Worksheetsdukh ka adhikar
Total questions: 20
Worksheet time: 10mins
किसी व्यक्ति की पोशाक को देखकर हमें क्या पता चलता है
किसी व्यक्ति की पोशाक देखकर हमें उसका दर्जा तथा उसके अधिकारों का ज्ञान होता है।
पोशाक ही उसे आदर का पात्र बनाती है तथा नीचे झुकने से रोकती है।
मनुष्य के जीवन में पोशाक का बहुत महत्त्व है
सब
बुढ़िया के दुःख को देख कर लेखक को किसकी याद आई ?
अपनी माँ की
संभ्रांत महिला की
गाँव की
बच्चों की
खरबूजे बेचने वाली बुढ़िया के बेटे का क्या नाम था ?
भगवाना
भगावना
भागवाना
भागवन
बाज़ार में लोग बुढ़िया को किस दृष्टि से देख रहे थे ?
प्रेम की
घृणा की
नफ़रत की
ईर्ष्या की
साँप के काटने पर बुढ़िया किसको बुला लाई ?
डॉक्टर को
पड़ोसी को
दुकानवालों को
ओझा को
बुढ़िया बाजार में क्या बेचने गई थी ?
तरबूज़
ख़रबूज़े
सब्ज़ी
खिलौने
लेखक किसके रोने का कारण नहीं जान सका?
बच्चे के
स्त्री के
भिखारी के
इनमें से कोई नहीं
बुढ़िया के दुःख को देखकर लेखक को किसकी याद आ गई?
घर की
गाँव की
बच्चे की
संभ्रांत महिला की
पुत्र की मृत्यु के अगले दिन बाजार किसे आना पड़ा?
लेखक को
पड़ोसी को
बुढ़िया को
इनमें से कोई नहीं
लेखक ने पोशाक की तुलना किससे की है?
सामाजिक व्यवस्था से
पुरानी किताब से
कटी हुई पतंग से
उच्च वर्ग से
किसके मरने पर तेरह दिन का सूतक होता है?
वृद्ध व्यक्ति के
जवान लड़की के
बच्चे के
जवान बेटे के
लोगों ने किसे ‘पत्थर दिल’ कहा है?
लेखक को
बुढ़िया को
भगवाना को
इनमें से कोई नहीं
" अरे इन लोगों का है ? ये कमीने लोग रोटी के टुकड़े के लिए जान देते हैं। " ये वाक्य किसने कहे ?
फुटपाथ पर खड़े एक आदमी ने
परचून की दुकान पर बैठे लाला जी ने
दाढ़ी खुजाते एक आदमी ने
उपर्युक्त में से कोई नहीं
बुढ़िया का बेटा कितने बरस का था ? और उसका क्या नाम था ?
बाईस बरस का और नाम भगवाना था ।
बाईस बरस का और नाम भगवान था ।
तेईस बरस का और नाम भगवान था ।
तेईस बरस का और नाम भगवाना था ।
' दुख का अधिकार ' नामक कहानी के लेखक कौन है ?
श्री यशपाल जी
श्री यशलाल जी
श्री यशकुमार जी
श्री यशनाथ जी
लड़का सुबह मुँह-अँधेरे बेलों में से क्या चुन रहा था ?
पके हुए करेले
पके हुए तरबूज़
पके हुए खरबूज़े
पके हुए अंगूर
बुढ़िया ने अपने बेटे को बचाने के लिए क्या-क्या उपाय किए ?
नागदेव की पूजा करवाई
ओझा को बुला लाई और झाड़ना-फूँकना हुुआ ।
पूजा के लिए दान-दक्षिणा दी गई।
उपर्युक्त सभी
पोशाक कब बंधन और अडचन बन जाती है ?
समाज की निचली श्रेणी
समाज की मध्यम श्रेणी
समाज की उत्तम श्रेणी
समाज की दर्जा श्रेणी
लड़के की मृत्यु के दुसरे दिन बुढिया खरबूजे बेचने क्यों गई ?
बच्चे भूख से बिलबिला रहे थे
बुधिया को बुख से तडप रही थी
भगवाना की पत्नी बुखार से तप रही थी
बुढिया को कर्ज चुकाना था
निर्वाह का अर्थ हैं
जीविका चलाना
जीविका का रुक जाना
धीरे -धीरे चलना
तेजी से चलना
