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Worksheetsनेताजी का चश्मा
Total questions: 50
Worksheet time: 25mins
हालदार साहब को कितने दिनों में कंपनी के काम से कस्बे से गुजरना पड़ता था?
चौदहवें दिन
पंद्रहवें दिन
हर ग्यारह दिन बाद
कुछ कह नहीं सकते।
गलत कथन चुनिए :
कस्बे के इकलौते हाई स्कूल के इकलौते ड्राइंग मास्टर को यह काम दिया गया
महीने भर में मूर्ति बनाकर पटक देने का विश्वास दिलाया गया।
मूर्ति बनाने के लिए चित्रकार की भी सहायता ली गई।
मूर्ति संगमरमर की थी
मूर्ति में एक कमी थी।वह थी ...............?
नेताजी की आंखों पर चश्मा था।
नेताजी की आंखों पर चश्मा नहीं था।
मूर्ति बहुत बड़ी थी।
नेताजी की मूर्ति में कोई कमी नहीं थी।
नेताजी से जुड़े दो नारे हैं :
दिल्ली चलो,तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा।
जय जवान जाए किसान
स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मै उसे लेकर ही रहूंगा
इन्कलाब जिंदबाद
पान वाले के बारे में क्या सही नहीं है?
वह काला मोटा और खुशमिजाज आदमी था
वह आंखों ही आंखों में हंसता था।
उसकी बत्तीसी लाल काली थी।
वह कैप्टन का बहुत सम्मान करता था।
सेनानी ना होते हुए भी चश्मे वाले को सभी कैप्टन कहते थे क्योंकि...........................?
वह नेताजी के व्यक्तित्व से अधिक प्रभावित था।
नेताजी की मूर्ति पर चश्मे का न होना उसे दुखी करता था।
देश समाज के प्रति व स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने वालों का सम्मान करने के कारण।
उपर्युक्त सभी।
हालदार साहब किस आदत से मजबुर थे?
जब भी चौराहा आता उनकी निगाहें नेताजी की मूर्ति की ओर उठ जाती।
उन्हें पान खाने की बुरी लत थी और वे पान वाले के आलवा किसी से भी पान खाना पसंद नहीं करते थे।
हालदार साहब बार बार नेताजी की मूर्ति के सामने खड़े होकर राष्ट्रगान गाते थे।
बातों को भूल जाने की आदत थी।
पानवाला उदास क्यों हो गया?
उसका पान नहीं बिक रहा था।
नेताजी की मूर्ति उसे अच्छी नहीं लगती थी।
नेताजी की आंखों पर चश्मा लगाने वाले कैप्टन की मृत्यु हो गई थी
उसकी तोंद अचानक से कम हो गई थी।
हालदार साहब और पान वाले के स्वभाव में क्या समानता थी?
पान वाला वा हालदार साहब दोनों ही कैप्टन की मृत्यु पर भावुक हो उठे थे।
दोनों की आंखों में आंसू आ गए थे।
दोनों ही सहृदय वा संवेदनशील थे।
उपर्युक्त सभी।
बच्चो द्वारा नेताजी की मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा लगाना संदेश देता है कि.............?
देश की भावी पीढ़ी में भी देशभक्ति की भावना है।
सभी देश वासियों को अपने मन में देश प्रेम और देश भक्ति को बहुत प्रबल रूप से समाए रखना है।
देश भक्ति समय आने पर स्वयं उमड़कर बाहर आ जाती है।
उपर्युक्त सभी।
पाठ और लेखक का नाम है ?
नेताजी का चश्मा,स्वयं प्रकाश
नेताजी का चस्मा,स्वयं प्रकस
नेटाजी के चस्मा ,स्वाम प्रकाश
पता नहीं।
मूर्तिकार का नाम था......?
मूर्तिकार मास्टर मोतिलाल
मूर्तिकार मास्टर मोतीलाल
मूर्तिकर मस्टर मोतीलाल
मूर्तिकार मास्टर मोटी लाल
मूर्ति की आंखों पर सरकंडे का चश्मा देखकर हालदार साहब ने क्या किया?
जीप नहीं रोकी
जीप से कूदकर तेज-तेज कदमों से मूर्ति की तरफ लपके और उसके ठीक सामने जाकर अटेंशन में खड़े हो गए।
सरकंडे का चश्मा उतारकर नया चश्मा लगा दिया।
देखें और चले गए।
हालदार साहब की आंखें भर आती हैं क्योंकि....................?
मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा था।
उन्होंने सोचा कि कस्बे में अब भी देशभक्ति है।
देश की भावी पीढ़ी में भी अपने देशभ नेताओं के प्रति सम्मान का भाव है।
उपर्युक्त सभी।
नेताजी की मूर्ति थी...............
शहर के मुख्य बाजार के मुख्य चौराहे पर।
शहर की नगरपालिका के मुख्य चौराहे पर।
शहर के मुख्य बाजार की ओर जाने वाली सड़क पर
कह नहीं सकता।
हालदार साहब पान वाले से जानना चाहते थे ?
पान का दाम
पान वाले की तोंद कैसे इतनी बड़ी हो गई।
चश्मे वाले को लोग कैप्टन क्यों कहते हैं?
कल पान की दुकान खुली रहेगी या नहीं
कैप्टन चश्मे वाले के बारे में क्या सही नहीं है ?
एक बेहद बूढ़ा मरियाल सा आदमी
सिर पर गांधी टोपी पहनता है।
आंखों पर काला चश्मा पहनता है।
पान वाले का मजाक उड़ाता है।
कितने साल तक हालदार साहब काम के सिल सिले में उस कस्बे से गुजरते रहे?
एक साल तक
दो साल तक
तीन साल तक
गुजरे ही नहीं,उसी कस्बे में रहने लगे।
कमसिन का अर्थ होगा ?
सुंदर
काम
कम अच्छा सीन
एक नाम।
नेता जी की मूर्ति पर चश्मा कौन लगाता था ?
कैप्टन
पानवाला
हालदार साहब
राम
नेताजी की मूर्ति किससे बनी थी ?
संगमरमर
काले पत्थर
लोहे से
मूर्तिकार कौन था ?
राज्य का प्रमुख मूर्ति कलाकार
नगर का एक व्यक्ति
नगर के हाई स्कूल का ड्राइंग मास्टर |
मूर्ति में किस चीज की कमी थी ?
टोपी की
चश्मे की
कोट की
चश्मे बदलने का काम कौन करता था ?
मूर्तिकार
कैप्टन चश्मेवाला
हालदार साहब
कैप्टन को देखकर हालदार साहब को आश्चर्य हुआ क्यों?
वह बूढा , लंगड़ा और मरियल व्यक्ति था |
वह एक बच्चा था |
इसमें से कोई नहीं |
कैप्टन का मजाक किसने उड़ाया ?
बच्चों ने
हालदार साहब ने
पानवाले ने
नेताजी की मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा किसने लगाया था ?
हालदार साहब ने
पान वाले ने
बच्चों ने
एक दिन नेताजी की मूर्ति पर चश्मा नहीं था क्यों ?
क्योंकि कैप्टन मर गया था
क्योंकि कैप्टन चश्मा पहनाना भूल गया था |
क्योंकि चश्मा चोरी हो गया था |
सेनानी न होते हुए भी चश्मेवाले को लोग कैप्टन क्यों कहते थे ?
वह हमेशा सैनिक की ड्रेस पहने रहता था
उसने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया था
देश भक्ति भावना के कारण
पहली बार हालदार साहब ने मूर्ति को ध्यान से क्यों देखा -
प्रतिमा तांबे कि थी
मूर्ति का चश्मा असली था
प्रतिमा की नाक ठीक नहीं थी
एक दिन पानवाला क्यों दुखी था -
कैप्टन के मर जाने पर
प्रतिमा हटाये जाने पर
पान न बिकने पर
हालदार साहब ने ड्राइवर को पहले चौराहे पर गाड़ी रोकने के लिए मना किया था लेकिन बाद में तुरंत रोकने को कहा-क्यों
उन्हें कैप्टन चश्मे वाला नजर आया था
मूर्ति की आँखों पर उन्होंने गोगो चश्मा देखा था
मूर्ति की आँखों पर उन्होंने सरकंडे का चश्मा देखा था
उन्हें पान खाना था
मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या उम्मीद जगाता है?
कैप्टन चश्मे वाला बस्ती में लोगों के बीच में देशभक्ति का संचार करके गया था
लोगों में देशभक्ति की भावना खत्म नहीं हुई है
लोगों के पास साधनों की कमी हो सकती है, पर देशभक्ति की भावना की नहीं
उपर्युक्त सभी
वो लँगड़ा क्या जाएगा फ़ौज में। पागल है पागल!”
