Worksheets1857 ka revolt
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1857 के विद्रोह का आरंभ कहां से हुआ
अंबाला छावनी
मेरठ छावनी
लखनऊ छावनी
ग्वालियर छावनी
मेरठ छावनी के सिपाहियों ने विद्रोह किया
5 May 1857
7 may 1857
8 may1857
10 may 1857
दिल्ली में विद्रोहियों ने विद्रोह का नेतृत्व करने के लिए किसी मजबूर किया
बहादुर शाह जफर को
पेशवा बाजीराव द्वितीय को
नवाब शौकत अली को
उपयुक्त सभी को
फिरंगी ओं का सफाया करने के लिए निम्न भाषा में अपीले जारी की गई
हिंदी
उर्दू
फारसी
उपयुक्त सभी
कानपुर में विद्रोहियों का नेतृत्व किया
बहादुर शाह
नाना साहब
शाहमल
मौलवी अहमदुल्लाह शाह
बिहार में विद्रोहियों का नेता था
बिरजिस कद्र
बेगम हजरत
कुंवर सिंह
नवाब वाजिद अली शाह
वाजिद अली शाह कहां का नवाब था
अवध
बंगाल
हैदराबाद
कर्नाटक
लखनऊ में ब्रिटिश राज ढहने पर पर नेता घोषित किया गया
कुंवर सिंह
बिरजिस कद्र
एम फकीर
शाहाबाद
बिरजिस कद्र युवा पुत्र था
नवाब शौकत अली
नवाब सिराजुद्दौला
नवाब मीर अली
नवाब वाजिद अली शाह
विद्रोह के समय उत्तर प्रदेश में बड़ौत परगना के गांव वालों को संगठित किया
गोलू ने
शाहमल ने
मौलवी अहमदुल्लाह शाह ने
उपरोक्त सभी ने
डलहौजी ने कहा यह गिलास फल एक हमारे ही मुंह में आकर गिरेगा गिलास फल से उसका क्या अभिप्राय था
कश्मीर
सातारा
अवध
झांसी
आवाज रियासत को औपचारिक रुप से ब्रिटिश साम्राज्य में मिलाया गया
1855
1856
1854
1853
विद्रोह के समय जीभ मेंकोलआदिवासियों का नेता था
गोनू
शानू
बिरसा मुंडा
इनमें से कोई नहीं
1857 की क्रांति का तात्कालिक कारण बने
फिरंगी को मारने के पर्चे
चर्बी वाले कारतूस
आटे में हड्डियों के टुकड़े
इनमें से कोई नहीं
विद्रोह के संदेश को फैलाने के लिए निम्न तरीके का प्रयोग किया
चपाती या बांटना
तोप दागना
बिगुल बजाना
उपरोक्त सभी
अंग्रेजों ने कुशासन की आड़ में किस रियासत को कब्जे में लिया
कर्नाटक
झांसी
सातारा
अवध
झांसी तथा सातारा को अंग्रेजी राज्य में मिलाया गया
दतकता को अवैध घोषित करके
शासकीय दुर्बलता के आधार पर
अंग्रेजी शासन का समर्थन न करने पर
उपरोक्त सभी
सती प्रथा को समाप्त करने के लिए कानून बनाया गया
1802
1820
1824
1829
1857 के विद्रोह का सबसे व्यापक रूप देखने को मिला
अवध में
बंगाल में
कर्नाटक में
दिल्ली में
1856 में अवध मेंभू राजस्व व्यवस्था लागू की गई
एकमुश्त बंदोबस्त
स्थाई बंदोबस्त
रैयतवाड़ी बंदोबस्त
महालवाड़ी बंदोबस्त
लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व किया
नवाब वाजिद अली शाह
बेगम हजरत महल
बहादुर शाह जफर
तात्या टोपे
बंगाल आर्मी की पौधशाला कहा जाता था
हैदराबाद को
महाराष्ट्र को
दिल्ली को
अवध को
विद्रोह के बाद अंग्रेजों का अवध पर पुनः नियंत्रण स्थापित हुआ
June 1857
September 1857
January 1858
मार्च 1858
युद्ध में रानी झांसी की मृत्यु हुई
June 1858
June 1857
July 1868
March 1857
खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी यह पंक्तियां किस लेखक की है
मैथिलीशरण गुप्त
हजारी प्रसाद द्विवेदी
सुभद्रा कुमारी चौहान
इनमें से कोई नहीं
