NEW
Font size
Worksheetsअलंकार_X
Total questions: 25
Worksheet time: 25mins
तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर छाए में कौन सा अलंकार है?
यमक
अनुप्रास
उत्प्रेक्षा
उपमा
चरण कमल बंदौ हरिराई में कौन सा अलंकार है
श्लेष
उपमा
रूपक
अतिश्योक्ति
भारत के सम भारत है में कौन-सा अलंकार है ?
रूपक
अनन्वय
उपमा
यमक
जहाँ उपमेय में अनेक उपमानों की शंका होती है | यहाँ कौन सा अलंकार होता है ?
यमक
श्लेष
भ्रांतिमान
संदेह
रहिमन जो गति दीप की, कुल कपूत गति सोय। बारे उजियारै लगै, बढै अंधेरो होय।।प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है ?
उपमा
रूपक
श्लेष
यमक
नहिं पराग नहिं मधुर मधु, नहिं विकास इहि काल। अली कली ही सौं बिध्यौं, आगे कौन हवाल।। प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है ?
रूपक
विशेषोक्ति
अन्योक्ति
अतिशयोक्ति
अति मलीन वृषभानुकुमारी। अधोमुख रहित, उरध नहिं चितवत, ज्यों गथ हारे थकित जुआरी। छूटे चिहुर बदन कुम्हिलानो, ज्यों नलिनी हिमकर की मारी।। प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है ?
अनुप्रास
उत्प्रेक्षा
रूपक
उपमा
तीन बेर खाती थी वे तीन बेर खाती है में कौन-सा अलंकार है ?
अनुप्रास
श्लेष
यमक
उत्प्रेक्षा
दिवसावसान का समय मेघमय आसमान से उतर रही है वह संध्या-सुन्दरी परी सी धीरे-धीरे-धीरे। प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है ?
रूपक
उपमा
श्लेष
अनुप्रास
कनक कनक ते सौ गुनी मादकता अधिकाय | या खाए बौराए जग, वा पाए बौराए। प्रस्तुत पंक्तियों में कौन सा अलंकार है ?
उपमा
यमक
अनुप्रास
श्लेष
शांत रस का स्थाई भाव है-
निर्वेद
अद्भुत
वीर
श्रृंगार
"एक और अजगर ही लखि, एक और मृगराज, विकल बटोही बीच ही परयों मूर्छा खाय।"-
इन पंक्तियों में कौन-सा रस है?
अद्भुत
भयानक
रौद्र
हास्य
प्रिय पति वह मेरा प्राण प्यारा कहाँ है, दुःख-जलनिधि-डूबी सहारा कहाँ है?
इन पंक्तियों में कौन सा स्थायी भाव है
विस्मय
रति
शोक
क्रोध
हिन्दी साहित्य का नौवां रस कौन-सा है?
भक्ति
वत्सल
शांत
करुण रस
मेरे तो गिरिधर गोपाल दुसरो न कोई| जाके सिर मोर मुकुट मेरो पति सोई |
इन पंक्तियों में कौन -सा रस है ?
शांत
श्रृंगार रस
करुण रस
हास्य
सर्वश्रेष्ठ रस किसे माना जाता है?
रौद्र रस
श्रृंगार रस
करुण रस
वीर रस
उस काल कारे क्रोध के, तन कांपने उसका लगा | मानो हवा के जोर से, सोता हुआ सागर जगा ||
प्रस्तुत पंक्तियों में कौन -सा रस है?
वीर रस
रौद्र रस
अद्भुत रस
करुण रस
वीर रस का स्थायी भाव क्या होता है ?
रति
उत्साह
हास्य
क्रोध
किलक अरे मैं नेह निहारूं | इन दाँतो पर मोती वारूँ| इन पंक्तियों में कौन-सा रस है ?
वीर
शांत
वात्सल्य
हास
भाव जिसके हदय में रहते है’ उसे ------------कहते है ?
आश्रय
आलंबन
उद्दीपन
आलंबन जन्य उद्दीपन
निम्नलिखित प्रश्न में रस का नाम बताये
मैं सत्य कहता हूँ सखे, सुकुमार मत जानो मुझे |यमराज से भी युद्ध में प्रस्तुत सदा मानो मुझे ||
वीर रस
संयोग रस
शांत रस
करुण रस
निम्नलिखित प्रश्न में रस का नाम बताये
रे नृप बालक काल बस बोलत तेहि न संभार |
धनु ही सम त्रिपुरारि |धनु विदित सकल संसार |
वियोग रस
रौद्र रस
संयोग रस
करुण रस
निम्नलिखित प्रश्न में रस का नाम बताये
पायो जी म्हें तो राम- रतन धन पायो |वस्तु अमोलक दी मेरे सतगुरु, करि किरपा अपणायो
शांत रस
भक्ति रस
अद्भुत रस
वात्सल्य रस
निम्नलिखित प्रश्न में रस का नाम बताये
उठो लाल अब आँखें खोलो पानी लाइ हूँ मुँह धो लो |
शांत रस
वात्सल्य रस
भक्ति रस )
अद्भुत रस
बुंदेले हर बोलो के मुख हमने सुनी कहानी थी।
खूब लड़ी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी थी।।
वीर रस
संयोग रस
शांत रस
करुण रस
