Worksheetsधर्म की आड़
Total questions: 40
Worksheet time: 20mins
देश में किसकी धूम है -
धर्म की
कर्म की
संपत्ति की
'उबल पड़ना' मुहावरे का अर्थ है -
अत्यधिक क्रोध करना
क्रोध करना
अवरोथ उत्पन्न करना
धर्म के नाम पर जिद क्यों की जाती है -
धर्म का विषय बड़ा संवेदनशील है |
धर्म का विषय बड़ा असंवेदनशील है |
धर्म का विषय बड़ा रोचक है |
भारत देश में किसकी मार है -
बुद्धि की मार
धन की मार
आत्मा की मार
मजहबी पागलपन का अर्थ है -
अपने धर्म के प्रति श्रद्धा
अपने धर्म के प्रति अंधी श्रद्धा
धार्मिक अन्धविश्वास
'धर्म की आड़ 'पाठ के लेखक हैं -
गणेश शंकर विद्यार्थी
राम शंकर विद्यार्थी
काका कालेलकर
धर्म के स्पष्ट चिन्ह क्या है -
शुद्ध आचरण व सदाचार
शुद्ध आचरण
सदाचार
धर्म के व्यापार कैसे रोका जा सकता है -
साहस और दृढ़ता के साथ
साहस और वीरता के साथ
साहस और शौर्य के साथ
............... धर्म को सर्वत्र स्थान देते हैं -
जवाहर लाल नेहरू
महात्मा गांधी
इंदिरा गांधी
आज धर्म के नाम पर क्या- क्या हो रहा है -
दंगे और उत्पात
शांति व सदभाव
शोषण
किसके नाम पर लोग जान लेने और देने के लिए तैयार हो जाते हैं?
परिवार के
समाज के
देश के
धर्म के
लेखक किन लोगों को अच्छा मानता है?
धार्मिक लोगों को
अमीर लोगों को
नास्तिक लोगों को
इनमें से कोई नहीं
धर्म और ईमान की रक्षा के लिए प्राण तक देना कौन उचित मानते हैं?
नेता
आम आदमी
पुजारी
गरीब
गणेश शंकर विद्यार्थी का जन्म कब हुआ था ?
1891 ग्वालियर
1861 भोपाल
1871 इंदौर
1881 जबलपुर
चालाक लोग कैसे लोगों से फायदा उठाते हैं ?
शिक्षित
अनपढ़
जो लकीर पीटने को धर्म समझते हैं
उपद्रवी
धर्म क्या है ?
प्राणिमात्र की सेवा करना
ईमानदारी से जीवन बिताना
परमार्थ पर बल देना
उपर्युक्त सभी
लेखक ने किस बात पर बल दिया है ?
शंख बजाना
शुद्धाचरण रखना
खूब जप तप करना
आरती करना
साधारण लोगों की किस बात का चालाक लोग बहुत गलत फ़ायदा उठा रहे हैं?
धर्म की रक्षा
सच्चाई की रक्षा
धर्म और सच्चाई की रक्षा
ईमान की रक्षा
पाश्चात्य देशों में, धनी लोगों की क्या चीज़ गरीब मज़दूरों की झोंपड़ी का मज़ाक उड़ाती हैं?
सच्चाई
ईमान
धन
ऊँचे-ऊँचे मकान
आज देश में बढ़ने वाले झगड़ों का क्या कारण है?
सच्चाई
खुरापात
धर्म
ईमान
लेखक के अनुसार किसके लिए इस देश में कोई भी स्थान नहीं होना चाहिए?
सच्चाई के लिए
खुरापात के लिए
धर्म के लिए
दो भिन्न धर्मों के मानने वालों के टकरा जाने के लिए
लेखक के अनुसार स्वतंत्रता के क्षेत्र में क्या गलती हुई?
सच्चाई को स्थान देना
धर्माचार्यों या मौलवियों को स्थान देना
धर्म को स्थान देना
ईमान को स्थान देना
सबसे सर्वश्रेष्ठ किसे कहा गया है?
