Worksheetsनेताजी का चश्मा
Total questions: 34
Worksheet time: 17mins
नेताजी का चश्मा पाठ के लेखक कौन हैं?
प्रकाश स्वयं
स्वयं प्रकाश
सुदर्शन
सियारमशरण गुप्त
नेता जी की मूर्ति किसने बनाई थी ?
मूर्तिकार ने
प्रेमचंद ने
रामशंकर ने
मास्टर मोतीलाल ने
मूर्तिकार का नाम क्या था?
हीरालाल
जवाहरलाल
मोतीलाल
इनमें से कोई नही
मुर्ति पर चश्मा कौन बदलता था?
मूर्तिकार
पानवाला
कैप्टन
सभी
नेताजी की मूर्ति किससे बनी थी ?
संगमरमर
काले पत्थर
लोहे से
नगरपालिका के अधिकारी ने नेताजी की मूर्ति कहाँ लगवाई ?
बीच चौहारे पर
बीच बाजार में
नगरपालिका कार्यालय में
मूर्तिकार कौन था ?
राज्य का प्रमुख मूर्ति कलाकार
नगर का एक व्यक्ति
नगर के हाई स्कूल का ड्राइंग मास्टर |
मूर्ति में किस चीज की कमी थी ?
टोपी की
चश्मे की
कोट की
चश्मे बदलने का काम कौन करता था ?
मूर्तिकार
कैप्टन चश्मेवाला
हालदार साहब
कैप्टन को देखकर हालदार साहब को आश्चर्य हुआ क्यों?
वह बूढा , लंगड़ा और मरियल व्यक्ति था |
वह एक बच्चा था |
इसमें से कोई नहीं |
कैप्टन का मजाक किसने उड़ाया ?
बच्चों ने
हालदार साहब ने
पानवाले ने
नेताजी की मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा किसने लगाया था ?
हालदार साहब ने
पान वाले ने
बच्चों ने
एक दिन नेताजी की मूर्ति पर चश्मा नहीं था क्यों ?
क्योंकि कैप्टन मर गया था
क्योंकि कैप्टन चश्मा पहनाना भूल गया था |
क्योंकि चश्मा चोरी हो गया था |
सेनानी न होते हुए भी चश्मेवाले को लोग कैप्टन क्यों कहते थे ?
वह हमेशा सैनिक की ड्रेस पहने रहता था
उसने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया था
देश भक्ति भावना के कारण
ड्राइंग मास्टर का क्या नाम था -
मोती लाल
हालदार
मनोहर
पहली बार हालदार साहब ने मूर्ति को ध्यान से क्यों देखा -
प्रतिमा तांबे कि थी
मूर्ति का चश्मा असली था
प्रतिमा की नाक ठीक नहीं थी
एक दिन पानवाला क्यों दुखी था -
कैप्टन के मर जाने पर
प्रतिमा हटाये जाने पर
पान न बिकने पर
हालदार साहब ने ड्राइवर को पहले चौराहे पर गाड़ी रोकने के लिए मना किया था लेकिन बाद में तुरंत रोकने को कहा-क्यों
उन्हें कैप्टन चश्मे वाला नजर आया था
मूर्ति की आँखों पर उन्होंने गोगो चश्मा देखा था
मूर्ति की आँखों पर उन्होंने सरकंडे का चश्मा देखा था
उन्हें पान खाना था
मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या उम्मीद जगाता है?
कैप्टन चश्मे वाला बस्ती में लोगों के बीच में देशभक्ति का संचार करके गया था
लोगों में देशभक्ति की भावना खत्म नहीं हुई है
लोगों के पास साधनों की कमी हो सकती है, पर देशभक्ति की भावना की नहीं
उपर्युक्त सभी
वो लँगड़ा क्या जाएगा फ़ौज में। पागल है पागल!”
प्रस्तुत कथन का वक्ता और श्रोता कौन है?
वक्ता हालदार साहब , श्रोता कैप्टन चश्मे वाला
वक्ता कैप्टन चश्मे वाला, श्रोता हालदार साहब
वक्ता पानवाला, श्रोता हालदार साहब
वक्ता हालदार साहब , श्रोता पानवाला
'ऊहापोह' का समानार्थक शब्द है -
संकोच
अनिश्चय
विचार-विमर्श
दुविधा
महीने भर में मूर्ति बनाकर पटक देने में निहित भाव है-
आत्मविश्वास
दुविधा
व्यंग्य
उपेक्षा
हालदार साहब चौराहे पर पान खाने रुके तो उनके चेहरे पर मुस्कराहट फैल गई -
मूर्ति बहुत आकर्षक थी
मूर्ति को देखकर नेताजी के जीवन की अनेक घटनाएँ याद आने लगती थीं
नेताजी की मूर्ति पूरी नहीं थी
मूर्ति पर लगा चश्मा संगमरमर का न होकर चौड़े काले फ्रेम का असली चश्मा था
कैप्टन को क्या बात आहत करती थी ?
नेताजी की वक्ष तक की मूर्ति
मूर्ति का संगमरमर से बना होना
नेताजी की मूर्ति पर चश्मा न होना
मूर्ति का फौजी वर्दी में होना
महीने भर में मूर्ति बनाकर पटक देने में निहित भाव है-
आत्मविश्वास
दुविधा
व्यंग्य
उपेक्षा
'हृदयस्थली' का अर्थ है -
वक्षस्थल
केन्द्रीय स्थल
प्रसिद्ध बाज़ार
प्रसिद्ध स्थान
'हालदार साहब की आँखे भर आईं' क्योंकि-
उन्होंने मूर्ति की आँखों पर पत्थर का बना चश्मा लगा हुआ देखा
मूर्ति की आँखों पर नया कला चश्मा लगा था
मूर्ति की आँखों पर चश्मा नहीं लगा था
मूर्ति की आँखों पर सरकंडे से बना छोटा-सा चश्मा लगा था
रास्ता चलते लोग जीप की ओर देखने लगे, क्योंकि -
जीप की गति बहुत तेज़ थी
जीप अचानक रूक गई थी
ड्राइवर ने तेज़ी से ब्रेक मारे थे
जीप नई और बहुत सुंदर थी
कहानीकार क्या संदेश देते हैं
सत्य का
अच्छाई का
वीरता का
देशभक्ति का
कहानी का नायक कौन है
मास्टर
कैप्टन
पानवाला
हालदार साहब
हालदार साहब उस कस्बे से क्यों गुजरते थे
कंपनी के काम से
बाज़ार के काम से
पान खाने के लिए
चश्मा खरीदने के लिए
"यह तुम्हारा नेताजी का चश्मा हर बार बदल कैसे जाता है?" यह किसने कहा
नेताजी ने
हालदार साहब ने
पानवाले ने
नगरपालिका ने
पाठ में खुश मिजाज़ किसे बताया गया है?
पानवाले को
हालदार साहब को
चित्रकार को
मास्टर को
नेताजी की मूर्ति कहाँ स्थापित की गई थी ?
मुख्य बाजार में
चौराहे पर
मुख्य बाजार के चौराहे पर
नगरपालिका के पास
