Wayground logo

Free Printable Worksheets

Font size

S
M
L
XL
Worksheets

चरक सूत्र संहिता क्विज - 16-20

Total questions: 30

Worksheet time: 15mins

Name
Class
Date
1.

ग्लानि लक्षण है।

a)

सम्यग विरिक्त पुरूष

b)

अविरिक्त पुरुष का

c)

संशोधन योग्य पुरुष का

d)

सम्यग वमित पुरुष का

2.

जरां कृच्छ्रेण लभते चिरं जीवत्यनामयः। निम्न संदर्भ है।

a)

चिकित्सा प्राभृतीयाध्याय

b)

कियन्त:शिरसीयमध्यायं

c)

त्रिशोथीयाध्थयाय

d)

मात्रा शितीय अधाय

3.

संशोधन के अतियोग की चिकित्सा हैं।

a)

सर्पिपान

b)

मधुर द्रव्य से सिदध् तैल की अनुवासन बस्ति

c)

दोनों

d)

शीतल जल

4.

स्वभावोपरम काअर्थ है।

a)

कारण सापेक्ष उत्पति

b)

कारण निरपेक्ष विनाश

c)

कारण निरपेक्ष उत्पति

d)

कारण सापेक्ष विनाश

5.

चरकानुसार रस विकल्प है।

a)

62

b)

63

c)

57

d)

60

6.

चरकानुसार शंखक शिरो रोग मे दोष है।

a)

वात ,पित,रक्त

b)

त्रिदोष

c)

कफ,पित, रक्त

d)

त्रिदोष ,रक्त

7.

"तपतिवातिवेदनम" निम्न लक्षण हैँ।

a)

वातज शिरो रोग

b)

वातज हृदय रोग

c)

कफज शिरोरोग

d)

पितज हृदय रोग

8.

आस्यासुखैः स्वप्नसुखैर्गुरुस्निग्धातिभोजनैः। निम्न का निदान है।

a)

प्रमेह का निदान

b)

कफज शिरो रोग का निदान

c)

मांस दुष्टि का निदान

d)

मेद दुष्टि का निदान

9.

"भवत्यश्मावृतं" निम्न से है।

a)

कफज शिरोरोग का निदान

b)

कफज हृदय रोग का निदान

c)

कफज हृदय रोग का लक्षण

d)

कफज शिरो रोग का लक्षण

10.

"तुधमानं स हृदयं सूचीभिरिव मन्यते।" निम्न से है।

a)

कृमिजन्य हृदय रोग का निदान

b)

कृमिजन्य हृदय रोग का लक्षण

c)

वातिक शिरोरोग का लक्षण

d)

पैतिक हृदय रोग का लक्षण

11.

दोषाः प्रवृद्धाः स्वं लिगं दर्शयन्ति यथाबलम्। निम्न का संदर्भहैं।

a)

16 अध्याय

b)

17 अध्याय

c)

18 अध्याय

d)

5 अध्याय

12.

"स्फुटनं ग्लानिरक्षणोरायास एव च।" लक्षण है।

a)

मेद क्षय का

b)

मांस क्षय का

c)

मेद वृद्धि का

d)

रक्त वृद्धि का

13.

" मुखं च परिशुष्यति" लक्षण है।

a)

शुक्र क्षय का

b)

मूत्र क्षय का

c)

ओज क्षय का

d)

ज्वर का पूर्व रुप

14.

"रक्तमीषत्सपीतकम्।" लक्षण है।

a)

पर ओज का लक्षण

b)

अपर ओज का लक्षण

c)

रक्त क्षय का लक्षण

d)

मांस क्षय का लक्षण

15.

प्रमेह पिडि.का है।

a)

सप्तको गण

b)

सप्तकोऽयम

c)

सप्तको द्रव

d)

सप्तको दारुण

16.

"अवगाढ़ार्तिनिस्तोदा" निम्न पिड़िका का लक्षण है।

a)

शराविका

b)

कच्छपिका

c)

विनता

d)

अलजी

17.

"क्षिप्र पाका"महारुजा" लक्षण है।

a)

शराविका

b)

जालिनी

c)

अलजी

d)

सर्षपी

18.

"अवगाढ़ रुजा क्लेदा " किस पिड़िका का लक्षण है।

a)

कच्छपिका

b)

विनता

c)

जालिनी

d)

अलजी

19.

"शस्त्रैर्भिधत इव चोल्मुकैरिव दहृयते।" लक्षण है।

a)

आमावस्था वि द्रधि

b)

पच्यमान विद्रधि

c)

पक्व विद्रधि

d)

पक्व शोथ

20.

चरकानुसार "सक्थिसाद" किस अन्त विद्रधि का लक्षण है।

a)

वक्षंण

b)

यकृत

c)

प्लीहा

d)

क्लोम

21.

"क्षिप्रोत्थान प्रशमो" निदान हैं।

a)

वातिक शोथ

b)

पैत्तिक शोथ

c)

दोनों

d)

उपरोक्त मे से कोई नहीं।

22.

"शोथो नक्तं प्रणश्यति"" किस शोथ का लक्षण है।

a)

वात्तिक शोथ

b)

पैत्तिक शोथ

c)

कफज शोथ

d)

एकांग शोथ

23.

"शस्त्र कुशच्छिन्नाच्छोणितं न प्रवर्तते।" किस शोथ का लक्षण है।

a)

वात्तिक शोथ

b)

पैत्तिक शोथ

c)

कफज शोथ

d)

सर्वाग शोथ

24.

शोथ के उपद्रव है।

a)

7

b)

6

c)

5

d)

9

25.

"त्रिरात्रं परमं तस्य जन्तोर्भवति जीवितम्।" लक्षण है।

a)

रोहिणी

b)

उदर रोग

c)

गुल्म

d)

आनाह

26.

"मेधा " किस दोष का कार्य है।

a)

वात

b)

पित

c)

कफ

d)

रक्त

27.

पांच भेद से रोग होते है।

a)

8

b)

12

c)

3

d)

4

28.

तिमिर कि स दोष का नानात्मज विकार है।

a)

वात

b)

पित

c)

कफ

d)

सन्निपातज

29.

"कण्डू" किस दोष का कर्म है।

a)

वात

b)

पित

c)

कफ

d)

B+c

30.

"उदर्द" किस दोष कानानात्मज विकार है।

a)

वात

b)

पित

c)

कफ

d)

A+b