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Worksheetsसाधक संजीवनी
Total questions: 14
Worksheet time: 5mins
कब और कितनी साधना करते हैं?
पूरे दिन में, जब और जितना समय मिल जाए
जब कभी मूड करता है
नियमित, निश्चित समय पर, प्रतिदिन कम से कम 2:30 घंटा
चाहकर भी समय नहीं मिलता है
प्रात: कालीन साधना का क्या समय निश्चित है?
जब नींद खुल जाए
ऑफिस/काम पर जाने से थोड़ा पहले
ब्रह्ममुहूर्त 4:00 बजे
सुबह की भाग-दौड़ में समय ही नहीं मिल पाता है
साधना के वक़्त बैठने का आसन कैसा होता है?
जमीन पर बिछा कुश, कम्बल अथवा सपाट आसान
बिस्तर पर
कहीं भी
फर्श पर
साधना के पीछे सर्वोपरि प्रेरक भाव क्या रहता है?
आध्यत्म-पथ पर वृद्धि
दिव्य अनुभूतियों की लालसा
सांसारिक कामना की पूर्ति व कष्ट निवारण हेतु
गुरु आज्ञा की पालना
सत्संग कब और कितना सुनते हैं?
बहुत सुन लिया, अब सारी बातें मालूम ही हैं
हर हफ्ते
जब-जब गुरु महाराज जी प्रवचन करते हैं
छुट्टी एक , काम अनेक । इसलिए कभी- कभी
सत्संग विचारों में कितनी रुचि रहती है?
निर्भर करता है, सत्संग कौन कर रहा है
निर्भर करता है, हमारा मूड कैसा है
निर्भर करता है, विषय कौन सा है
हमेशा पूरी एकाग्रता से, महाराज जी के अनमोल विचार समझ कर
आप किसी निजी काम में व्यस्त हैं। तभी सेवा के लिए फोन आ जाए, क्या करेंगे?
सीधा मना कर देंगे या कोई बहाना बना देंगे
सेवा को प्राथमिकता दे, स्वीकार कर लेंगे
झल्ला कर सेवा के लिए चल देंगे
मना करके बाद में पश्चाताप करते रहेंगे
यदि आपको प्रमुख सेवा स्थल से हटाकर, एक कोने में नियुक्त कर दिया जाए तो?
बदलने वाले से बहस या तू-तू, मैं-मैं
हीन भावना से भरकर उत्साह खो देंगे
गुरुदेव की आज्ञा जानकर, खुशी से स्वीकार कर लेंगे
बोलेंगे कुछ नही, पर अंदर ही अंदर कुढ़ते रहेंगे
सेवा का क्या प्रतिफल माँगते हैं?
कामना पूर्ति
मान-प्रतिष्ठा
भक्ति - मुक्ति
कुछ भी तो नही (निष्काम)
सेवा किस भाव से प्रेरित होकर करते हैं?
गुरुभाइयों/प्रचारकों को खुश करने के लिए
गुरु की प्रसन्नता/ मिशन की वृद्धि के लिए
समय काटने के लिए
कला प्रदशित करने/अहम तुष्टिबके लिए
क्या आप संस्थान में कभी धन के रूप में सेवा अर्पित करते हैं?
गुरु - दरबार तो हम् कुछ लेने जाते हैं, देने थोड़े ना
शास्त्रों के अनुसार आय का 10% प्रतिमाह
आश्रम में तो वैसे ही इतना धन- धान्य है और क्या देना
क्या करूँ, अपना खर्च ही पूरा नही होता है
बहुत इंतजार किया, पर गुरु के दर्शन नही हुए। ऐसे में आपकी क्या प्रतिक्रिया?
गुरु से नाराज, दोबारा ना आने का निर्णय लेंगे
पक्षपात का आरोप लगा बैठेंगे
स्वयं में कमी ढूँढेंगे/ गुरु की रजा में राजी रहेंगे
हीन भावना से ग्रस्त हो जाएंगे
गुरु के कक्ष तक पहुँचने का सर्वोपरि माध्यम क्या समझते हैं?
प्रचारक स्वामी/ विदुषी
कोई भी बहाना
मन की सच्ची भावना और प्रार्थना
आध्यात्मिक जिज्ञासा
किसलिए गुरु-दर्शन करने जाते हैं?
महापुरुषों के दर्शन से पुण्य पुंज बढ़ाने व कष्ट मिटाने
जबरन, घर के लोंगो के पीछे पड़ जाने के कारण
प्रेम वश, गुरु को देखने की तीव्र तड़प उठती है
यूँ ही, बस चले जाते हैं