प्रस्तुत कथन का वक्ता और श्रोता कौन है?
वक्ता हालदार साहब , श्रोता कैप्टन चश्मे वाला
वक्ता कैप्टन चश्मे वाला, श्रोता हालदार साहब
वक्ता पानवाला, श्रोता हालदार साहब
वक्ता हालदार साहब , श्रोता पानवाला
'ऊहापोह' का समानार्थक शब्द है -
संकोच
अनिश्चय
विचार-विमर्श
दुविधा
महीने भर में मूर्ति बनाकर पटक देने में निहित भाव है-
आत्मविश्वास
दुविधा
व्यंग्य
उपेक्षा
हालदार साहब चौराहे पर पान खाने रुके तो उनके चेहरे पर मुस्कराहट फैल गई -
मूर्ति बहुत आकर्षक थी
मूर्ति को देखकर नेताजी के जीवन की अनेक घटनाएँ याद आने लगती थीं
नेताजी की मूर्ति पूरी नहीं थी
मूर्ति पर लगा चश्मा संगमरमर का न होकर चौड़े काले फ्रेम का असली चश्मा था
कैप्टन को क्या बात आहत करती थी ?
नेताजी की वक्ष तक की मूर्ति
मूर्ति का संगमरमर से बना होना
नेताजी की मूर्ति पर चश्मा न होना
मूर्ति का फौजी वर्दी में होना
'हृदयस्थली' का अर्थ है -
वक्षस्थल
केन्द्रीय स्थल
प्रसिद्ध बाज़ार
प्रसिद्ध स्थान
'हालदार साहब की आँखे भर आईं' क्योंकि-
उन्होंने मूर्ति की आँखों पर पत्थर का बना चश्मा लगा हुआ देखा
मूर्ति की आँखों पर नया कला चश्मा लगा था
मूर्ति की आँखों पर चश्मा नहीं लगा था
मूर्ति की आँखों पर सरकंडे से बना छोटा-सा चश्मा लगा था
रास्ता चलते लोग जीप की ओर देखने लगे, क्योंकि -
जीप की गति बहुत तेज़ थी
जीप अचानक रूक गई थी
ड्राइवर ने तेज़ी से ब्रेक मारे थे
जीप नई और बहुत सुंदर थी
कहानीकार क्या संदेश देते हैं
सत्य का
अच्छाई का
वीरता का
देशभक्ति का
हालदार साहब उस कस्बे से क्यों गुजरते थे
कंपनी के काम से
बाज़ार के काम से
पान खाने के लिए
चश्मा खरीदने के लिए
"यह तुम्हारा नेताजी का चश्मा हर बार बदल कैसे जाता है?" यह किसने कहा
नेताजी ने
हालदार साहब ने
पानवाले ने
नगरपालिका ने
पाठ में खुश मिजाज़ किसे बताया गया है?
पानवाले को
हालदार साहब को
चित्रकार को
मास्टर को
चश्मावाला कैसे चश्मे बेचता था?
अपनी दूकान से
घुमकर
चौराहे पर बैठ कर
सभी सही
कप्तान चश्मावाला ने हमेशा नेताजी की मूर्ति पर चश्मा क्यों लगाया?
मजे के लिए
वह चश्मे के बिना नेताजी को देख नहीं सकता था
उन्होंने अपने सभी चश्मे का आकार नेताजी पर आज़माया
लोगों का मनोरंजन करने के लिए
हालदार साहब चौराहे पर पान खाने रुके तो उनके चेहरे पर मुस्कराहट फैल गई -
मूर्ति बहुत आकर्षक थी
मूर्ति को देखकर नेताजी के जीवन की अनेक घटनाएँ याद आने लगती थीं
नेताजी की मूर्ति पूरी नहीं थी
मूर्ति पर लगा चश्मा संगमरमर का न होकर चौड़े काले फ्रेम का असली चश्मा था
हालदार साहब दुखी थे-
शहीदों के त्याग-बलिदान की हँसी उड़ाने वाली कौम के भविष्य के बारे में सोचकर
नेताजी की प्रतिमा पर चश्मा न लगा होने से
भारत में बढ़ती हुई अराजकता के बारे में सोचकर
देश में बढ़ती हुई आतंकवादी घटनाओं पर विचार करके
कस्बे में कितने बाजार थे?
1
2
3
अनेक
