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Worksheetsपुनरागमन
Total questions: 31
Worksheet time: 23mins
"इस प्रयास(कृष्णभावनामृत) में न तो कोई हानि होती हे , और न कोई कमी आती हे , वरन इस मार्ग में थोड़ी सी प्रगति भी महान भय (अगले जीवन में मानव से निम्न रूप में लौटने का भय)से बचा सकती है |" यह कथन कोनसे शास्त्र से है ?
चैतन्य चरितामृत
श्रीमद भागवतम
भगवद गीता यथारूप
अ और ब दोनों
जीवात्मा को एक प्रकार का शरीर प्राप्त नहीं होता है और उस शरीर के साथ कर्म करने से वह दुसरे शरीर का निर्माण नहीं करता है |
सही
गलत
"केवल वे महात्मा ही , जो 'भक्ति ' में 'योगी' है , दुःखो से भरे इस क्षणभंगुर संसार में लौट कर नहीं आते , क्योंकी उन्होंने सर्वोच्च सिद्धि प्राप्त कर ली होती है |" यह श्लोक भगवद गीता के कौनसे अध्याय का कौनसा श्लोक है ?
८.१६
८.१५
८.२०
८.११
_____ बिना परेशानी के मृत्यु का अनुभव करने की शक्ति रखते हैं |
मुक्त आत्माए
बद्ध आत्माए
आत्म-सिद्ध
अ और क दोनों
कृष्ण भावनाभावित जीवन में कर्म और उसके फल की एक श्रुंखला है| क्या यह सच है या गलत??
हमेंशा सही
गलत
मानसिक अथवा मनोवैज्ञानिक क्रियाए जैसे विचार, अनुभूति और संकल्प भी__________ पर होने वाली क्रियाए हे|
बाहरी स्तर
आकाश के स्तर
आंतरिक स्तर
ब और क दोनों
मनुष्य का भाग्य जन्म के समय पर नक्षत्रो की स्थिति से निश्चित होता हे, और किसी विद्वान ज्योतिर्विद द्वारा तथ्यों पर आधारित जन्म कुंडली बनाई जाती हे|
नहीं, यह रुढीवादी बात हे
हाँ , यह एक महान विज्ञान हे
आत्महत्या जैसे जघन्य पाप कर्मो के कारण भुत-प्रेत______के बिना होते हे|
शुक्ष्म शरीर
आत्मा
भौतिक शरीर
वह मौजूद नहीं हें
वैज्ञानिक पुनर्जन्म के विज्ञान के बारे में क्यों नहीं सोचना चाहते ?
नहीं, वह स्वीकार करते हे
क्योंकि उन्हें अपना भविष्य बहुत उज्ज्वल दिखाई पड़ेगा
क्योंकि उन्हें अपना भविष्य बहुत अंधकारमय दिखाई पड़ेगा
इनमे से कोई नहीं
ज्योंही जीव अपने मूल आध्यात्मिक स्वरूप और अवबोध को प्राप्त करता है , वह तत्काल ________के प्रति समर्पित हो जाता है |
भौतिक स्वरूप , पूर्ण पुरुषोतम भगवान
माया
परम स्वरूप , पूर्ण पुरुषोतम भगवान
निराकार
अहिंसा का अर्थ....
कीसी जीव की जीवन की प्रगति में बाधा न पहुचाना|
हत्या मत करो
हत्या करो लेकिन हत्या के पीछे अच्छा इरादा हों|
उपरोक्त सभी
मुर्ख शरीरस्थ बद्धात्मा , अपनी इन्द्रियो ओर मन को वश में न रख पाने के कारण भौतिक प्रकृति के गुणों के प्रभाव के अनुसार, न चाहते हुए भी कर्म करने को विवश होता है | उस पार के आगन्तुक के अध्याय में यह कथन कौनसे व्यक्ति ने कहा ?
विष्णुदुतो ने
वेद व्यास
यमदूतो ने
नारद मुनि
यदि कोई भगवान श्रीकृष्ण के पवित्र नाम का कीर्तन करता है और तभी किसी दुर्घटना में मर जाता हे, अथवा किसी जंगली पशु से , या किसी रोग या अस्त्र से मारा जाता है , तो वह पुनर्जन्म लेने की विवशता से तत्काल मुक्त कर दिया जाता है |
सही
गलत
भगवद गीता का पहला उपदेश स्पष्ट करता है कि ________
भौतिक शरीर की स्थिति अन्ततः बहुत महत्वपूर्ण नहीं होती
भौतिक शरीर की स्थिति अन्ततः बहुत महत्वपूर्ण होती हे
भौतिक शरीर को नष्ट नहीं किया जा सकता
इनमे से कोई नहीं
आत्मा का माप कितना है?
