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Worksheetsकठपुतली
Total questions: 20
Worksheet time: 10mins
कठपुतली को अपने पाँवों पर खड़ी होने की इच्छा है, लेकिन वह क्यों नहीं खड़ी होती ?
उसे दूसरी कठपुतलियों की जिम्मेदारी महससू होने लगी।
उसे शीघ्र स्वतंत्र होने की चिंता होने लगी।
वह स्वतंत्रता की इच्छा को साकार करने और स्वतंत्रता को हमेशा बनाए रखने के उपाय सोचने लगी।
वह डर गई, क्योंकि उसकी उम्र कम थी।
काठ का क्या अर्थ होता है ?
काटना
कटना
लकड़ी
कुछ भी नहीं
कठपुतली पाठ के रचयिता कौन है ?
शमशेर बहादुर सिंह
भवानी प्रसाद मिश्र
केदारनाथ
शिवप्रसाद सिंह
कठपुतलियों को किसके सहारे नचाया जाता है ?
लकड़ियों के
कपड़ो के
धागे के
उपरोक्त सभी के
कठपुतली कविता किस बात के अंतर को स्पष्ट करती है ?
स्वतंत्रता
परतंत्रता
उपरोक्त दोनों
किसी बात को नहीं
पृथ्वी पर हर जीव क्या चाहता है ?
स्वतंत्रता
परतंत्रता
धन दौलत
मकान
'धागे' किसका प्रतीक हैं ?
सामाजिक बंधन का
कर्तव्यों का
हर प्रकार के बंधन का
शारीरिक बंधन का
कठपुतली की प्रबल इच्छा क्या है ?
आज़ाद होने की
विद्रोह करने की
आत्मनिर्भर होने की
सबको जागरूक करने की
अन्य कठपुतलियों ने पहली कठपुतली का समर्थन क्यों किया ?
समान पीड़ा होने के कारण
पहली कठपुतली के बहकावे में आकर
दबाव में आकर
बंधन से आज़ादी पा लेने के कारण
पाँवों पर छोड़ देने का क्या आशय है ?
सहारा देना
पैरों से सहारा हटा देना
आश्रयहीन कर देना
आत्मनिर्भर बनने देना
कठपुतली को किस बात का दुख था ?
हरदम हँसते रहने का
दूसरों के इशारे पर नाचने का
हमेशा नाचते रहने का
अन्य कठपुतलियों के दर्द का
'कठपुतली' शब्द संज्ञा का कौन सा भेद है ?
व्यक्तिवाचक
द्रव्यवचक
जातिवाचक
समुदायवाचक
अन्य कठपुतलियों ने पहली कठपुतली का समर्थन क्यों किया ?
समान पीड़ा होने के कारण
पहली कठपुतली के बहकावे में आकर
दबाव में आकर
बंधन से आज़ादी पा लेने के कारण
पहली कठपुतली पर अन्य कठपुतलियों की इच्छा का क्या असर हुआ ?
सोच में पड़ गई
प्रेरित हुई
दुखी हुई
खुशी बढ़ गई
कठपुतली कैसा जीवन जीती थी ?
कैदी सा
धागों से बँधा
दूसरों के अधीन
उपर्युक्त सभी
मन के छंद छुए बहुत दिन हुए इसका मतलब होगा
मन की इच्छा प्रकट किए हुए बहुत दिन हो गए
अपने में की बात सुनना
मन की पुकार
ये सब
इस कविता में कठपुतलिया क्या कहना चाहती हैं
वे आजाद रहना चाहती हैं
वो धागों से छुटकारा पाना चाहती हैं
उनके सामने आजाद होने के बाद की समस्याएं हैं
ये सब
कठपुतली कविता से हमें क्या संदेश मिलता है
बंधन में रहकर जीना किसी को भी अच्छा नहीं लगता
हर कोई स्वतंत्र रहना चाहता है
आजादी प्राप्त करने के लिए संघर्ष करना चाहिए
ये सब
कठपुतली क्यों नहीं खड़ी होती?
क्योंकि अगर वह खड़ी होती तो दूसरी कठपुतलियां भी खड़ी होंगी |
क्योंकि अगर वह ऐसा करेगी तो उस दूसरी कठपुतलियों का ध्यान रखना पड़ेगा |
कठपुतलियां क्या सुनकर "हाँ" बोली?
कि मुझे मेरे पांव पर छोड़ दो|
कि मुझे फेंक दो|
