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Bhagavad Gita As It Is DAY-49 (12.13-20, 13.1-2)

Total questions: 15

Worksheet time: 1hrs 25mins

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1.

भगवान् शुद्ध भक्त के किन दिव्य गुणों का वर्णन कर रहे हैं? (12.13-14)

a)

वह किसी भी परिस्थिति में विचलित नहीं होता

b)

वह किसी किसी के प्रति ईर्ष्यालु होता है

c)

वह केवल अपने शत्रु का ही शत्रु बनता है

d)

वह कभी प्रसन्नचित्त नहीं रहता है

e)

भगवत्कृपा से जो प्राप्त होता है, उसी से सन्तुष्ट नहीं रहता

2.

जब भी कोई भक्त मुसीबत में पड़ता है, तो वह क्या सोचता है? (12.13-14)

a)

विगत दुष्कर्मों के अनुसार अधिक कष्ट भोगना था

b)

भगवत्कृपा से थोड़ा ही दण्ड मिल रहा है

c)

विरोध करने की अपेक्षा कष्ट सहना अच्छा है

d)

भगवान् की मेरे ऊपर कृपा ही है

e)

वह सदैव शान्त तथा धीर बना रहता है

3.

एक शुद्ध भक्त के विषय में क्या सही है? (12.13-14)

a)

वह शारीरिक कष्टों को प्रधानता देता है

b)

वह अपने गुरु के आदेशों पर अटल रहता है

c)

कठिनाई से प्राप्य वस्तु को पाने का प्रयास करता है

d)

वह मिथ्या अहंकार के बोध से युक्त रहता है

e)

उसकी इन्द्रियाँ वश में नहीं रहती हैं

4.

एक भक्त इनमें से कैसा आचरण नहीं करता? (12.15)

a)

भक्त द्वारा कोई व्यक्ति कष्ट, चिन्ता, भय या असन्तोष को प्राप्त नहीं होता

b)

यदि अन्य लोग भक्त को चिन्ता में डालना चाहते हैं, तो वह विचलित नहीं होता

c)

भक्ति में रत रहने पर भी भौतिक उपद्रव भक्त को विचलित कर देते हैं

5.

भक्त के स्वभाव के विषय में क्या सही है? (12.16)

a)

भक्त धन अर्जित करने के लिए संघर्ष नहीं करता

b)

भक्त दिनभर में दो बार स्नान करता है

c)

भक्ति के लिए प्रातःकाल जल्दी उठता है

d)

भक्त प्रामाणिक शास्त्रों में दृढ़विश्वास रखता है

e)

भक्त शारीरिक कष्टों के आने पर भी मुक्त रहता है

6.

कृष्ण को अतिशय प्रिय एक शुद्ध भक्त को कैसे पहचान सकते हैं? (12.17)

a)

वह भौतिक लाभ, पुत्र की प्राप्ति के लिए उत्सुक रहता है

b)

किसी प्रिय वस्तु के खो जाने पर उसके लिए पछताता है

c)

समस्त प्रकार के शुभ, अशुभकर्मों से सदैव घिरा रहता है

d)

कृष्ण के लिए बड़ी से बड़ी विपत्ति सहने को तैयार रहता है

7.

भगवान् को अत्यन्त प्रिय भक्त किन स्थितियों में समभाव रखता है? (12.18-19)

a)

मित्रों तथा शत्रुओं के लिए

b)

मान तथा अपमान

c)

शीत तथा गर्मी

d)

सुख तथा दुख

e)

निंदा तथा स्तुति

8.

भक्त को मौनी क्यों कहा जाता है? (12.18-19)

a)

वह कृष्णकथा के अतिरिक्त कुछ भी नहीं बोलता

b)

वह किसी से कुछ बोलता ही नहीं

c)

वह अनर्गल आलाप नहीं करता

9.

एक शुद्ध भक्त के विषय में क्या सही है? (12.18-19)

a)

भक्त सदैव कुसंगति से दूर रहता है

b)

वह आवास की सुविधा की चिन्ता नहीं करता

c)

भक्त समस्त परिस्थितियों में सुखी रहता है

d)

वह अपने संकल्प तथा ज्ञान में दृढ़ होता है

e)

सद्गुणों के बिना कोई शुद्ध भक्त नहीं बन सकता

10.

भगवद्गीता के किन अध्यायों में अत्यन्त हृदयग्राही भक्ति का वर्णन हुआ है? (12.20)

a)

प्रारम्भ के छः अध्यायों में (1-6)

b)

बीच के छः अध्यायों में (7-12)

c)

अंत के छः अध्यायों में (13-18)

11.

इनमें से क्या सही है? (12.20)

a)

शुद्धभक्त को जीवन-निर्वाह के लिए वस्तुओं की चिन्ता करनी होती है, क्योंकि भगवत्कृपा से सारी वस्तुएँ स्वतः सुलभ नहीं होती

b)

सुसंगति से भक्ति के प्रति आसक्ति उत्पन्न होती है, जिससे वह प्रमाणिक गुरु बनाता है, और श्रद्धा, आसक्ति तथा भक्ति के साथ सुनता है

12.

अर्जुन किस विषय में जानने का इच्छुक है? (13.1-2)

a)

प्रकृति एवं पुरुष (भोक्ता)

b)

क्षेत्र एवं क्षेत्रज्ञ

c)

ज्ञान एवं ज्ञेय

d)

काम एवं प्रेम

13.

"क्षेत्र" कौन कहलाता है? (13.1-2)

a)

इन्द्रियों से बना हुआ शरीर

b)

शरीर का स्वामी आत्मा

14.

जीवात्माएं इस संसार में क्यों कष्ट उठा रही हैं? (13.1-2)

a)

भगवान् की श्रेष्ठता और अपनी अधीन अवस्था के कारण

b)

भगवान् के साथ अपनी स्वाभाविक स्थिति की विस्मृति के कारण

15.

भगवान् द्वारा बताये गए भक्तों के गुणों/स्वभाव में से कौन सा एक विकसित करने के लिए आप अभी से प्रयास प्रारम्भ करना चाहेंगे?

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