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Worksheetsबात अठ्न्नी की
Total questions: 27
Worksheet time: 9mins
वह सोचता, "यहाँ इतने सालों से हूँ। अमीर लोग नौकरों पर विश्वास नहीं करते पर मुझपर यहाँ कभी किसी ने संदेह नहीं किया। यहाँ से जाऊँ तो शायद कोई ग्यारह बारह दे दे, पर एसा आदर नहीं मिलेगा।"
उपर्युक्त वाक्य का वक्ता कौन है?
जगत सिंह
रसीला
रमज़ान
कोई नही
वह सोचता, "यहाँ इतने सालों से हूँ। अमीर लोग नौकरों पर विश्वास नहीं करते पर मुझपर यहाँ कभी किसी ने संदेह नहीं किया। यहाँ से जाऊँ तो शायद कोई ग्यारह बारह दे दे, पर एसा आदर नहीं मिलेगा।"
रसीला बार-बार किससे प्रार्थना करता था?
इंजीनियर बाबू जगत सिन्ह
रमज़ान
अपनी पत्नी
उसके बूढे पिता
वह सोचता, "यहाँ इतने सालों से हूँ। अमीर लोग नौकरों पर विश्वास नहीं करते पर मुझपर यहाँ कभी किसी ने संदेह नहीं किया। यहाँ से जाऊँ तो शायद कोई ग्यारह बारह दे दे, पर एसा आदर नहीं मिलेगा।"
रसीला बार-बार क्यों प्रार्थना कर रहा था?
खाना खाने के लिए
वेतन बढाने के लिए
गाँव जाने के लिए
इनमें से कोई नहीं
वह सोचता, "यहाँ इतने सालों से हूँ। अमीर लोग नौकरों पर विश्वास नहीं करते पर मुझपर यहाँ कभी किसी ने संदेह नहीं किया। यहाँ से जाऊँ तो शायद कोई ग्यारह बारह दे दे, पर एसा आदर नहीं मिलेगा।"
तनख्वाह न बढाने के बावजूद रसीला नौकरी क्यों नहीं छोडना चाहता था?
उसे कहीं और नौकरी नहीं मिल रही थी
उसे बाबू जगत सिन्ह का घर अच्छा लगता था
उसे कहीं और इतना आदर नहीं मिलेगा।
पता नहीं
दोनों घंटों साथ बैठते, बातें करते|
'दोनों' - शब्द से किस-किस की ओर संकेत किया गया है?
इंजीनियर बाबू जगत सिन्ह और शेख सलीमुद्दिन
रसीला और रमज़ान
इंजीनियर बाबू और रसीला
शेख सलीमुद्दीन और रमज़ान
दोनों घंटों साथ बैठते, बातें करते|
वे दोनों किसके यहाँ काम करते थे?
रसीला शेख सलीमुद्दिन के यहाँ
रमज़ान जगत सिन्ह के यहाँ
रसीला जगत सिन्ह के यहाँ
रमज़ान शेख सलीमुद्दिन के यहाँ
कहीं नहीं
दोनों घंटों साथ बैठते, बातें करते|
दोनों मे क्या बात समान थी?
दोनों बहुत अमीर थे
दोनों के पास एक-जैसे कपडे थे
दोनों बहुत लालची थे
दोनों बहुत गरीब थे
कोई बात नहीं तो खाओ सौगंध'|
उपर्युक्त कथन किसने, किससे कहा?
रसीला ने रमज़ान से
रमज़ान ने रसीला से
रसीला ने अपनी पत्नी से
रमज़ान ने बाबू जगत सिंह से
कोई बात नहीं तो खाओ सौगंध'|
श्रोता ने अपनी कौन सी समस्या बताई ?
कि वो बीमार है
उसे पैसों की ज़रूरत है
उसे कुछ कपडे चाहिए थे
उसे अपने गाँव जाना था
कोई बात नहीं तो खाओ सौगंध'|
रमज़ान ने उस समस्या का क्या हल बताया?
मालिक से पेशगी के रूप मे कुछ पैसे माँग लो
किसी को कुछ मत बताओ
मुझसे पैसे लेलो
चोरी कर लो
पाठ के लेखक कौन है?
हरिवंश राई
यशपाल
सुदर्शन
जैनेंद्र कुमार
मुकदमा का अर्थ ?
कर्ज़
पैसे
वाद
मित्रता
कचहरी का अर्थ ?
बिना दया के
न्यायालय
अपराध
केस
ऋण का अर्थ ?
कर्ज़
वेतन
पैसे
पचास पैसे
रसीला को पैसे की आवश्यकता क्यों थी?
उसके बच्चे बीमार थे
उसकी दादी बीमार थीं
उसके माता-पिता बीमार थे
उसकी पत्नी बीमार थी
हमें इस शब्द का अर्थ बताओ : पेशगी
घबरा गया
पहले दिया जाने वाला धन
कर्ज़
बहुत क्रोध आया
रसीला न आठ पैसे की हेरा फेरी की
सच
असत्य
जिला मजिस्ट्रेट बाहुत न्याय प्रिय इंसान थे
सच
असत्य
इंजीनियर बाबू जगत सिंह को क्या पसंद था
फल
मिठाइयाँ
नमकीन
ऊपर के सभी
असली अपराधी कौन था
रमजान
रसीला
दासी
जगत सिंह
रसीला पाँच रुपये की मिठाई लाया
सच
असत्य
मुसीबत के समय में किसने रसीला की मदद नही की
मिया रमजान
बाबू जगत सिंह
'बस पाँच सौ! इतनी सी रकम देखकर आप मेरा अपमान कर रहे हैं। वक्ता कौन है?
बाबू जगत सिंह
रसीला
रमज़ान
रूमाल धाराक कौन था?
शेख सलीमुद्दीन
रमज़ान
बाबू जगतसिंह
बाबू जगतसिंह कौन हैं?
ज़िला मजिस्ट्रेट
इंजीनियर
अध्यापक
रसीला को क्या सज़ा हुई?
छह महीने की
सात महीने की
तीन महीने की
“मनवा लेना। लातों के भूत बातों से नहीं मानते।“ श्रोता कौन है?
बाबू जगतसिंह
पुलिस
सिपाही
