Worksheetsकविता १. हम पंछी उन्मुक्त गगन के
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किन परिस्थितियों में पक्षी नहीं गा पाएंगे-
खुले आकाश में घूम रहे होंगे
अगर वे उड़ रहे होंगे
अपने घोंसले में चहचहा रहे होंगे
पिंजरे में बंद रहेंगे
कनक- तीलियों से टकराकर पक्षियों की क्या हालत होगी
पुलकित पंख टूट जाएंगे
नए पंख मिलेंगे
उन्हें नया जीवन मिलेगा
उनका मालिक उन्हें पुरस्कार देगा
कनक कटोरी की मैदा से अधिक भला पक्षियों को क्या लगता है-
पिज़्ज़ा बर्गर
कटुक निबौरी
दाल बाटी चूरमा
पानी पूरी
पक्षी किस जंजीर में बंध गए हैं
धागे की जंजीर में
सोने की जंजीर में
प्रेम की जंजीर में
चांदी की जंजीर में
1– हम पंछी उन्मुक्त गगन के इस कविता के कवि कौन हैं?
क- रामधारी सिंह दिनकर
ख- शिवमंगल सिंह सुमन
ग- रहीम
घ- मीराबाई
3- सोने के पिंजरे की सलाखों से टकरा-टकराकर क्या होगा?
क- पिंजरा टूट जाएगा।
ख- पक्षी बाहर निकाल जाएंगे।
ग- उनके कोमल पंख टूट जाएंगे।
घ- वे मन की सारी इच्छाइए पूरी कर लेंगे ।
4-कवि पक्षियों के माध्यम से मनुष्य की किस भावना को दर्शना चाहता है?
क- परतंत्रता में सभी सुविधाएं पाने की।
ख- ऊंचाइयों को छूने की।
ग- सदा स्वतंत्रता का जीवन जीने की।
घ- किसी के बंधन में रहने की।
कनक का अर्थ क्या है।
स्वर्ण
स्वतंत्र
बेचैन
तारे
उन्मुक्त का अर्थ क्या है?
स्वतंत्र
कनक
स्वर्ण
पुलकित
तारे
हम पंछी उन्मुक्त गगन के
पिंजरबद्ध न गा पाएंगे,
कनक-तीलियों से टकराकर
______ पंख टूट जाएंगे।
खूबसूरत
अच्छे
पुलकित
खराब
