Worksheetsवसंत-2 हम पंछी उन्मुक्त गगन के
Total questions: 10
Worksheet time: 6mins
‘हम पंछी उन्मुक्त गगन के’ कविता के रचयिता हैं-
भवानी प्रसाद मिश्र
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
शिवमंगल सिंह ‘सुमन’
महादेवी वर्मा
पक्षी कहाँ का जल पीना पसंद करते हैं?
नदी-झरनों का जल
वर्षा का जल
नल का जल
पिंजरे में रखी कटोरी का जल
बंधन किसका बना है?
स्वर्ण श्रृंखला का
श्रृंखला का
स्वर्ण का
मनुष्य का
लंबी उड़ान में क्या-क्या संभावनाएँ हो सकती थीं?
या तो क्षितिज की सीमा मिल जाती
या तो वृक्षों के झूले झूलते
या तो कुछ नहीं होता
या तो साँसों की डोरी तन जाती
पक्षी क्यों व्यथित हैं?
क्योंकि वे बंधन में हैं।
क्योंकि उन्हें स्वादिष्ट भोजन नहीं मिलता
क्योंकि वे अनार के दानों रूपी तारों को चुगने में असमर्थ हैं।
क्योंकि वे आसमान की ऊँचाइयाँ छूने में असमर्थ हैं।
स्वतंत्रता का क्या महत्व है?
स्वतंत्र व्यक्ति अपनी इच्छा से अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकता है
कहीं घूम – फिर सकता है तथा विचारों को अभिव्यक्त कर सकता है
स्वतंत्र व्यक्ति का जीवन बेकार होता है
मूलभूत आवश्यकताओं के लिए भी दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता
‘आकुल उड़ान’ शब्द का क्या अर्थ है?
व्याकुल होकर उड़ना
अंधाधुंध उड़ना
उड़ने की अधीरता
धीरे-धीरे उड़ना
कविता में ‘सोना’ के लिए कौन-कौन-से शब्द आए हैं?
कनक
तरु
स्वर्ण
फुनगी
पक्षी सपनों में क्या देख रहे हैं?
कि वे आज़ाद हो गए हैं
कि वे वृक्षों की फुनगियों पर झूले झूल रहे हैं
कि वे पिंजरे में कैद हैं
उनको अच्छे-अच्छे पकवान मिल रहे हैं
पक्षी मनुष्यों से क्या निवेदन करते हैं?
हमें टहनियों का आश्रय दे दो
हमें घोंसले में रहने दो
हमारे पंख मत तोड़ो
हमें स्वतंत्र होकर उड़ने दो
