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Worksheetsरैदास के पद
Total questions: 42
Worksheet time: 21mins
कवि ने गरीब निवाजु किसे कहा है?
अमीरों को
ईश्वर को
स्वयं को
माता-पिता को
चकोर पक्षी किसे एकटक देखता रहता है?
कवि को
सूरज को
आकाश को
चंद्रमा को
किसका नाम याद करने से जीव संसाररूपी सागर को पार कर जाते हैं?
माँ का
पिता का
हरि का
इनमें से कोई नहीं
कवि ने अपनी तुलना किस पक्षी से की है?
हंस से
चकोर से
कोयल से
सुजान से
पानी में घिसकर किसका रंग निखरता है?
चंदन का
सोने का
मोती का
इनमें से कोई नहीं
कवि रैदास किसके दास बनना चाहते हैं?
मालिक के
संतों के
प्रभु के
इनमें से कोई नहीं
ईश्वर किनपर द्रवित होते हैं?
कवि पर
पक्षियों पर
भक्तों पर
अछूतों पर
कवि ने यदि प्रभु को मोती माना है , तो स्वयं की तुलना किससे की है ?
दीपक
धागा
मोर
चंद्र
रैदास के मुख से किसके नाम की रट नहीं छूटती?
पिता के
बाबा के
संतों के
राम के
कवि को राम-राम की रट क्यो नही भूलती ?
भक्ति करने के लिए
कृपा पाने के लिए
प्रभु से एकाकार होने के कारण
कवि की भक्ति में किस भाव की प्रधानता है ?
प्रेम भाव
दास्य भाव
भक्ति भाव
आग्रह का भाव
कवि किसे अपना सबकुछ मानते है?
भक्तों को
संतों को
भगवान् को
धनी लोगो को
भक्त और भगवान को किन चीजों से तुलना की गई है ?
चंद-चकोर
मोती-धागा
सोना-सुहागा
सभी
कवि ने अपने और भगवान में किस प्रकार का संबंध बताया है ?
बेटे और बाप की तरह
गुरु और शिष्य की तरह
पानी और चंदन की तरह
यदि भगवान् दीपक है तो भक्त क्या है ?
पानी
चकोर
बाती
धागा
पानी से मिलकर कौन सुगंधित होता है ?
सोने का
मोती का
चंदन का
इनमे से कोई नहीं
सही तुलना के आधार पर चुनाव की जीयें l
स्वामी-दास ,सोना-चकोर
चंदन-चकोर , मोती-मोर
मोती-धागा , घन बन-मोर
स्वामी-दास , चंद-चकोर
पंक्ति पूरी करे "प्रभु जी, तुम मोती हम धागा, जैसे ________________।
चितवत चंद चकोरा
जोति बरै दिन राती
भक्ति करै रैदासा
सोनहिं मिलत सुहागा
कवि की दृष्टि में गरीबों और दिन - दुखियों का रक्षक कौन है ?
श्री कृष्ण
ईश्वर
देवी - देवता
अमीर वर्ग
निम्न कोटि के लोगों को गोबिंद कैसे तारते हैं ?
अचक संपत्ति देकर
भक्त बनाकर
बिना डरे ऊँच बनाकर
धन - दौलत देकर
कवि ने भगवान को किन - किन नामों से पुकारा है ?
गरीब निवाजु
गुसईआ
गोबिंदु
उपयुक्त सभी
पद के रचनाकार हैं ?
मीराबाई
रैदास
त्रिलोचन
साधना
पद में ‘बास’ का क्या अर्थ है?
बासी
दुर्गन्ध
सुगंध
निवास
‘दिन-राती’ क्या होने की बात कही जा रही है ?
ज्योति जलने की
चन्दन लगाने की
भजन करने की
ईश्वर को न मानने की
लाल शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया है?
ईश्वर के लिए
स्वामी के लिए
बेटा के लिए
लाल रंग के लिए
निम्न कोटि के लोगों को गोबिंद कैसे तारते हैं ?
अमीर बनाकर
उपहार देकर
अपना मित्र बनाकर
बिना डरे ऊँचा बनाकर
प्रस्तुत पद की भाषा है-
ब्रज
सधुक्कडी
भोजपुरी
इनमे से कोई नहीं
'जाकी छोति जगत कउ लागै' में छोति क्या है?
स्नेह
स्पर्श
गंध
कवि ने इस पद में प्रभु द्वारा किसके उद्धार की बात नहीं कही?
कबीर
अहल्या
नामदेव
कवि ने अपने प्रभु को मोती क्यों कहा है?
ईश्वर मोतियों जैसा दिखाई देता है
ईश्वर मोतियों के समान बहुमूल्य है
ईश्वर मोतियों जैसा चमकता है
चकोरा क्या होता है?
पक्षी
मोर
दास
इनमें से कोई नहीं
कउनु का अर्थ क्या है?
बादल
कौन
वास
इनमें से कोई नहीं
जैसे चितवत चंद चकोरा का अर्थ है-
जैसे चकोर चाऀद को देखता है
जिसकी सुगंध अंग-अंग में समा जाती है
जिसकी ज्योति बड़े दिन तक जलती है
'रैदास' नाम से प्रसिद्ध संत ' रविदास ' का जन्म कब हुआ?
सन् १३९८
सन् १३८८
सन् १४८८
सन् १४९८
प्रस्तुत पाठ में रैदास के कितने पद लिए हैं ?
एक पद
चार पद
दो पद
तीन पद
संत रैदास ने किसे बादल और किसे मोर कहा है ?
लोगों को मोर और स्वयं को बादल कहा है।
प्रभु को बादल और स्वयं को मोर कहा है ।
प्रभु को मोर लोगों को बादल कहा है ।
स्वयं को बादल और प्रभु को मोर कहा है।
"ऐसी लाल तुझ बिनु कउनु करै ?" का तात्पर्य क्या है ?
ऐसा अपनापन कौन करे?
ऐसा प्यार तेरे शिवा कौन करे?
ऐसा नफ़रत कौन करे?
इनमें से कोई नहीं।
नामदेव, कबीर, तिलोचन कौन हैं ?
पुजारी
स्वामी
संत
ये सभी
'पद' का क्या अर्थ होता है?
एक प्रकार की कहानी
एक प्रकार की कविता
संवाद लेखन
देशभक्ति गीत
पहले पद की पंक्तियों का क्या आशय है?
कि कवि भगवान से बड़ा है|
कवि भगवान का सेवक है और खुद को छोटा मानता है|
भगवान मोती और दीपक से अधिक कीमती है|
कवि का कहना है कि वह भगवान के बिना पूरा नहीं होता है, जैसे बाती को प्रकाश चाहिए आदि |
भगवान् किसका कल्याण बिना भेदभाव के करते है?
अमीरों का
मोर भक्तों का
अछूत मनुष्यों का
इनमें से किसी का नहीं
यदि भगवान् स्वामी है तो भक्त क्या है?
दास
मोर
चकोर
बत्ती
