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Worksheetsगिरधर की कुण्डलियाँ
Total questions: 20
Worksheet time: 11mins
हहाय का अर्थ क्या है?
विलाप करना
ज़ोर ज़ोर से बातें करना
ठहाका लगाके हँसना
विवाद करना
बयारि का अर्थ
पत्ता
हवा
धूप
बौर
गिरिधर कविराय के अनुसार एक दिन कौन धोखा देता है?
स्वार्थी मित्र
अमीर लोग
पतला पेड़
कम्बल
गिरिधर कविराय बड़ों की किस वाणी का उल्लेख करते हैं?
कुत्ते से बचने की
ईश्वर को न स्मरण करने की
कम्बल रखने की
नाव मे पानी भरने पे दोनो हाथों से निकलने की।
गिरिधर कविराय ने किनको अपनी कविता का विषय बनाया है?
नीति और अध्यात्म
नीति , वैराग्य और अध्यात्म
वैराग्य और अध्यात्म
नीति और वैराग्य
समय असमय हमारी लाज क्या रखता है?
गुण
मधुर वाणी
कंबल
पैसा
गिरिधर कविराय की इस कुंडलियाँ से हमें क्या शिक्षा मिलती है- "कमरी थोरे दाम की----बड़ी मर्यादा कमरी।"
यह संकट आने पर शरीर को ढक देती है
हर वस्तु चाहे छोटी हो या बड़ी लाभदायक होती है।
कमरी को सब खरीद सकते है
कमरी पे सो भी सकते है
गिरिधर कविराय ने हमें लाठी के गुणो के माध्यम से क्या प्रेरणा दी है?
लाठी साथ रखना चाहिए
लाठी बहुत काम की वस्तु है
लाठी यात्रा सरल बनाती है
लाठी की तरह ही हमारे गुण हमें कष्टों से बचाते हैं |
मनुष्यों को गुणों का अधिक से अधिक संग्रह क्यों करना चाहिए?
समाज में उसी की प्रशंसा होती है जो गुणों से भरा होता है
हमारे गुण हमें मुश्किलों से बचाते हैं
कोई हमारी कमी को पहचान न पाए
कैसे लोगों के शरण मे रहने से प्राण खतरे मे पड़ सकते है
मोटे मनुष्यों
सबल मनुष्यों
दुर्बल और असमर्थ मनुष्यों
पतले मनुष्य
हम लाठी से क्या नहीं कर सकते है ?
कुत्ते को भगा सकते है
बकुचा के रूप में प्रयोग कर सकते है
दवागीरो को सबक सीखा सकते है
नाले की गहराहि नाप सकते है
कौन सी चीज बहुत सस्ती होती है पर उससे हम कीमती कपड़ो को ढक कर बचा सकते हैं |
कम्बल
लाठी
गुण
पेड़
गिरधर कविराय ने अपनी समस्त काव्य रचना किस छंद में की ?
कुण्डलिया
दोहे
कविता
उपयुक्त सभी
किस व्यक्ति के हज़ारो खरीददार होते हैं ?
राजा
कोयल जैसे मधुर स्वर वाला व्यक्ति
गुणवान व्यक्ति
गरीब आदमी
कवि के अनुसार संसार में कैसा व्यवहार होता है ?
मित्र सदैव मदद करते हैं |
मित्र संकट में मदद करते हैं |
मित्र तब तक साथ रहते हैं जब तक धन होता है |
मित्रों का कोई स्वार्थ नहीं होता |
'राखिए अपना पानी' पंक्ति में पानी का क्या अर्थ है ?
जल
धन
मान
परोपकार
'कागा और कोकिल' में अंतर है -
रंग का
आकार का
वाणी का
स्वभाव का
कुंडलिया की विशेषता है -
वर्णिक छंद
जिस शब्द से शुरु होता है उसी से ख़त्म होता है |
प्रथम चरण और तीसरा चरण समान होता है |
दोहे को ही कुंडलिया कहते हैं |
राजदरबार में कैसा व्यवहार करना चाहिए -
जरूरत पड़ने पर चले जाना चाहिए |
राजा को प्रणाम करना चाहिए |
जब कोई कुछ पूछे तभी बोलना चाहिए |
राजा की बात पर जोर से हँसना चाहिए |
अधिक धन होने पर क्या करना चाहिए ?
धन से कोई व्यापार करना चाहिए
मित्र की मदद करनी चाहिए
दोनों हाथों से दान करना चाहिए
संभालकर रखना चाहिए