एक बिंदु का दस हजारवाँ अंश
एक बिंदु का सों वाँ अंश
एक बिंदु का एक लाख वाँ अंश
इनमे से कोई नहीं
राजा चित्रकेतु के राज्य में कौनसे ऋषि ने आगमन किया?
अंगीरा ऋषि
दुर्वाशा ऋषि
ऋषि नारद मुनि
ऋषि मैत्रेय मुनि
कौनसे शास्त्र में पुनर्जन्म की कथा का वर्णन मीलता है?
श्रीमद भगवद्गीता यथारूप
श्रीमद भागवतम
चैतन्य चरितामृत
कृष्णा, पूर्ण पुरुषोतम भगवान
वेदों की शिक्षा है की सनातन जीवात्मा भौतिक तत्वों से निर्मित शरीर में प्रवेश करता है |
सही
गलत
यह समझते हुए कि जीवन का परम लक्ष्य पुनर्जन्म के चक्र से स्वयं को मुक्त करना हे, राजा भरत हिमालय की तराई में स्थित _______ नामक एक पवित्र तीर्थस्थान में गए |
गंगोत्री
नाशिक
पुलह-आश्रम
अयोध्या
कान्यकुब्ज नामक नगर में सन्त - स्वभाव का एक युवा ब्राह्मण पुरोहित, ________ रहता था , जो एक वेश्या के प्रेम में फसने के कारण आध्यात्मिक जीवन के मार्ग से गिर गया और अपने सभी सद्गुणों को खो बैठा.
राजा ययाति
अजामिल
राजा दुर्योधन
जघाई-मघाई
जिसे ________की कृपा प्राप्त होती है , उसी को परम सत्य प्रकट होता है
महान विद्वान
महान भौतिकतावादी
महान भक्त
इनमे से कोई नहीं
भरत राजा का पतन क्यों हुआ ?
कुत्ते से अपनी आसक्ति के कारण
शेर में अपनी आसक्ति के कारण
खरगोश में अपनी आसक्ति के कारण
हिरण में अपनी आसक्ति के कारण
सक्रिय तत्व आत्मा है और मृत्यु के समय आत्मा एक शरीर से दुसरे शरीर में देहान्तरण करता है |
सही
गलत
नारायण पराः सर्वे न कृत्श्चन दिभ्यति | इस श्लोक का अर्थ क्या है?
यदि कोई ईशानुभूत आत्मा है , तो वह किसी से भी डरेगा
यदि कोई ईशानुभूत आत्मा है , तो वह किसी से भी नहीं डरता
यदि कोई इशानुभूत आत्मा नहीं हे , तो वह किसी से भी नहीं डरता
इनमे से कोई नहीं
स्वपन की भाँती शरीर वास्तव मे मात्र एक मानसिक रचना है , किन्तु आत्मा इन सभी मनोरचनाओ से भिन्न है | यही हे _____
मानसिक अटकले
इश्वर अनुभूति
बस एक फर्जी विचार
आत्मानुभूति
" कर्मेन्द्रियाँ जड पदार्थ से श्रेष्ठ है , मन इन्द्रियों से श्रेष्ठतर है , बुद्धि मन से भी श्रेष्ठतर है और वह (आत्मा) बुद्धि से भी बढकर है |" यह भगवद गीता के कौनसे अध्याय का कोनसा श्लोक है ?
३.२३
३.४१
३.४२
३.१२
विशुद्धता का अर्थ क्या है ?
शारीरिक उपाधियो से आत्मा की वास्तविक पहचान
भौतिक उपाधियो के बिना आत्मा की वास्तविक पहचान
शारीरिक उपाधियो के बिना आत्मा की वास्तविक पहचान
ब और क दोनों
"जीवन की आकांक्षाओ का लक्ष्य कभी भी इन्द्रियतृप्ति नहीं होना चाहिए | मनुष्यों को जीने की इच्छा केवल इसलिए करनी चाहिए क्योंकि मानव जीवन उसे परम सत्य की जिज्ञासा करने में समर्थ बनाता है | सभी कार्यो का यही लक्ष्य होना चाहिए |"
चैतन्य चरितामृत
श्रीमद - भागवतम
भगवद गीता
ब्रह्म सूत्र
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