Worksheetsबस की यात्रा
Total questions: 18
Worksheet time: 13mins
बस की यात्रा पाठ के लेखक हैं-
सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
हरिशंकर परसाई
भगवती चरण वर्मा
इनमें से कोई नहीं
कुल कितने लोग शाम की बस से यात्रा करने वाले थे?
(a) तीन
(b) चार
(c) पाँच
(d) छह
पन्ना से सतना के लिए बस कितनी देर बाद मिलती है?
(a) आधा घंटा
(b) एक घंटे बाद
(c) दो घंटे बाद
(d) प्रातः काल
इस पाठ में गांधी जी के किस आंदोलन का उल्लेख है?
(a) असहयोग आंदोलन
(b) सविनय अवज्ञा आंदोलन
(c) उपर्युक्त दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
लेखक हरे-भरे पेड़ों को क्या समझता था?
(a) जीवनदाता
(b) मित्र
(c) शत्रु
(d) शुभचिंतक
लेखक और उसके मित्रों को
पन्ना से सतना जाना था।
सतना से पन्ना जाकर जबलपुर के लिए ट्रेन पकड़नी थी।
पन्ना से सतना जाकर जबलपुर के लिए ट्रेन पकड़नी थी।
कह नहीं सकते कि क्या करना था।
बस के बारे में लेखक ने कहा है कि
बस पूजा के योग्य थी।
देखते ही श्रद्धा उमड़ पड़ी
सदियों के अनुभव के निशान लिए हुई थी।
उपर्युक्त सभी।
बस का इंजन स्टार्ट हो जाने पर लेखक को कैसा लगा
ऐसा,जैसे सारी बस ही इंजन है
जैसे लेखक अपने मित्रों के साथ इंजन के अंदर बैठें हो।
जैसे उनकी सीट के नीचे ही इंजन हो।
ये सभी
बस के पहली बार रुकने का कारण था
बस का टायर पंचर हो गया था।
पेट्रोल की टंकी में छेद हो गया था
लोग बस से उतारना चाहते थे
बस रुकी ही नहीं थी।
क्षीण चांदनी में वृक्षों की छाया के नीचे खड़ी बस लग रही थी जैसे__
कोई वृद्ध थककर बैठ गया हो।
कोई वृद्धा थककर बैठ गई हो।
कोई जानवर बैठा हो।
चन्द्रमा बादलों के पीछे छिप गया हो।
लेखक ने बस कम्पनी के हिस्सेदार की तरफ पहली बार श्रद्धा भाव से देखा क्योंकि
वह बहुत महान हैं।
ऐसी बस में टायरों की हालत जानते हुए भी सफर कर रहे हैं।
इतनी बड़ी बस कम्पनी में हिस्सेदार होना ही अपने आप में बहुत बड़ी बात थी।
उन्होंने इंजन को खोला और सुधारा था।
वह महान आदमी आ रहा है जिसने एक टायर के लिए प्राण दे दिए।मर गया पर टायर नहीं बदला__यह किसके लिए कहा गया है?
लेखक के लिए
कम्पनी के हिस्सेदार के लिए
बस के ड्राइवर के लिए
बस कम्पनी के मालिक भी उसी बस में सफर कर रहे थे उनके लिए कहा गया है।
चिंता जाती रही,हंसी मजाक चालू हो गया क्योंकि
पृथ्वी पर उनकी अब कोई मंजिल ना रह गई थी।
उन सबकी,बेताबी,तनाव खत्म हो गए थे।
सब बड़े इत्मीनान से घर की तरह बैठ गए।
उपर्युक्त सभी।
इत्तफ़ाक़ शब्द का क्या अर्थ है?
यक़ीन
संयोग
भरोसा
लालसा
एक पुलिया पर बस क्यों रुकी ?
पेट्रोल ख़त्म हो गया था
टायर फट गया था
इंजन ख़राब हो गया था
बस नहीं रुकी थी
किसने कहा कि डरो मत बस अनुभवी है और नयी नवेली बसों से ज्यादा विश्वसनीय है।
इंजीनियर मित्र ने
डॉक्टर मित्र ने
बस कम्पनी के हिस्सेदार ने
बस ड्राइवर ने।
लेखक ने कहाँ पहुँचने की उम्मीद छोड़ दी थी ?
पन्ना
सतना
घर
पता नहीं।
उम्मीद का अर्थ है -
निराशा
आशा
त्याग
बलिदान
