WorksheetsHindi Quiz
Total questions: 10
Worksheet time: 2mins
नीड़ न दो, चाहे टहनी का......
लेकिन पंख दिए हैं, तो
आश्रय छिन्न-भिन्न कर डालो,
या तनती साँसों की डोरी।
आकुल उड़ान में विघ्न न डालो।
ऐसे थे अरमान कि उड़ते.........
तरु की फुनगी पर के झूले।
होती सीमाहीन क्षितिज से
लाल किरण-सी चोंच खोल
नील गगन की सीमा पाने,
होती सीमाहीन क्षितिज से......
या तो क्षितिज मिलन बन जाता
इन पंखों की होड़ा-होड़ी,
नील गगन की सीमा पाने,
आकुल उड़ान में विघ्न न डालो।
लेकिन पंख दिए हैं, तो....
आकुल उड़ान में विघ्न न डालो।
चुगते तारक-अनार के दाने।
या तो क्षितिज मिलन बन जाता
नीड़ न दो, चाहे टहनी का
या तो क्षितिज मिलन बन जाता....
लाल किरण-सी चोंच खोल
कनक-कटोरी की मैदा से,
आश्रय छिन्न-भिन्न कर डालो,
या तनती साँसों की डोरी।
स्वर्ण के पर्यायवाची
कंचन, कनक
असीम, सर्वव्यापी।
ज्योति, प्रभा,
द्रुम, वृक्ष
किरण के पर्यायवाची
असीम, सर्वव्यापी।
बाधा, रुकावट
ज्योति, प्रभा
पर, पखौटा
फुनगी के पर्यायवाची
आसमान, आकाश
पर, पखौटा
फुनंग ,अंकुर
कंचन, कनक
स्वर्ण का विलोम
अंधेरा
पृथ्वी
रजत
छाया
बंधन का
विलोम
मुक्ति
पृथ्वी
अंधेरा
छाया
