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Worksheetsकबीर की साखियाँ
Total questions: 5
Worksheet time: 5mins
जाति न पूछो साध की, पूछ लीजिए ज्ञान।
मोल करो तरवार का, पड़ा रहन दो म्यान॥
दोहे के अनुसार साधु की जाति नहीं पूछनी चाहिए | इस कथन के आधार पर गलत विकल्प का चयन कीजिए |
दोहे के अनुसार साधु की जाति नहीं पूछनी चाहिए क्यों कि साधु हमेशा जाति से ऊपर होता है |
दोहे के अनुसार साधु की जाति नहीं पूछनी चाहिए क्यों कि साधु समाज को सही आइना नहीं दिखाते हैं
दोहे के अनुसार साधु की जाति नहीं पूछनी चाहिए क्योंकि साधु चाहे किसी भी जाति का हो हमें केवल उसके ज्ञान को प्राप्त करने का प्रयास ही नहीं करना चाहिए। अपितु सम्मान भी करना चाहिए |
क्यों कि सत्य एवं साधु हमेशा ईश्वर के करीब होते हैं
माला तो कर में फिरे, जीभि फिरै मुख माँहि ।
मनुवाँ तो दहुँ दिसि फिरै, यह तौ सुमिरन नाहिं ॥
इस दोहे के आधार पर मन को वस में रखना अनिवार्य है- वरना भजन का कोई अर्थ नहीं-
आप इस बात से सहमत हैं -
आप इस बात से कम सहमत हैं
बिल्कुल भी सहमत नहीं हैं
आप इस बात से पूर्ण रूप से सहमत हैं
कबीर घास न नीदिए, जो पाऊँ तलि होइ।
उड़ि पड़े जब आँखि मैं, खरी दुहेली होइ॥
घास का तिनका किसका प्रतीक है।
घास का तिनकावीर एवं तनासाही व्यक्ति का प्रतीक है।
घास का तिनकापरोपकारी एवंकर्मनिष्ठ व्यक्ति का प्रतीक है।
घास का तिनका कमज़ोर एवं धनी व्यक्ति का प्रतीक है।
घास का तिनका कमज़ोर एवं असहाय व्यक्ति का प्रतीक है।
जग में बैरी कोइ नहीं, जो मन सीतल होय।
या आपा को डारि दे, दया करै सब कोय॥
मनुष्य का मन कैसा होना चाहिए?
मनुष्य का मन शीतल, निर्मल और शांत होना चाहिए | अर्थात् अहंकार मुक्त होना चाहिए |
मनुष्य का मन शीतल, निर्मल और शांत होना नहीं चाहिए | अर्थात् घमंडी की उपमा से नीचे होना चाहिए |
मनुष्य का मन शीतल, निर्मल और शांत होना चाहिए | अर्थात् अहंकार युक्त होना चाहिए \
मनुष्य का मन शीतल, निर्मल और शांत होना चाहिए | अर्थात् सदाबहार हो परंतु चिंता करने वाला होना चाहिए |
सखियाँ - साखियाँ का अर्थ है-
समाज - प्रत्यक्ष ज्ञान
प्रत्यक्ष ज्ञान- समंदर
सहेलियाँ - प्रत्यक्ष ज्ञान
उपरोक्त सभी
