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Worksheetsहिन्दी साहित्य कक्षा 5
Total questions: 25
Worksheet time: 15mins
भद्रसेन कौन था?
महाराज
बूढा किसान
चाणक्य
धोखेबाज
किसी के साथ धोखा या अन्याय करना कैसा होता है?
उचित होता है
अच्छा होता है
मजा आता है
अनुचित होता है
बुराई का परिणाम कैसा होता है?
अच्छा
सस्ता
बुरा
महंगा
भद्रसेन किसके पास अपना धन रख कर गया था?
राजा के
मंत्री के
चाणक्य के
शीलभद्र के
भद्रसेन अपना धन रख कर कहाँ गया था ?
तीर्थयात्रा
बाजार
रिश्तेदार के घर
ससुराल
भद्रसेन ने कितने सोने के सिक्के दिए थे?
दो हजार
चार हजार
तीन हजार
पाँच हजार
चंद्रगुप्त को निर्णय करना इतना मुश्किल क्यों था?
उनको जानकारी नहीं थी
वह निर्णय नहीं कर पाते
कोई साक्षी, कोई प्रमाण नहीं था।
भ्रष्टाचार अधिक था
शीलभद्र को भद्रसेन ने धन कहाँ दिया था?
मंदिर में
जंगल में
घर जाकर
मंदिर के बाहर पीपल के पेड़ के पास
चाणक्य ने भद्रसेन को किसे बुलाकर लाने को कहा?
मंदिर को
पेड़ को
सिक्कों को
गवाह को
शीलभद्र ने क्या बाद में पकड़े जाने पर क्या किया?
अपना सिर काट दिया।
भाग गया।
अपना अपराध मान लिया।
सभी विकल्प सही हैं।
कौन अपनी सूझ-बूझ के लिए लोगों में जाने-माने व्यक्ति बन चुका था?
ढाबे का मालिक
मुल्ला नसीरुद्दीन
बादशाह
सभी
मुल्ला नसीरुद्दीन ने कितने उबले अंडे खाए?
5
4
3
2
नसीरुद्दीन कितने महीने बाद अंडे के पैसे देने गए?
छ: - सात महीने बाद
सात-आठ महीने बाद
आठ-नौ महीने बाद
नौ-दस महीने बाद
मुल्ला नसीरुद्दीन के साथ अंडे खाने के बाद क्या हुआ?
पैसे देना पड़ा।
मजदूरी किया।
जेब खाली थी।
सभी सही उत्तर हैं।
ढाबे के मालिक ने नसीरुद्दीन से अंडे के कितने पैसे मांगे?
दो सौ
तीन सौ
चार सौ
एक हजार
दरबार में नसीरुद्दीन किस हालत में पहुँचे?
गिरते - पड़ते
परेशान से
करछी उठाए
सभी विकल्प सही हैं।
बादशाह ने नसीरुद्दीन को देखकर क्या कहा?
भाग जाओ।
फांसी दे दो।
जुर्म करके बचने की कोशिश कर रहे हो?
कुछ भी नहीं।
नसीरुद्दीन किस काम में बेहद मशगूल थे?
अंडे खाने में।
गेहूँ भूनने में।
पैसे देने में
भागने में।
नसीरुद्दीन कितना गेहूं उगाते थे?
एक बीघा
तीन बीघा
दो बीघा
चार बीघा
अगर भूने हुए बीजों से अंकुर नहीं निकल सकते, तो .....................................। इस पंक्ति को पूरा कीजिए।
पैसे कैसे दे।
उन्हें फेंक दे।
क्या उबले हुए अंडों से चूजे निकल सकते हैं।
न्याय कैसे दे रहे हैं।
नसीरुद्दीन की दलील पर क्या हुआ?
सभी भौचक्के रह गए।
ढाबे के मालिक को खुद जुर्माना देना पड़ा।
मुल्ला को ठगने की ख्वाहिश दबी ही रह गई।
सभी विकल्प सही हैं।
खेल किसका मूलमंत्र है ?
स्वास्थ्य का
बीमारी का
पैसे का
वेद का
जीवन की क्यारी कब महकेगी?
जब फूल खिलेंगे।
जब खेल बंद करोगे।
जब खेल साधक बन जाए।
जब पैसे हो जाए।
खेल क्या-क्या करता है?
प्रेम की नदी बहाता है।
नई दिशा में नए रास्ते बनाता है।
आगे बढ़ना सिखाता है।
सभी विकल्प सही हैं।
किसे कुछ नहीं मिलेगा?
जो हरदम रोता है।
जो घूमता है।
जो हरदम सोता है।
जो हरदम बैठा है।
