Worksheetsश्रुत-पंचमी Quiz प्रतियोगिता
Total questions: 23
Worksheet time: 12mins
श्रुत पंचमी पर्व पर किन 4 ग्रंथो की पूजन का प्रसंग बनता हैं।
षट्खण्डागम, कषायपहुड, समयसार, नियमसार
जिनवाणी, षट्खण्डागम, धवल, कषाय पाहुड
श्रुत, षट्खण्डागम, धवल, कषाय पाहुड
षट्खण्डागम, धवल, जय धवल, महा धवल
किसने किसको बुलाया ❓
भूतबलि आचार्य ने देवियों को
कुन्दकुदाचार्य ने सीमंधर भगवान को
धरसेनाचार्य ने 2 आचार्यो को
भक्त ने भगवान को
णमोकार महामन्त्र प्रथम मंगलाचरण रूप में किसने लिपी बद्ध किया
भूतवली -पुष्पदन्त आचार्य
किसी ने नहीं
जिनसेनाचार्य
धरसेनाचार्य
श्रुत स्कंध का क्या अर्थ है ❓
जिसमें कमल के फूल, पत्तों पर श्लोक लिखे हो
जिसमे द्वादशांग के 12 अंगों का विस्तार से वर्णन हो
दिव्यध्वनि के सार को अंग , पूर्व, प्रकीर्णक , चूलिका , परिकर्म रूप में लिखा गया हो
B और C दोनों
द्वादशांग के 5 वे अंग का क्या नाम हैं ❓
व्याख्याप्रज्ञप्ति
ज्ञातृ धर्मकथानांग
समवायांग
दृष्टिवाद
भूतबलि आचार्य का मूल नाम क्या है ❓
नरवाहन
सुबुद्धि
कुबुद्धि
सन्मति
पुष्दन्त आचार्य का मूल नाम क्या थे ❓
नरवाहन
सुबुद्धि
कुबुद्धि
सन्मति
अंतिम अनुबद्ध श्रुत केवली कौन हैं ❓
सुधर्माचार्य जी
भद्रबाहु जी
जम्बूस्वामी जी
कुन्दकुदाचार्य जी
दृष्टिवाद अंग के कितने भेद है ❓
7
12
5
2
सभी आचार्य देव को द्वादशांग के कितने अंगों का ज्ञान रहता है ❓
11 अंग 14 पूर्व
11 अंग 1 पूर्व
14 अंग का
सभी का अलग अलग
कुन्दकुन्द आचार्य देव के गुरु कौन थे ❓
धरसेनाचार्य
जिनचन्द्र आचार्य
महावीर स्वामी जी
कोई नहीं
कुन्दकुदाचार्य देव के प्रथम शिष्य कौन थे ❓
श्रुत सागर जो
रविसेनाचार्य
जिनपालित आचार्य
गुणभद्राचार्य
श्रुत का अर्थ है
कथन करना
दिव्यध्वनि का सार लिखित रूप में
शास्त्र
सभी
वीतराग, सर्वज्ञ, हितोपदेशी देव के मुख से निकली वाणी .......कहलाती हैं।
जिनवाणी
ग्रन्थ
दिव्यध्वनि
कोई नही
कुन्दकुदाचार्य का दूसरा नाम ......था।
गृद्धपिच्छाचार्य
एलाचार्य
पद्मनन्दी
सभी
श्रुत परम्परा के नायक कौन है ❓
गौतम स्वामी
श्री वर्द्धमान भगवान
धरसेनाचार्य
कुन्दकुदाचार्य
20 प्ररूपणा किसने लिखी ❓
कुन्दकुदाचार्य
समन्तभद्राचार्य
आचार्य माघ नंदी
कोई नही
इस युग की प्रथम दिव्य देशना कहां खिरी ❓
राजगृही में
सम्मेदशिखर जी मे
सोनागिरि में
पुरीमताल में
प्रथम श्रुत स्कंध किसस्थान / प्रान्त में लिखा गया ।
दक्षिण के चन्द्रगिरि पर्वत की गुफाओं में
श्रवणबेलगोला में
आंध्रप्रदेश
मूढबद्री
श्रुत को कितने भागो में विभक्त किया हैं ❓
8
7
14
4
भूतबलि आचार्य ने 20 प्ररूपणा लिखी और आगे का कार्य .......ने किया ।
गुणभद्राचार्य ने
पुष्दन्त आचार्य ने
देवों ने
पूज्यपाद स्वामी ने
एक शब्द में द्वादशांग का सार कहना हो तो ❓
बहिर्मुख दृष्टि को अंतर मुख करना
आतम को जानना
ध्यान करना
पूजन करना
अंतिम श्रुत केवली कौन है❓
श्री धर केवली
जम्बूस्वामी
भद्रबाIहु
गौतम स्वामी
