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Worksheetsक्या निराश हुआ जाए
Total questions: 20
Worksheet time: 10mins
क्या निराश हुआ जाए पाठ के लेखक का नाम है-
रामधारी सिंह दिनकर
हजारी प्रसाद द्विवेदी
कामतानाथ
मुंशी प्रेमचन्द
लेखक ने टिकट लेते समय टिकट बाबू को गलती से कितने रुपए का नोट दिया?
10 रुपए का
50 रुपए का
100 रुपए का
200 रुपए का
लेखक ने किसे बुरी बात कहा है ?
लोगों का मजाक उड़ाने को
किसी की बुराइयां करने को
किसी की कमियां निकालने को
किसी के आचरण की कमियों को उजागर करने में आनंद लेने को
बस के खराब होने पर कंडक्टर साइकिल लेकर चला गया क्योंकि वह ........... गया था।
दूसरी बस लेने
डाकुओं को बुलाने
अपनी जान बचाने के लिए
रिश्तेदार से मिलने
पर्दाफाश शब्द से क्या अभिप्राय है
पर्दा उठाना
नई दिशा देना
वास्तविकता को सामने लाना
पुरानी बातों को उजागर करना
जीवन के महान मूल्यों के प्रति आस्था क्यों हिलने लगी है
लोगो का ईमानदारी में विश्वास नहीं रहा
छल कपट का बोलबाला है
लोग ईमानदार नहीं बनना चाहते
ईमानदार लोगों की सोच बदलने लगी है
आज के माहौल में कौन अधिक परेशान है?
ईमानदार लोग
मेहनत करने वाले लोग
निरीह और भोले भाले लोग
उपर्युक्त सभी
लोकचित में अच्छाई के प्रति अच्छी भावना कैसे जागृत की जा सकती है?
अच्छाइयों को उजागर करके
लोगों को महापुरुषों के कार्यों की शिक्षा देकर
लोगों का सही मार्गदर्शन कर के
लोगों द्वारा की गई गलतियों को सुधारकर
समाचार पत्रों में कैसे समाचार भरे रहते हैं?
ठगी, तस्करी
डकैती,चोरी
भ्रष्टाचार
ये सभी
इन दिनों कौन फल फूल रहे हैं?
झूठ और फरेब का रोजगार करने वाले
झूठ और फरेब का रोजगार नहीं करने वाले
पेड़ पौधे
मेहनत करके जीविका चलाने
वाले
लेखक ने किस को मारपीट से बचाया?
खुद को
कंडक्टर को
ड्राइवर को
युवा यात्री को
एक बहुत बड़े आदमी ने लेखक से एक बार कहा था कि-
सुखी वही है जो कुछ नहीं करता
सुखी वही है जो सब कुछ करता है
यहां कोई सुखी नहीं है
यह तो लेखक और बड़े आदमी के बीच की बात है वही दोनों जाने।
रविंद्र नाथ ठाकुर ने भगवान से क्या प्रार्थना की?
मुझे बहुत सारी धन संपत्ति मिल जाए
मेरा बहुत नाम हो जाए
मैं कभी निराश न होऊँ
हे प्रभो! मैं तुम्हारे ऊपर संदेह है ना करूं
भारत में किन वस्तुओं के संग्रह को महत्व नही दिया जाता ?
भौतिक वस्तुओं के संग्रह को
कृत्रिम साधनों को
धार्मिक अनुष्ठानों को
इनमें से कोई नहीं
किसी की कमियों को उजागर करने में रस लेने को बुरी बात क्यों कहा गया है?
क्योंकि इससे समाज में बुरी भावनाएँ बढ़ती हैं
क्योंकि किसी की कमियों को उजागर करने में रस लेने से दोषों का निवारण नहीं हो पाता
इनमें से कोई नहीं
'परिश्रम कर के रोजी रोटी कमाने वाले' के लिए एक शब्द होगा -
श्रमजीवी
फरेबी
अश्रमिक
धर्म- भीरु
'मन सब समय पवित्र न होने' का क्या आशय है ?
गरीबी देखकर दुखी होना
वास्तविक उद्देश्य से भटक जाना
गरीबों को देखकर दया भाव आ जाना
अपने परिजनों की ओर ध्यान न देना
समाज के ऊपरी वर्ग में मानवीय मूल्यों की क्या स्थिति है ?
वे प्रगाढ़ हो रहे हैं
वे कम होते जा रहे हैं
वे बहुत बढ़ गए हैं
वे यथावत बने हुए हैं
ईमानदारी को मूर्खता का पर्याय क्यों समझा जाता है ?
ईमानदार का पर्यायवाची शब्द मूर्खता है
यदि लोग ईमानदारी से कार्य करते हैं तो चालाक लोग उसे मूर्खता समझते हैं
ईमानदार लोग वास्तव में मूर्ख होते हैं
ईमानदार लोगो को मूर्ख बना दिया जाता है
वर्तमान समय में सच्चाई निम्नलिखित में से किसके हिस्से पड़ी है ?
भीरु और बेबस के
सत्य बोलने वाले तथा श्रमजीवी के
परिश्रमी और ईमानदार के
कुछ न करने वाले के