सच्चाई को
खुरापात को
धर्म को
अच्छे आचरण को
आज देश में लोगों को किस तरह वश में किया जाता है?
सच्चाई से
धन से
धर्म से और ईमान के नाम पर
ईमान से
सबके कल्याण हेतु किसे सुधारना आवश्यक है
(a) समाज को
(b) आचरण को
(c) धार्मिक दशा को
(d) इन में से कोई नही
सबसे सर्वश्रेष्ठ किसे कहा गया है?
सच्चाई को
खुरापात को
धर्म को
अच्छे आचरण को
आनेवाला समय किस प्रकार के धर्म को नहीं टिकने देगा?
आडंबरपूर्ण धर्म
परोपकार करने वाले
आत्मा को शुद्ध करने वाले
इनमें से कोई नहीं
खिलाफ़त का अर्थ क्या है ?
खलीफा का पद
खलीफा का कर्म
खलीफा का धर्म
क्या धर्म की उपासना के मार्ग में कोई भी रूकावट आनी चाहिए ?
हाँ
नहीं
मूर्ख व्यक्ति किसकी दुहाई देते रहते हैं ?
परिवार की
समाज की
धर्म की
इनमें से कोई नहीं
धर्म के नाम पर उन्मादी लोग क्या कुछ करने को तैयार रहते हैं ?
वे परोपकार के लिए अपना सब कुछ लोटा देते हैं
वे अपनी सारि संपत्ति दान कर देते हैं
वे अपने प्राण देने से नहीं घबराते
वे लोगो को प्राण दान देते हैं
'धर्म की आड़' पाठ मैं लेखक ने किन लोगो को बेनकाब किया हैं
जो धर्म की आड़ मैं कुटिल चालें चलते हैं
जो धर्म की आड़ को लेकर अपना स्वार्थ सिद्ध करते हैं
उपर्युक्त दोनों कथन सत्य हैं
लेखक के विचार कितने कारगर सिद्ध हो सकते हैं ?
लेखक के विचारो का अनुसरण करके मानवता का कल्याण हो सकता हैं
धर्म को बढ़ावा मिल सकता हैं
उपर्युक्त दोनों कथन सत्य हैं
आज देश में बढ़ने वाले झगड़ों का क्या कारण है?
मूर्खता
बिना सोचे-समझे अनुसरण करना
धर्म में आंधी आस्था
उपर्युक्त सभी
लेखक के अनुसार धर्म का स्वरूप कैसा होना चाहिए ?
मंदिर में आरती करना
ऊँची ऊँची आवाज़ में लाउडस्पीकर बजाना
गरीबों को भोजन खिलाना
धर्म, आत्मा व ईश्वर के बईच का संबंध होना चाहिए |
मौलाना आज़ाद और शंकराचार्य कौन थे ?
समाज सेवक
धार्मिक नेता
शिक्षक
राजनेता
धर्म की आड़ में '- पाठ में लेखक ने किन लोगों को बेनकाब किया है ?
जो धर्म की आड़ में कुटिल चालें चलते हैं
जो धर्म की आड़ में अपना स्वार्थ सिद्ध करते हैं
जो धर्म की आड़ लेकर सांप्रदायिकता फैलाते हैं
उपर्युक्त सभी कथन सही हैं
धर्म के नाम पर उन्मादी लोग क्या कुछ करने के लिए तैयार रहते हैं ?
वे परोपकार के लिए अपना सअब कुछ लूटा देते हैं
वे अपनी सारी संपत्ति दान कार देते हैं
वे लोगों को प्राण दान देते हैं
वे अपने प्राण देने से नहीं घबराते
लेखक के विचार कितने कारगर साबित हो सकते हैं ?
लेखक के विचारों का अनुसरण करके मानव मात्र का कल्याण हो सकता है |
धर्म को बढ़ावा मिल सकता है
समाज में सांप्रदायिकता समाप्त हो सकती है
ऊपर लिखे सभी कथन सही हैं
धर्म क्या है ?
प्राणीमात्र की सेवा करना
ईमानदारी से जीवन बिताना
परमार्थ पर बल देना
उपर्युक्त सभी
