्गीता का अध्ययन करने से कोई विश्व के समस्त शास्त्रों के अध्ययन को पीछे छोड़ देता है? (1.1)
श्रीकृष्ण के भक्त की सहायता से संवीक्षण करते हुए
स्वार्थप्रेरित व्याख्याओं के बिना
भगवान् की प्रामाणिक गुरु परम्परा से
जैसा मन करे वैसा कल्पना करके
भगवद्गीता का विशिष्ट मानदण्ड क्या है? (1.1)
भगवद्गीता में अन्य शास्त्रों की सारी बातें मिलेंगी
ऐसी बातें भी मिलेंगी जो अन्यत्र उपलब्ध नहीं हैं
स्वयं भगवान् कृष्ण द्वारा साक्षात उच्चारित पूर्ण विज्ञान है
किसी भी श्लोक का कुछ भी मनगढंत अर्थ निकाल सकते हैं
कुरुक्षेत्र को धर्मक्षेत्र कहने के लिए क्या कारण सही नहीं है? (1.1)
कुरुक्षेत्र वैदिक युग से देवताओं के लिए भी तीर्थस्थल रहा है
कुरुक्षेत्र के युद्धस्थल में साक्षात धर्म के पिता भगवान् श्रीकृष्ण उपस्थित थे
कुरुक्षेत्र में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय है जो शिक्षा प्रदान करके धर्म का काम कर रहा है
संजय हस्तिनापुर में धृतराष्ट्र के कक्ष में बैठे-बैठे कुरुक्षेत्र के युद्धस्थल का दर्शन कैसे कर पाया? (1.1)
जियो मीट लाइव टेलीकॉस्ट
सिटी केबल
उसमें बचपन से यह दूर स्थानों को देखने की शक्ति थी
अपने गुरु श्रील व्यासदेव की कृपा से
धृतराष्ट्र अपने पुत्रों की विजय के विषय में भयभीत व संदिग्ध क्यों था? (1.1)
युद्धस्थल में अर्जुन के पक्ष में श्रीभगवान् स्वयं उपस्थित थे
वह नहीं चाहता था कि उसके पुत्रों व उसके छोटे भाई पाण्डु के पुत्रों में कोई समझौता हो
उसे ज्ञात था कि पवित्र स्थल का प्रभाव पाण्डु के पुण्यात्मा पुत्रों पर अत्यंत अनुकूल होगा
इस श्लोक में राजा किसे कहा गया है? (1.2)
सञ्जय
धृतराष्ट्र
द्रोणाचार्य
दुर्योधन
धृतराष्ट्र व उसके पुत्रों में क्या समानता है? (1.2)
दोनों आध्यात्मिक दृष्टि से वंचित हैं
दोनों भगवान् के परम भक्त हैं
दोनों सरल हृदय के हैं
दोनों महान योद्धा हैं, जिनसे अर्जुन भी कंपकंपा उठा
दुर्योधन के कूटनीतिज्ञ व भयभीत होने का क्या प्रमाण है? (1.2)
राजा होते हुए भी स्थिति की गंभीरता के कारण वह सेनापति के पास जाने को विवश हुआ
पाण्डवों की व्यूहरचना देखकर अपने कूटनीतिक व्यवहार से भी वह अपने भय को छिपा नहीं पाया
दुर्योधन ने द्रोणाचार्य को पाण्डुपुत्रों की सेना दिखते हुए द्रुपदपुत्र धृष्टद्युम्न के लिए "तव शिष्येण धीमता - आपके अत्यंत बुद्धिमान शिष्य" क्यों कहा? (1.3)
द्रोणाचार्य को बधाई देने के लिए - वाह ! क्या शिक्षा दी है
द्रोणाचार्य को परोक्षतः मूर्ख कहते हुए कि जानते हुए भी धृष्टद्युम्न को सारे सैनिक रहस्य प्रदान किये
शूराः भीम व महेष्वासाः अर्जुन के समान युद्ध करने वालों में दुर्योधन ने किस महारथी का नाम नहीं लिया? (1.4)
युयुधान (सात्यकि)
विराट
द्रुपद
शिखण्डी
दुर्योधन ने विपक्षी दल के योद्धाओं को किन विशेषणों से सम्बोधित किया? (1.4-6)
महारथी - महान योद्धा
वीर्यवान - अत्यंत शक्तिशाली
नरपुंगवः - मानव समाज में वीर
द्विजोत्तम - ब्राह्मणश्रेष्ठ
अपनी सेना के समितिञ्जयः - सदा संग्राम विजयी योद्धाओं में दुर्योधन द्वारा बताये गए सोमदत्ति के विषय में क्या सही नहीं है? (1.8)
सोमदत्त का पुत्र
भूरिश्रवा
बाह्लीकों के राजा का पुत्र
कृपाचार्य की जुड़वां बहन का पति
दुर्योधन युद्ध में विजयी होने के लिए कैसे आश्वस्त व दृढ़निश्चयी था?(1.8-10)
जयद्रथ, कृतवर्मा, शल्य जैसे मित्रों की संयुक्त शक्ति के कारण
अत्यंत अनुभवी सेनानायक भीष्म पितामह के द्वारा विशेष रूप से संरक्षित होने के कारण
कम अनुभवी भीम को भीष्म की तुलना में नगण्य आंकने के कारण
धृतराष्ट्र के व्यवहार से अपने व्यक्तिगत जीवन के लिए क्या सीख ले सकते हैं?
