Worksheetsव्याकरण पुनरावृत्ति
Total questions: 32
Worksheet time: 16mins
क्रोध की अधिकता से किस रस की निष्पत्ति होती है
वीर वीर रस
रौद्र रस
भयानक
करुण रस
रस को कहा जाता है |
वाक्य
काव्य की आत्मा
व्याकरण की आत्मा
रस के अंग होते है|
9
6
4
रस की संख्या मानी गई है |
9
13
16
स्थायी भाव का अर्थ है |
आलम्बन
विभाव
प्रधान भाव
विभाव के प्रकार होते है|
2
4
6
स्थायी भाव की उत्पत्ति के कारण को कहते है |
विभाव
अनुभाव
संचारी भाव
वाणी तथा अंगों के द्वारा प्रकट भाव कहलाता है|
विभाव
अनुभाव
स्थायी भाव
संचारी भावों की संख्या मानी गई है|
13
33
43
संचारी भाव का दूसरा नाम है |
आलम्बन
अनुभाव
व्यभिचारी भाव
शोक स्ठायी भाव का रस है |
करुण रस
रौद्र रस
शांत रस
जेहि दिसि बैठे नारद फूली |सो दिसि तेहि न विलोकी भूली |पुनि पुनि मुनि उकसहिं अकुलाहीं |देखि दसा हरिगन मुसकाहीं | --पंक्तियों में रस है|
श्रृंगार रस
संयोग श्रृंगार रस
हास्य रस
मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरों न कोय |- पंक्तियों में रस है|
शांत रस
श्रृंगार रस
भक्ति रस
माँ जब जब तुम अकुलओगी | हम शीश कटाने आएँगे | पंक्तियों में रस है|
करुण रस
वात्सल्य रस
वीर रस
निसिदिन बरसत नयन हमारे,
सदा रहति पावस ऋतु हम पै जब ते स्याम सिधारे॥ पंक्तियों में रस है |
संयोग श्रृंगार
वियोग श्रृंगार
करुण रस
वह खून कहो किस मतलब का जिसमे उबाल का नाम नहीं,
वह खून कहो किस मतलब का आ सके देश के काम नहीं.---पंक्तियों
में रस है |
वीर रस
रौद्र रस
करुण रस
मैया मोरी मैं नहिं माखन खायो।
भोर भयो गैयन के पाछे मधुवन मोहि पठायो।--पंक्तियों में रस है |
वात्सल्य रस
करुण रस
भक्ति रस
ईश्वर हमारी सहायता करता है
भाववाच्य
कर्तृवाच्य
कर्मवाच्य
चित्रकार द्वारा चित्र बनाया जाता है |
कर्मवाच्य
भाववाच्य
कर्तृवाच्य
दरज़ी से सिला नहीं जाता |
कर्मवाच्य
भाववाच्य
कर्तृवाच्य
सूरदास ने सूरसागर की रचना की । इस वाक्य में सूरदास का पद परिचय है?
जातिवाचक संज्ञा, एकवचन,पुल्लिंग,संबंधकारक,
व्यक्ति वाचक संज्ञा, एकवचन,पुल्लिंग,संबंधकारक,
व्यक्ति वाचक संज्ञा, एकवचन,पुल्लिंग, कर्ता कारक,
जातिवाचक संज्ञा, एकवचन,पुल्लिंग, कर्ता कारक,
हमारा देश महान है। इस वाक्य में महान शब्द का पद परिचय होगा
गुणवाचक विशेषण, पुल्लिंग, एकवचन, देश विशेष्य
गुणवाचक क्रिया विशेषण, पुल्लिंग, एकवचन, देश विशेष्य
रीतिवाचक विशेषण, पुल्लिंग, एकवचन, देश विशेष्य
गुणवाचक विशेषण, स्त्रीलिंग, एकवचन, देश विशेष्य
'रंग-बिरंगे फूल देखकर मन प्रसन्न हो गया।' रंग-बिरंगे का पद परिचय होगा?
संख्यावाचक विशेषण,एकवचन, पुल्लिंग, फूल विशेष्य का विशेषण
गुणवाचक विशेषण, बहुवचन, पुल्लिंग, फूल विशेष्य का विशेषण
गुणवाचक विशेषण, एकवचन, पुल्लिंग, फूल विशेष्य का विशेषण
गुणवाचक विशेषण, एकवचन, स्त्रील्लिंग, फूल विशेष्य का विशेषण
प्रधानाचार्य ने आपको बुलाया है। - आपको का पद परिचय है?
मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम, स्त्रीलिंग, बहुवचन, कर्ता कारक।
निजवाचक सर्वनाम, पुल्लिंग, एकवचन, कर्ता कारक।
मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम, स्त्रीलिंग/पुल्लिंग, एकवचन, कर्म कारक।
उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम, स्त्रीलिंग/पुल्लिंग, एकवचन, कर्म कारक।
रमा पत्र लिखती है। पत्र का पद परिचय
व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्मकारक
व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, स्त्रीलिंग, कर्मकारक
व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, स्त्रीलिंग, कर्ताकारक
जातिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्मकारक
शाबाश! तुमने तो कमाल कर दिया। शाबाश का पद परिचय
अव्यय, विस्मायादिबोधक, हर्षसूचक
अव्यय, विस्मायादिबोधक, आश्चर्यसूचक
अव्यय, विस्मायादिबोधक, व्यंग्यबोधक
अव्यय, विस्मायादिबोधक, प्रश्नबोधक
वह खाना बनाते हुए बात कर रही थी
सरल वाक्य
संयुक्त वाक्य
मिश्र वाक्य
पिताजी ने वह मकान बेच दिया जो पुराना हो गया था
संज्ञा उपवाक्य
विशेषण उपवाक्य
क्रियाविशेषण उपवाक्य
देशप्रेम की भावना का कोई गीत गाओ
सरल वाक्य
संयुक्त वाक्य
मिश्र वाक्य
जैसे तुमने बोला है वैसे कोई नहीं बोलता
संज्ञा उपवाक्य
विशेषण उपवाक्य
क्रियाविशेषण उपवाक्य
गोमती घर पहुंची तो बेटी रो रही थी
सरल वाक्य
संयुक्त वाक्य
विशेषण उपवाक्य
जो ईमानदार है ,वह किसी से नहीं डरता
सरल वाक्य
संयुक्त वाक्य
मिश्र वाक्य
