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Worksheetsअलंकार
Total questions: 20
Worksheet time: 10mins
1. मधुर मधुर मुस्कान मनोहर , मनुज वेश का उजियाला।
इस काव्य पंक्ति में अलंकार पहचाने ।
उपमा अलंकार
उत्प्रेक्षा अलंकार
अनुप्रास अलंकार
यमक अलंकार
अलंकार का शाब्दिक अर्थ है ।
आभूषण
लोहा
मिट्टी
कोयला
अलंकारों का प्रमुख कार्य है
सौंदर्य उत्पन्न करना
सौंदर्य नष्ट कर देना
भाषा को समृद्ध करना
कविता को बिगाड़ देना
अनुप्रास अलंकार में किसकी आवृत्ति होती है ?
पंक्ति की
अक्षर की
शब्द की
इनमें से कोई नहीं
तरनि तनुजा तट तमाल तरुवर बहु छाए - इस काव्य पंक्ति में अलंकार पहचाने ।
अनुप्रास
यमक
श्लेष
इनमें से कोई नहीं
काली घटा का घमंड घटा -इस पंक्ति में अलंकार बताइए ।
रूपक अलंकार
उपमा अलंकार
अतिशयोक्ति अलंकार
यमक अलंकार
चरण कमल बंदों हरि राई- इस पंक्ति में अलंकार बताइए ।
उपमा
रूपक
मानवीकरण
उत्प्रेक्षा
मानो हवा के वेग से सोता हुआ सागर जगह - इस काव्य पंक्ति में अलंकार बताइए।
उपमा
रूपक
उत्प्रेक्षा
मानवीकरण
पीपर पात सरिस मन डोला- इस काव्य पंक्ति में अलंकार पहचानिए।
उत्प्रेक्षा
रुपक
उपमा
अनुप्रास
जेते तुम तारे , तेते नभ में न तारे हैं यह पंक्ति किस अलंकार का उदाहरण है ?
यमक अलंकार
श्लेष अलंकार
अनुप्रास अलंकार
उपरोक्त सभी
मुख बाल रवि सम लाल होकर ज्वाल -सा बोधित हुआ l यह पंक्ति किस अलंकार का उदाहरण है ?
उपमा अलंकार
उत्प्रेक्षा अलंकार
रूपक अलंकार
उपरोक्त सभी
आगे नदिया पड़ी अपार घोड़ा कैसे उतरे पार l राणा ने सोचा इस बार तब तक चेतक था उस पार ll इन पंक्तियों में कौन सा अलंकार है ?
मानवीकरण अलंकार
अतिशयोक्ति अलंकार
उत्प्रेक्षा अलंकार
रूपक अलंकार
हरि मुख मानो मधुर मयंक l इस पंक्ति में कौनसा अलंकार है ?
उपमा अलंकार
रूपक अलंकार
उत्प्रेक्षा अलंकार
मानवीकरण अलंकार
कालिंदी कूल कदंब की डारन l इस पंक्ति में कौनसा अलंकार है ?
अनुप्रास अलंकार
यमक अलंकार
श्लेष अलंकार
उपरोक्त में से कोई भी नहीं
इनमें से उत्प्रेक्षा अलंकार की क्या विशेषता है?
दो या दो से अधिक बार वर्ण की आवृत्ति
जब एक शब्द में कई अर्थ चिपके हों!
उपमान और उपमेय में कोई अंतर न रहे
काव्य में 'मानो' 'जानो' आदि सम्भावना वाले शब्द
रघुपति राघव राजाराम, पतित पावन सीताराम! किस अलंकार का उदाहरण है?
अनुप्रास अलंकार
उपमा अलंकार
रूपक अलंकार
उत्प्रेक्षा अलंकार
पायो जी मैंने राम-रतन धन पायो। इस पद में कौन-सा अलंकार है?
उपमा अलंकार
रूपक अलंकार
उत्प्रेक्षा अलंकार
अतिश्योक्ति अलंकार
किन पंक्तियों में अतिश्योक्ति का वर्णन है?
चारु चंद्र की चंचल किरणें
खेल रही थीं जल-थल में
राणा ने सोचा इस पार
तब तक चेतक था उस पार।।
फूल हंसे कलियां मुसकाईं।
अनुचरों से बादलों ने स्वर्ण की पोशाक धारी|
वह दीपशिखा-सी शांत भाव में लींन | -में कौन सा अलंकार है ?
श्लेष
रूपक
यमक
उपमा
सिर फट गया उसका मानो अरुण रंग का घड़ा हो |- में कौन सा अलंकार है ?
रूपक अलंकार
अनुप्रास अलंकार
अतिशयोक्ति अलंकार
उत्प्रेक्षा अलंकार
