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WorksheetsPrayshchit
Total questions: 16
Worksheet time: 24mins
रामू की बहू की उम्र क्या थी?
13
14
17
20
रामू की बहू किससे सबसे ज्यादा नफरत करती थी?
कबरी बिल्ली
रामू
पंडित परमसुख
रामू के बेटे से
कैसे रामू की बहू ने काबरी बिल्ली को मारा?
चाकू से
गोली मारकर
पाटे से
गला दबा कर
पंडित परमसुख ने कितना सोना मांगा बिल्ली बनाने के लिए
इक्कीस तोले
इक्कीस खरब तोले
ग्याराह तोले
नौ तोले
सोने की बिल्ली को लेकर क्या किया गया अंतिम फैसला ?
बाराह तोले
नौ तोले
ग्याराह तोले
पन्द्राह तोले
पंडित परमसुख का कद कितना था ?
दस फुट छे इंच
छे फुट दस इंच
दस फुट चार इंच
चार फुट दस इंच
कबरी बिल्ली किससे सबसे ज्यादा प्यार करती थी ?
रामू की बहू
पंडित परमसुख
मिसरानी
रामू
पंडित परमसुख के समाधान तक किसी ने क्या नहीं किया
खाना नहीं खाया
मुझसे मिलने नहीं आया
पानी नहीं पिया
ऑनलाइन गेम नहीं खेला
क्या आपको प्रश्नोत्तरी पसंद आई
हाँ
नहीं
आख़िरी में क्या हुआ
पंडित परमसुख ने सबको ठगा
मिसरानी ने बिल्ली को ले लिया
कबरी बिल्ली भाग गई
नरक में गई रामू की बहू बिल्ली को मारने के लिए |
रामू की बहू मायके से कितने समय बाद आई थी और उसका व्यवहार कैसा था
रामू की बहू मायके से कितने समय बाद आई थी और उसका व्यवहार कैसा था
मू की बहू 2 महीने बाद अपने ससुराल आई थी और नौकरों पर उसका हुकुम चला रही थी
रामू की बहू 3 हफ्ते बाद आई थी और उसका व्यवहार बहुत खराब हो गया था
रामू की बहू अपने ससुराल दो हफ्ते बाद आई थी और वह नौकरों पर कठोर होकर बात कर रही थी
रामू की बहू के बारे में बताओ?
रामू की बहू पति की प्यारी और सास की दुलारी थी 14 वर्ष की बालिका थी भंडारकर की चाबी उसकी करदानी पर लटकती थी
रामू की बहू पति की प्यारी और सांस की सबसे बड़ी दुश्मन थी वह 14 वर्ष की बालिका थी उसके करधनी पर भंडारकर की चाबी लटकने लगी थी और वह नौकरों पर हुकुम चलाने लगी
पंडित जी का नाम परमसुख किस भावना से रखा गया है ???
कहानीकार का मन कर रहा था तो उसने एक पात्र का नाम परमसुख रख दिया
कहानीकार एक परमसुख नामक व्यक्ति को जानते थे तो उन्होंने कहानी में परमसुख नामक पात्र डाल दिया
कहानीकार ने पंडित जी का नाम परमसुख इसलिए रखा क्योंकि पंडित जी का पात्र कुछ ऐसा है कि वह आत्म सुख में विश्वास रखते हैं वह दूसरों के बारे में सोचते ही नहीं
गाने का किसी व्यक्ति को प्रणाम शुभ नाम से जानती थी तो उसने परमसुख बात कहानी में डाल दिया
प्रायश्चित ना करने पर रामू की बहू को कौन सा दंड मिलना था ?
प्राइस चेतना करने पर रामू की बहू को कम भी पाप नरक का दंड मिलना था
रामू की बहू को विभिन्न प्रकार की बीमारियों का दंड मिलने वाला था
प्रायश्चित ना करने पर रामू की बहू का भाग्य भाग्य में बदल जाता
प्रायश्चित ना करने प्रकार की बीमारियों का दंड मिलने बदल जाता
समाज में अंधविश्वास कैसे दूर किया जा सकता है?
समाज में ऐसे अंधविश्वास को साफ करने के लिए हमें लोगों को शिक्षित करना होगा
हम समाज में से अंधविश्वास को साफ करने के लिए आंदोलन कर सकते हैं
कहानी का मूल संदेश क्या है
अंधविश्वास में विश्वास करना
अंधविश्वास को बढ़ावा देना
कहानी का संदेश है कि किसी भी अंधविश्वास में नहीं पड़ना चाहिए
अंधविश्वास को अंधविश्वास में विश्वास करना
