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Worksheetsहिंदी साहित्य प्रश्नोत्तरी - BY EDUCATION CHOWRASTA YOUTUBE
Total questions: 15
Worksheet time: 11mins
शुक्ल जी के हिंदी साहित्य के इतिहास लेखन संबंधी गलत तथ्य है
इन्होंने जनता की चित्तवृत्ति को काल विभाजन का आधार बनाया।
इन्होंने सबसे पहले अपने इतिहास ग्रंथ में भक्तिकाल को हिंदी साहित्य का स्वर्ण युग माना है।
सिद्ध और नाथ साहित्य को साम्प्रदायिक कहकर साहित्य के क्षेत्र से बाहर कर दिया।
यह ग्रंथ पहले हिंदी शब्द सागर की भूमिका के रूप में लिखा गया ।
हिंदी साहित्य का प्रथम कालखण्ड को सिद्ध सामन्त युग किसने कहा ?
हजारी प्रसाद द्विवेदी
महावीर प्रसाद द्विवेदी
डॉ. गणपतिचंद्र गुप्त
राहुल सांकृत्यायन
'रेवन्तगिरि रास' - इस जैन ग्रंथ के कवि हैं-
आसगु
शालिभद्र सूरि
जिनधर्म सूरि
विजयसेन सूरि
रासो काव्य परंपरा के अंतर्गत आने वाले ग्रंथों की सूची में यह शामिल नहीं है-
चन्दनबाला रास
परमाल रासो
हम्मीर रासो
बुद्धि रासो
पृथ्वीराज रोसो के रचना विधान में सर्वाधिक विवादास्पद पक्ष है
प्रबंधात्मकता
पात्रों का नामकरण
भाषिक संरचना
ऐतिहासिकता
आदिकालीन लौकिक साहित्य की श्रेणी में सम्मिलित नहीं है -
वसन्त विलास
अमीर खुसरो की पहेलियाँ
जयमयंक जसचन्द्रिका
ढोला- मारू - रा - दूहा
मैथिली भाषा में मधुर पदों से पदावली लिखने के कारण इन्हें मैथिलि कोकिल कहा जाता है
अमीरखुसरो
विद्यापति
सूरदास
मीराबाई
भट्टकेदार की रचना है
जयचंद्र प्रकाश
जयमयंक जसचंद्रिका
हम्मीर रासो
विजयपाल रासो
ये जाति के चमार थे तथा रामानंद के बारह प्रधान शिष्यों में एक थे -
कबीर
रैदास
गुरुनानक
धर्मदास
निर्गुण भक्तिधारा के कवि ये नहीं है -
निश्चलदास
सुंदरदास
मलूकदास
कुम्भनदास
भक्ति साहित्य का प्रादुर्भाव सर्वप्रथम कहाँ हुआ ?
दक्षिणी भारत
पूर्वी भारत
पश्चिमी भारत
उत्तरी भारत
मुसलमान अनुयायी कबीरदास को किनका शिष्य मानते हैं ?
रामानंद
नूर मोहम्मद
मुइनुद्दीन चिश्ती
शेख तकी
हिंदी काव्य में भ्रमरगीत का मूलस्रोत है
विष्णु पुराण
रामायण
भागवत पुराण
गरुड पुराण
पुष्टिमार्ग का जहाज -
वल्लभाचार्य
विट्ठलनाथ
सूरदास
मध्वाचार्य
निम्न में भ्रमरगीत परंपरा का काव्य यह नहीं है-
उद्धव शतक - जगन्नाथदास रत्नाकर
प्रियप्रवास - हरिऔध
भ्रमरदूत - सत्यनारायण कविरत्न
रासपंचाध्यायी - नन्ददास
